लाल खून का काला कारोबार : नाबालिगों का खून निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश

लाल खून का काला कारोबार  : नाबालिगों का खून निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाशपीलीभीत का एस. एस. हॉस्पिटल

पीलीभीत। कहा जाता है रक्त दान सबसे बड़ा दान है। आपका दिया हुआ एक यूनिट खून कई लोगों की जिंदगी बचाता है। दुनिया तो दूर की बात है अकेले भारत में वक्त पर खून न मिलने से हर साल सैकडो़ं मरीजों की जान चली जाती है। लेकिन कुछ लोग इस लाल खून का काला कारोबार कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है तो नाबालिग बच्चों को बरगला कर, उन्हें पैसों का लालच देकर खून निकालता था फिर उसे मोटी कीमत पर अस्पतालों में बेचता था। पीलीभीत पुलिस ने एक व्यक्ति को रंगे हाथों नाबालिग लड़के का खून निकालते पकड़ कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया है। ये जो तरीके अपनाते थे वो काफी जानलेवा थे।

जिस वक्त पुलिस ने छापेमारी की आरोपी एक और लड़के का भी खून निकालने की तैयारी थी। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। शहर के नामी डॉक्टरों के खिलाफ खून के इस खेल में मुकदमा दर्ज किया गया है। शुक्रवार की शाम को शहर कोतवाल देशपाल सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शेर मोहम्मद में एक मकान में अवैध रूप से कुछ लोग खून निकालने का कारोबार करते है। इस समय भी दो नाबालिग बच्चों का खून निकालने की तैयारी है।

एस. एस. हॉस्पिटल के डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

शहर कोतवाल देशपाल सिंह बताते हैं, "छापेमारी के दौरान जकिर को गिरफ्तार किया गया था। निशानदेही पर आज पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एस. एस हास्पिटल के डॉक्टर डॉ. एस के अग्रवाल एवं अन्य अस्पतालों के कुछ डॉक्टरों के खिलाफ अपराध संख्या 330/17, 18/27 में मुकदमा दर्ज किया गया है।"

आठ लोगों के खिलाफ किया गया है मुकदमा दर्ज

पीलीभीत के अपर पुलिस अधीक्षक रोहित मिश्रा बताते हैं, "आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जाकिर अपने घर पर ही खून का ये गोरख धंधा चलाता था। वहां से एस. एस. हॉस्पिटल के कर्मचारी शिवकुमार अग्रवाल अपने ही हॉस्पिटल में खून की ब्रिक्री किया करते थे। शिवकुमार अग्रवाल के साथ-साथ कई हॉस्पिटल के डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।"

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ऐसे चलता है खून का खेल

एस. एस. हॉस्पिटल का मुख्य कर्मचारी जाकिर खून निकवाता था, राजेश उसको ले कर जाता था। ये लोग खून के पुराने बैगों में ही खून निकालकर रखते थे। इस अवैध ब्लड कैंप में जो भी खून इकट्ठा होता था वो ऊंचे दामों पर शहर के सबसे बड़े अस्पताल एस. एस. हॉस्पिटल में ही बेचा जाता था।

मुख्य अरोपी जाकिर पुलिस गिरफ्त में

शहर के नामी हॉस्पिटल में बेचा जाता है खून

कोतवाल देशपाल सिंह ने बताया, "आरोपी से पूछताछ में सामने आया है कि जिसका खून निकाला जा रहा था उससे 500 रुपए में लेकर एस. एस. हॉस्पिटल में 1000 रुपए में बेचा जाता था। एस. एस. हॉस्पिटल मरीजों को खून के लिए हजारों रुपए ऐठते है।

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इनकी हुई गिरफ्तारी

जाकिर सिद्दीकी, हरिशंकर, सरवन, हरचरन सिंह गौतम, कमल कुमार, राजेश कुमार को पीलीभीत पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

सिर्फ जिला अस्पताल में ही है ब्लड बैंक

सूचना पर कोतवाली पहुँचे जिला अस्पताल के पैथोलोजिस्ट डॉ. महावीर सिंह ने बताया, "शहर में केवल जिला अस्पताल और जीवनरेखा पैथोलाजी पर ही ब्लड बैंक है। जहां रक्तदाता का नियमानुसार रक्त एक्सचेंज किया जाता है।"

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