मकान बनाते समय इन बातों को कभी ना भूलें

गाँव कनेक्शन और एमपी बिरला सीमेंट ने ग्राम प्रधानों और सचिवों को सिखाया कैसे बना सकते हैं अपने गाँव की नींव मजबूत

Chandrakant MishraChandrakant Mishra   31 Dec 2018 7:49 AM GMT

मकान बनाते समय इन बातों को कभी ना भूलें

फाजिल नगर (कुशीनगर)। " घर बनाते समय अगर हम लोग कुछ बातों पर ध्यान दे दें तो कम खर्च में मजबूत मकान का निर्माण करा सकते हैं। " ये कहना था एमपी बिरला सीमेंट के तकनीकि ऑफिसर दीपक का। ग्रामीणों को भवन निर्माण के संबंध में तकनीकी ज्ञान देने के लिए गाँव कनेक्शन और एमपी बिरला सीमेंट ने उत्तर प्रदेश से एक साझा मुहिम शुरू की है। इसके तहत गाँव और ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों को भवन निर्माण के संबंध में बेसिक जानकारी दी जा रही है। विकास खंड फाजिलनगर के ब्लॉक सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 65 प्रधान और 12 पंचायत सचिव ने भाग लिया।

ये भी पढ़ें: घर बनाते समय कुछ बातों का रखें ध्यान, सालों-साल तक सुरक्षित रहेगा घर


इस दौरान एमपी बिरला ग्रुप के तकनीकि दीपक कुमार ने बताया, " देखने में आता है कि ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले निर्माण में राजमिस्त्री की भूमिका काफी अहम होती है। मकान बनाते समय ज्यादातर लोग राजमिस्त्री से सलाह लेते हैं। घर का नक्शा कैसा होगा? नींव बनेगी या पिलर पर मकान बनना है, दीवार में कौन सी सीमेंट और ईंट लगेगी और छत में कौन सी ईंट और सीमेंट लगेगी, मकान की तराई कितने दिन में करनी हैं? यह सब निर्णय राजमिस्त्री की सलाह से ही लिए जाते हैं। लेकिन राजमिस्त्री को कुछ पता नहीं होता है। एक लेबर कुछ साल काम करने के बाद खुद को मिस्त्री कहने लगता है। उसे न तो मकान संबंधी निर्माण की जानकारी होती है और न ही सीमेंट और सरिया की।"

ये भी पढ़ें: प्रधानों और सचिवों को सिखाया गया कैसे बना सकते हैं अपने गाँव की नींव मजबूत

उन्होंने आगे बताया, "लोग मिस्त्री के हिसाब से मकान बनाते हैं। लेकिन देखने में आता है कि निर्माण के कुछ वर्ष बाद ही दीवार में पपड़ी लगने लगती है, छत से पानी का रिसाव होने लगता है। लेकिन कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो कम लागत में मजबूत निर्माण कराया जा सकता है। "


एमपी बिरला के रीजनल तकनीकी इंचार्ज गौरव शुक्ला ने बताया, "सीमेंट की मांग प्रतिवर्ष औसत 5 से 10 प्रतिशत बढ़ी है, इसका मतलब साफ़ है कि देश में निर्माण की गति बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब कच्चे मकान धीरे -धीरे पक्के मकानों में तब्दील हो रहे हैं। ऐसे में अगर ग्रामीणों को तकनीकी सलाह मिलती रहे तो आगे के वर्षों में गाँवों में बेहतर भवन निर्माण की संख्या निश्चित रूप से बढ़ जाएगी। एमपी बिरला और गाँव कनेक्शन के जागरुकता अभियान का उद्देश्य भी यही है कि ग्रामीण निर्माण में एक बेहतर बदलाव लाया जा सके।"


घर बनाने से पहले रखें इन बातों का ख्याल

- परिवार की जरुरतों के हिसाब से घर का नक्सा बनवाएं।
- अच्छी गुणवक्ता की सीमेंट का चयन करें।
- निर्माण कार्य में शुद्ध पानी का प्रयोग करें।
- निर्माण के बाद कम से कम 10 तक तराई जरूर करें।
- निर्माण संबंधी सलाह किसी जानकार व्यक्ति से ही लें।
- सीमेंट और निर्माण सामग्री के मिश्रण का ध्यान रखें।

कार्यक्रम में मौजूद फाजिल नगर के एडीओ पंचायत रविंद्र कुमार ने गाँव कनेक्शन और एमपी बिरला सीमेंट को धन्यवाद देते हुए यह कहा, " गाँव कनेक्शन और एमपी बिरला सीमेंट का यह साझा प्रयास काफी सराहनीय है। इस कार्यक्रम में बहुत ही अच्छी जानकारियां मिलीं। हम लोग गांव में शौचालय, नाली, आवास जैसे काम कराते हैं। निर्माण कार्य के समय होने वाली छोटी छोटी कमियों के विषय की जानकारी जो मिली है उससे भविष्य में होने वाला निर्माण कार्य प्रयोग किया जाएगा। "

ये भी पढ़ें: प्रधानों को सिखाया गया कैसे रखें गांव की मजबूत नींव


More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top