बाराबंकी: जिला पंचायत की अपर मुख्य अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप

बाराबंकी: जिला पंचायत की अपर मुख्य अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोपअनामिका सिंह, अपर मुख्य अधिकारी।

बाराबंकी। जैसा पिछली सरकार में देखा जाता था कि मंत्रियों से लेकर अधिकारियों तक की लंबी फेहरिस्त थी जो सत्ताधारी दल में किसी न किसी हाकिम के बेहद करीब थी। यही वजह थी कि तैनाती के समय सारे नियम कानून को ताक पर रख दिया जाता था। बाराबंकी में भी बगैर योग्यता तैनाती पाने वाली एक अधिकारी हैं अनामिका सिंह जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं।

बाराबंकी के समाजसेवी कमल सिंह चंदेल ने अपर मुख्य अधिकारी अनामिका सिंह पर गम्भीर आरोपों का लिखित कच्चा चिट्ठा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी के माध्यम से ज्ञापन के रूप में भेजा है इस पत्र में कमल सिंह चंदेल ने अपर मुख्य अधिकारी अनामिका सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा है कि अनामिका सिंह अपने पति की पेंशन , आवास का भत्ता लगातार कई वर्षों से ले रही हैं ।

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अनामिका सिंह पर यह भी आरोप हैं कि यह एक बाबू के पद पर थी लेकिन खुद को सपा महासचिव रामगोपाल यादव का रिश्तेदार बताकर पिछली सरकार में अपनी हनक दिखाने वाली अनामिका सिंह को रामगोपाल यादव के कहने पर ही नियमों के खिलाफ आदेश जारी कर बाराबंकी के अपर मुख्य अधिकारी पद पर तैनाती दी गयी थी जबकि अनामिका सिंह को पंचायत राज विभाग के कामों की कोई जानकारी नहीं है ।

कमल सिंह चंदेल ने यह भी बताया है कि बाराबंकी के तत्कालीन जिलाधिकारी योगेश्वर राम ने जो वर्तमान में वाराणसी के जिलाधिकारी हैं अनामिका सिंह के खिलाफ बाकायदा शासन को डीओ लेटर भी लिखा था और यहीं नहीं कमल सिंह चंदेल ने इस बात की भी जांच कराने की मांग की है कि नियमानुसार शासन से बिना एनओसी प्राप्त किये बिना अनामिका सिंह ने इंग्लैंड की विदेश यात्रा भी की है साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ऐसी भ्रष्ट अयोग्य अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए इनके भ्रष्टाचारों की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की हैं।

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समाजसेवी कमल सिंह चंदेल के आरोपों का कोई जवाब बाराबंकी की अपर मुख्य अधिकारी अनामिका सिंह के पास नहीं है , मीडिया ने जब अनामिका सिंह से उनके ऊपर लगे आरोपों के चलते उनका पक्ष जानना चाहा तो शुरू में तो उन्होंने आनाकानी की मगर बाद में उन्होंने आरोप लगाने वाले समाजसेवी कमल सिंह चंदेल को ही दोषी करार देते हुए पहले समाजसेवी की ही जांच कराने की बात कह डाली ।

बाराबंकी के जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी इस पूरे हाईप्रोफाईल प्रकरण में आरोपों से घिरी एएमए अनामिका सिंह के बारे में स्पष्टीकरण मांगने की बात कह कर पल्ला झाड़ते नज़र आ रहे हैं ।

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