बदल जाएगी जंघई रेलवे स्टेशन की बदसूरत तस्वीर

बदल जाएगी जंघई रेलवे स्टेशन की बदसूरत तस्वीरबरसात में स्टेशन परिसर में भर जाता है पानी।

बीसी यादव, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

मछलीशहर( जौनपुर)। वाराणसी—लखनऊ और जौनपुर—इलाहाबाद रेल प्रखंड पर स्थित जंघई रेलवे स्टेशन की बदसूरत तस्वीर बहुत जल्द ही बदली—बदली सी नजर आएगी। जिन सुविधाओं के अभाव में यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती थी। उसे दुरुस्त करने का कार्य जंघई रेलवे स्टेशन पर शुरू हो गया है। इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपए स्वीकृत हो गया है। वहीं पिछले दिनों डीआरएम के निरीक्षण के बाद रेलवे स्टेशन की तस्वीर सुंदर करने का कार्य भी शुरू हो गया था।

जंघई रेलवे स्टेशन कई मायनों में यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। यहां से हर रोज करीब दो दर्जन से अधिक ट्रेनों का ठहराव होता है। यात्रियों को इस स्टेशन से जौनपुर, वाराणसी, इलाहाबाद और लखनउ के लिए ट्रेन मिलती है। इसलिए इस स्टेशन पर यात्रियों की अच्छी खासी भीड़ रहती है। यही वजह है कि रेलवे वर्ष में इस स्टेशन से 20 करोड़ रुपए से अधिक कमाता है। यही वजह है कि इस स्टेशन को रेलवे ने ए ग्रेट की कैटेगरी में रखा है। इसके बावजूद यहां की सुविधाओं का हाल सी ग्रेट के स्टेशन से भी खराब है। जंघई रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या एक की उंचाई इतनी कम है कि हर दिन यात्रियों को इसकी वजह से चोट लगती थी।

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इसके अलावा जो सबसे बड़ी समस्या स्टेशन के अंदर वेटिंग रूम में बारिश के पानी जमा हो जाने की है। बारिश के दिनों में यात्री प्रतीक्षालय में घुटनों तक पानी जमा हो जाता है। क्योंकि पानी की निकासी नहीं है। इस वजह से यात्रियों का सामान आदि खराब हो जाता था। इन सब समस्याओं को दूर करने के लिए यात्रियों ने एक लंबी लड़ाई लड़ी लेकिन कभी इन समस्याओं की ओर ध्यान नहीं गया। हालांकि अब रेलवे का इस ओर ध्यान गया है।

इस लिए स्टेशन के सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो गया है। यात्रियों की इन मुश्किलों का जल्द ही हल निकल जाएगा। गाँव कनेक्शन ने रेलवे स्टेशन के यात्री प्रतीक्षालय में पानी भरे होने से यात्रियों को होने वाली दिक्कतों का मामला प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। गाँव कनेक्शन संवाददाता ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने आए डीआरएम से भी स्टेशन की समस्या से जुड़े सवाल किए थे। जिसके बाद डीआरएम ने स्टेशन के सौंदर्यीकरण कराने की बात की थी। ताकि यात्रियों की दिक्कतें दूर हो जाएं।

डीआरएम ने सौंदर्यीकरण को दिखाया ग्रीन सिग्नल

जंघई जंक्शन रेलवे स्टेशन का उत्तर रेलवे के डीआरएम सतीश कुमार ने निरीक्षण किया था। पिछले दिनों उन्होंने निरीक्षण के दौरान स्टेशन के सौंदर्यीकरण का प्रोजेक्ट चेक किया और फिर इसे
ग्रीन सिग्नल दिखाया। उन्होंने निर्देश दिया था कि एक महीने के अंदर ही इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उनके निर्देश के बाद करीब डेढ़ करोड़ रुपए सौंदर्यीकरण के लिए पास हो गया और फिर कार्य भी शुरू कर दिया गया है।

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यात्रियों से लेकर भाकियू तक ने लड़ी लड़ाई

जंघई स्टेशन पर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सिर्फ यात्रियों ने ही नहीं, बल्कि भारतीय किसान यूनियन ने भी लड़ाई लड़ी। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने बताया कि उन लोगों ने कई बार व्यवस्था दुरुस्त करराने के लिए धरना—प्रदर्शन किया। ताकि यात्रियों को हो रही असुविधा खत्म हो सके। उन्होंने कहा कि आखिरकार उनकी और संगठन की लड़ाई काम आई और अब स्टेशन का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।

यात्रियों के खिल उठे चेहरे

चंपापुर के आकाश दुबे 20वर्ष का कहना है कि जंघई स्टेशन पर यात्री प्रतीक्षालय में जलभराव की समस्या सबसे बड़ी थी। नया प्रतीक्षालय बनने से यह समस्या दूर हो जाएगी। काफी दिनों के बाद ही सही रेलवे ने क्षेत्र के लोगों की सुनी। स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। यह जानकारी बहुत खुशी हो रही है। रामगढ़ निवासी मुकुल सोनी 35वर्ष का कहना है प्लेटफॉर्म संख्या एक पर प्लेटफॉर्म की उंचाई नीची होने की वजह से अक्सर यात्री गिरकर घायल हो जाते थे। अब यह समस्या दूर हो जाएगी। इसके अलावा पार्किंग बनने से स्टेशन के बाहर जाम की समस्या भी खत्म हो जाएगी।

क्या—क्या होगा स्टेशन पर कार्य

जंघ्ई स्टेशन पर वैसे तो तमाम समस्याएं हैं लेकिन फिलहाल यात्रियों के लिए महिला और पुरुष प्रतीक्षालय बनेगा। इसके अलावा महिला और पुरुष शौचाल, कार पा
र्किंग, साइकिल और बाइक स्टैंड भी बनाने की योजना है। वहीं प्लेटफॉर्म संख्या एक को और उंचा
किया जाना है। साथ ही प्लेटफार्म चार और पांच भी बनेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए कंप्यूटरीकृत अनाउंस सिस्टम को भी लगाया जाना है। जबकि स्टेशन अधीक्षक का आॅफिस भी बनना है। प्लेटफॉर्म पर टीनशेड को बड़ा भी किया जाना है। आरक्षण केंद्र का रेनोवेशन किया जाना है।

स्टेशन पर ये समस्याएं हैं

स्टेशन पर यात्री प्रतीक्षालय में पानी भर जाता है।

प्लेटफॉर्म संख्या एक की उंचाई कम होने से एक्सीडेंट

महिला और पुरुष शौचालय न होने से मुसाफिर को परेशानी

कार पार्किंग न होने से हर वक्त जाम की समस्या भी रहती है

स्टेशन पर पानी की निकासी के लिए नाली की व्यवस्था नहीं है।

प्लेटफॉर्म पर बने टीनशेड छोटा होने से यात्रियों को हाती है असुविधा

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