उन्नाव: ट्रेन में यात्रियों को मिलेगा शुद्ध जल

उन्नाव: ट्रेन में यात्रियों को मिलेगा शुद्ध जलउन्नाव जंक्शन।

नवीन द्धिवेदी, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क
उन्नाव5। रेलवे, यात्रियों को बेहतर व हाईटेक सफर देने के साथ ही सेहत के प्रति भी फिक्रमंद नजर आ रहा है। इस कड़ी में ओवरहेड टैंकों के पानी की शुद्धता के लिए जवाबदेही तय की है। रेलवे के मुताबिक, अब ओवरहेड टैंक के पानी में क्लोरीन की मात्रा की हर दिन जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट मंडलीय कार्यालय को भेजनी होगी। वहीं हर माह पानी में फ्लोराइड का रासायनिक परीक्षण भी होगा, जिसकी रिपोर्ट सीएमडी दिल्ली को जाएगी। स्थानीय अधिकारी पानी की शुद्धता को लेकर सजग हो गए हैं।
माडल रेलवे स्टेशन से हर दिन औसतन पांच से सात हजार यात्री रेल सफर तय करते हैं। हजारों यात्रियों की प्यास बुझाने को प्लेटफार्म नंबर 2,3 व 4 पर 5 ओवरहेड टैंक लगे हैं। इन ओवरहेड टैंकों से होने वाली वाटर सप्लाई में शुद्धता की गारंटी को लेकर यात्रियों के मन में कहीं न कहीं असमंजस के हालात बने हैं। जिससे यात्री ओवरहेड टैंक का पानी पीने से तौबा करने में बेहतरी समझ रहे हैं। रेलमंत्री ने रेल यात्रियों को पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का विशेष अभियान चलाया है। अब इन ओवरहेड टैंकों में हो रही वाटर सप्लाई में क्लोरीन की हर दिन विशेष जांच होगी। इसके अलावा हफ्ते में दो बार पानी में हानिकारक बैक्टीरिया की भी जांच कराई जाएगी।

ये भी पढ़े- किसानों की आय बढ़ाने में मददगार बन रहा ‘फार्मर फर्स्ट’

रेल मंत्रालय यात्रियों की हर सुविधा के लिए फिक्रमंद हैं। अब प्लेटफार्म पर लगे ओवरहेड टैंकों से हो रही वाटर सप्लाई की डेली मानीटरिंग के निर्देश मिले हैं। पानी में अवशेष क्लोरीन मात्रा हर दिन जांची जाएगी, जिसकी रिपोर्ट लखनऊ मंडल चिकित्सा अधिकारी को देनी होगी। वहीं पानी में फ्लोराइड़ का रासायनिक परीक्षण कराने की व्यवस्था लागू की गई है।
ज्योत्सना शुक्ला, स्वास्थ निरीक्षक, मॉडल रेलवे स्टेशन उन्नाव

पानी में फ्लोराइड़ का होगा रासायनिक परीक्षण

पानी में फ्लोराइड की बढ़ती मात्रा से लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। फ्लोराइड की समस्या को रेलवे ने भी गंभीरता से लिया है। ओवरहेड टैंकों से हो रही वाटर सप्लाई में क्लोरीन की मात्रा के साथ ही फ्लोराइड का रासायनिक परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद पानी का नमूना रेलवे के चीफ मेडिकल डायरेक्टर दिल्ली को भेजा जाएगा, जिसकी विशेष लैब में जांच के बाद पानी की शुद्धता को क्लीन चिट मिलेगी।

ये भी पढ़े- जीएम सरसों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कोई फैसला नहीं, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top