पर्दे पर उतर ग्रामीणों ने पढ़ाया स्वच्छता का पाठ

वीडियो में लिए गए कलाकार वो हैं जो कि लगातार शौचालय का प्रयोग कर रहे हैं और इसके साथ-साथ लोगों को शौचालय के प्रयोग करने के लिए जागरूक भी कर रहे हैं।

Shefali Mani TripathiShefali Mani Tripathi   1 Oct 2018 12:08 PM GMT

पर्दे पर उतर ग्रामीणों ने पढ़ाया स्वच्छता का पाठ

श्रावस्ती। स्वच्छ भारत अभियान के साथ जब ग्रामीण वीडियो के जरिए खुद पर्दे पर उतरे और गाँव-गाँव में अपने जैसे ग्रामीणों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया तो जागरूकता की लहर गाँव के हर ग्रामीण तक पहुंची।

'यूनिसेफ' और 'स्वच्छ भारत मिशन' की पहल से अब उन्हीं लोगों को वीडियो के जरिए पर्दे पर लाया जा रहा है, जो वास्तव में गाँव में लोगों को खुले में शौच मुक्त करने और स्वच्छता का पाठ पढ़ाते हैं। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 200 किमी दूर श्रावस्ती जिले से शुरू की गई।


श्रावस्ती के गिलौला ब्लॉक में बीती एक अगस्त को स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण अभियान 2018 के तहत एक कार्यक्रम में इन्हीं दो वीडियो के माध्यम से शौचालयों के उचित उपयोग के बारे में ग्रामीणों को बताया गया। वीडियो में दिखाया गया कि कैसे एक ग्रामीण लड़की को सुबह जल्दी न उठ पाने पर शौचालय जाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा

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इस दौरान मौजूद लोगों ने वीडियो की खूब सराहना की। वीडियो में लिए गए कलाकार वो हैं जो कि लगातार शौचालय का प्रयोग कर रहे हैं और इसके साथ-साथ लोगों को शौचालय के प्रयोग करने के लिए जागरूक भी कर रहे हैं।

'खुले में शौच मुक्त भारत' इस पर देश में तेजी से अभियान चल रहे हैं, जिसके चलते लोगों में काफी बदलाव आ रहे हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद में पेश 2017-18 की आर्थिक समीक्षा के अनुसार दो अक्टूबर 2014 को शुरू किये गये स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) कार्यक्रम की शुरुआत के बाद ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता का दायरा 2014 के 39 प्रतिशत से बढ़कर अब 89 प्रतिशत हो गया है।

इसी अभियान के चलते हुए देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में यूनिसेफ और स्वच्छ भारत मिशन तेजी से काम कर रहा है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2014 में जहां लगभग 36 प्रतिशत शौचालय का प्रयोग होता था, तो यह आंकड़ा बढ़कर अब लगभग 86 प्रतिशत हो गया है।

गिलौला ब्लॉक के प्रानपुर नेवरिया की आंगनबाड़ी कार्यकत्री रेहाना खातून (43 वर्ष) वीडियो को देखने के बाद बताती हैं, "यह बहुत अच्छा वीडियो था इससे लोगो में यह समझ आएगी कि उन्हें खुले में शौच नहीं करना चाहिए। मेरे घर में सभी लोग शौचालय का इस्तेमाल करते है हमें बाहर खुले में जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं है।"

वहीं कार्यक्रम में एक दूसरे वीडियो के जरिए ग्रामीणों को बताया गया कि बाहर शौच के जाने के कारण ग्रामीणों को कैसी-कैसी बीमारियां हो जाती हैं।

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श्रावस्ती जिले के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने वीडियो देखने के बाद बताया, "ये वीडियो बहुत ज्यादा प्रभावशाली हैं, जिससे लोगों के काफी कुछ सीखने की जरूरत है। इन वीडियो को एलईडी वैन के माध्यम से लोगों के बीच पहुंचाना चाहिए।"

गिलौला ब्लॉक की डीआरजी टीम की सदस्य और गूँज वीडियो में काम कर चुकी विमला बताती हैं, "मेरा प्रयास रहता है कि मैं लोगों को शौचालय उपयोग करने के बारे में बताऊं और शौचालय का उपयोग करके वो अपने आप को कैसे स्वस्थ्य रख सकते हैं इसके लिए उन्हें जागरूक भी करती हूँ।"

गिलौला ब्लॉक की निवासी कांति सिंह ने बताया, "कई बार लोगों के घरों में शौचालय होने पर भी वह उनका इस्तेमाल नहीं करते। उन्हें बाहर खुले में ही शौच करने की आदत है। हम लोगों को शौचालय का प्रयोग करने के बारे में बताते हैं। हमारे कई बार बताने के बावजूद भी लोग शौचालय का इस्तेमाल नहीं करते हैं। ऐसे में अगर वो इन वीडियो से कुछ सीख पाएं तो ये एक अच्छी बात होगी।"

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