भोपाल में सिंधिया का 72 घंटे का सत्याग्रह शुरू

भोपाल में सिंधिया का 72 घंटे का सत्याग्रह शुरूकांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया।

लखनऊज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज भोपाल में 72 घंटों का सत्याग्रह शुरू कर दिया। कल के दिन ही जब गुना से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया किसानों से मिलने मंदसौर जा रहे थे, तो किसानों से मिलने से पहले ही उनको गिरफ़्तार कर लिया गया था। लेकिन कुछ वक्त बाद ही उनको रिहा भी कर दिया गया। किसानों से न मिलने देने पर सिंधिया ने सरकार पर हिटलरशाही का आरोप लगाया।

पिछले कुछ दिनों में किसानों का आंदोलन तेज़ी से बढ़ा है, जिसका केन्द्र मंदसौर रहा है। छः किसानों की मृत्यु से ये आंदोलन और तेज़ी से भड़का। इस बीच विपक्ष ने भी इस आंदोलन को बड़ा मुद्दा बनाया। सबसे पहले राहुल गाँधी, उसके बाद आम आदमी पार्टी के नेता और हार्दिक पटेल किसानों से मिलने पहुँचे लेकिन किसी को भी किसानों से नहीं मिलने दिया गया।

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मुख्यमंत्री का दौरा

आज मुख्यमंत्री शिवराज किसानों से मिलने मंदसौर पहुँचे, जहाँ पर उन्होंने मृतकों के परिवारों से मुलाकात की। शिवराज ने किसानों को उचित मुआवज़ा देने का आश्वासन दिया। यह किसान आंदोलन मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में फैला। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस महाराष्ट्र में किसानों की कर्ज़माफ़ी का ऐलान कर चुके हैं।

मंदसौर में किसानों से मिले मुख्यमंत्री शिवराज

क्या हैं मौजूदा हालात

हिंसा भड़कने के बाद इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। लेकिन मौजूदा हालातों में कर्फ़्यू का इतना प्रभाव नहीं है। ज्योतिरादित्य के पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपवास पर बैठ चुके हैं, लेकिन पार्टी के सदस्यों की माँग पर 27 घण्टे के भीतर शिवराज ने अपना उपवास तोड़ दिया।

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क्या है पूरा मामला

मध्य प्रदेश के किसानों की माँग थी कि उनको अपनी फ़सल का उचित दाम मिले और कर्ज़माफ़ी हो। इसे लेकर किसानों ने दो जून को अपना आंदोलन शुरू किया। तीन जून को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मामले का रुख किया। लेकिन पुलिस की कार्रवाई से छः किसानों की मौत हो गई, जिससे ये पूरा आंदोलन और भड़क गया।

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