Read latest updates about "Partners" - Page 1

  • जंगल भी बन सकता है कमाई का जरिया, झारखंड की इन महिलाओं से सीखिए

    लातेहार (झारखंड)। जंगलों से निकलने वाली औषधियां कैसे कमाई का जरिया बन सकती हैं अगर आपको ये देखना है तो झारखंड के जंगलों में आइये, यहाँ की महिलाओं से मिलिए। जंगलों से निकलने वाली आयुर्वेदिक औषधियां जो कल तक जंगलों में सड़ जाती थीं लेकिन आज सखी मंडल की महिलाओं के लिए ये आजीविका का साधन बन गयी हैं। ...

  • सफाई की स्पेशल क्लास ने सुधारी बच्चों की सेहत

    लखनऊ। ' ठंड के बावजूद मेरी बेटी कभी बिना नहाए स्कूल नहीं जाती। कंपकंपाती ठंड में मैंने नहाने से मना किया तो कहती है पापा रोज नहाने से बीमार नहीं पड़ते। अब तो बिना हाथ धोए वह खाने को छूती भी नहीं है। ' यह कहना है माल ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रामपुर में कक्षा चार में पढ़ने वाली छात्रा कल्पना के पिता...

  • स्कूल की दीवारें भी पढ़ा रहीं शिक्षा का पाठ

    संतकबीर नगर: संतकबीर नगर जिले में स्थित प्राथमिक विद्यालय राउतपार पूरे क्षेत्र में अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यह स्कूल जिला मुख्यालय खलीलाबाद से 15 किलोमीटर दूर एक पिछड़े ग्रामीण इलाके में स्थित है। लेकिन इसकी खूबसूरती इसे जिले के दूसरे स्कूलों से अलग बनाती है। इस स्कूल को जिला शिक्षा विभाग...

  • अध्यापक-अभिभावकों की कोशिशें रंग लाईं, सकरौली बन गया सबसे खास स्कूल

    कुशीनगर। बच्चों के विकास में अध्यापकों और अभिभावकों की अहम भूमिका होती है। उनकी कोशिश बच्चे का भविष्य संवार सकती है। इसकी झलक दिखती है विकास खंड हाटा के प्राथमिक विद्यालय सकरौली में। यहां के अध्यापक और एसएमसी सदस्यों ने अपनी मेहनत के दम पर इस विद्यालय की तस्वीर बदल दी है। प्रधानाध्यापक संजीव...

  • औषधीय पौधों से महकती है स्कूल की बगिया

    बाराबंकी। हर पौधे की पत्तियों, जड़, फूल और छाल में अलग-अलग गुण होते हैं। इसको किस मर्ज में और कैसे उपयोग करना चाहिए बहुत कम लोग जानते हैं। इन्हीं औषधीय पौधों की जानकारी दी जा रही है ब्लॉक रामनगर के प्राथमिक विद्यालय सिकरौली में। पूरे विद्यालय परिसर में औषधीय पौधे लगे हुए हैं। यहां के बच्चों को हर...

  • बच्चों को समझने के लिए इस प्रधानाध्यापिका ने सीखी अवधी

    अयोध्या। एक शिक्षिका की लगन सैकड़ों बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आई है। अपने जुझारूपन से स्कूल में बदलाव लाने के साथ-साथ उन्होंने बच्चों के बोलचाल, अनुशासन और व्यक्तित्व पर भी काफी काम किया है। इतना ही नहीं बच्चों को सही ढंग से समझने के लिए अवधी भाषा भी सीखी। यहां बात हो रही है उसरू गाँव के...

  • इस स्कूल में प्रधानाध्यापक अभिभावकों से भरवाते हैं शपथ पत्र

    कुशीनगर। प्राथमिक विद्यालय हाटा नगर में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा का स्तर ऊंचा करने लिए यहां के प्रधनाध्यापक ने नई पहल शुरू की है। विद्यालय में बच्चों का नाम लिखाने से पहले अभिभावकों को एक शपथ पत्र भरना होता है, जिसमें बच्चों को रोजाना स्कूल भेजने की शर्त लिखी होती है। विकास खंड हाटा...

  • बचत करना इन महिलाओं से सीखिए, सालाना ब्याज के पैसे से कमाती हैं चार से छह लाख रुपए

    पश्चिमी सिंहभूमि-रांची। सप्ताह में 10-20 रुपए की बचत करके तीन चार साल में करोड़पति कैसे बना जा सकता है अगर आपको बचत करने की ये कला समझनी है तो एक बार झारखंड की इन महिलाओं से जरुर मिलें। इस समय 50 से ज्यादा करोड़पति संकुल संगठन सालाना चार से छह लाख रुपए की आमदनी ब्याज के पैसों से कर रहे हैं। झारखंड...

Share it
Top