Dr SB Misra

Dr SB Misra

Dr Shiva Balak Misra is an Indian geologist, writer, social worker. He is the Editor-in-chief of Gaon Connection.

Dr Misra is credited for his discovery of Fractofusus misrai - a fossil revealing mystery about beginning of life on earth some 560 mn years ago, discovered by him in June 1967 during his MS Thesis work at Mistaken Point, Newfoundland and Labrador, Canada now better knwon as Mistaken Point Ecological Reserve after his discovery.


  • नेहरू ने सेकुलरवाद सुलाया, मोदी ने जगा दिया

    पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन पर पढ़िए गांव कनेक्शन के प्रधान संपादक डॉ. एसबी मिश्र का लेख। ये लेख अप्रैल 2017 में मूल रुप से प्रकाशित किया गया था।हिन्दू मुस्लिम तनाव की जड़ें और अलग मुस्लिम पहचान वस्तुतः भारत विभाजन और जिन्ना के द्विराष्ट्रवाद में निहित है जिसके अनुसार भारत में दो...

  • कांग्रेस ने मंदिर और धर्म की खूब राजनीति की है...

    आजकल अयोध्या में राम मन्दिर निर्माण का मुद्दा बहुत गरम है। जब 23 दिसम्बर 1949 की आधी रात अयोध्या की मस्जिदनुमा बिल्डिंग में अचानक घंटा घड़ियाल बजने लगे और रामलला की मूर्तियां विराजमान हो गईं और शंखध्वनि के साथ आवाजें आईं 'भए प्रकट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी', तब फैजाबाद के जिलाधिकारी थे कृष्ण...

  • महागठबंधन संभव है, लेकिन एक जयप्रकाश भी तो चाहिए

    परस्पर विरोधी दलों का जैसा जमघट आज है वैसा ही साठ के दशक में था जब विरोधी दलों को ज्ञान आया कि अकेले कांग्रेस को परास्त नहीं कर सकते। तब 1967 में गठबंधन का आरम्भ हुआ, प्रान्तीय स्तर पर कांगेस हारी और संविद सरकारें बनीं। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर इन्दिरा गांधी का सशक्त नेतृत्व था जैसे आज नरेन्द्र...

  • ऑडियो-विज़ुअल सशक्त संचार माध्यम है, इसका दुरुपयोग न हो

    पिछले माह 27 अक्टूबर को श्रव्यदृश्य यानी ऑडियो विज़ुअल हेरिटेज दिवस मनाया गया। श्रव्यदृश्य एक सशक्त संचार विधा है, जिसका सदुपयोग और दुरुपयोग भी हो सकता है। सत्तर के दशक में एक बार बस्तर जिले के एक आदिवासी गांव में अपने कैंप में रात को आराम कर रहा था तो देखा पहाड़ों पर जगह-जगह अचानक आग जलने लगी और ढोल...

  • संविधान नहीं इंदिरा गांधी की देन है सेक्लुयर शब्द

    भारतीय राजनीति में जिन शब्दों का बिना सोचे समझे प्रयोग होता है वे हैं सेक्युलरवाद, धर्मनिरपेक्षता या पंथ निरपेक्षता। भारतीय मूल के धर्मों में यह बात समाहित है कि ईश्वर एक है और लोग विविध ढंग से ये कहते हैं। भारत के बाहर कहीं भी सभी धर्मों का बराबर आदर नहीं होता। इंग्लैंड में ईसाई धर्म का अपमान करने...

  • गांधीवादी अस्त्रों से पैने हैं न्यायिक और प्रजातांत्रिक अस्त्र

    कुछ समय पहले निश्छल व्यक्तित्व और समर्पित भावों के धनी स्वामी सानन्द ने गंगा की धारा को अविरल और निर्मल बनाने की मांग को लेकर 111 दिन का अनशन किया और अपनी प्राणाहुति दे दी। गांधीवादी अस्त्र का प्रयोग करते हुए प्राणाहुति देने वालों में श्रीरामुलू का नाम प्रमुख है जिन्होंने 1952 में नेहरू सरकार को...

  • अम्बेडकर के संविधान में कानून पर्सनल नहीं था

    आज जब तीन तलाक, हलाला, महिलाओं और दलितों का मन्दिर प्रवेश, महिला आरक्षण,आदि विषयों पर तीखी चर्चा होती है तो अम्बेडकर का स्मरण स्वाभाविक है। भारतीय संविधान के निर्माता डाक्टर अम्बेडकर कानून के ज्ञाता होने के साथ एक पक्के राष्ट्रवादी थे और इतिहासकार दुर्गादास ने अपनी पुस्तक ''इंडिया फ्राम कर्जन टु...

  • किसान आंदोलन स्वतः स्फूर्त अथवा राजनीति से प्रेरित

    किसान आंदोलित हैं, पहले तमिलनाडु, फिर मध्य प्रदेश और अब उत्तर प्रदेश में किसानों का हरिद्वार से दिल्ली कूच। विपक्ष का कहना है कि मोदीराज में देश में त्राहि-त्राहि मची है और सरकार का सोचना है किसानों को बरगलाया जा रहा है और वही किसान आन्दोलनों की अगुवाई कर रहे हैं और हिंसक बन रहे हैं जो विपक्षी दलों...

  • जमीन की लूट रोकने के उपाय खोजने चाहिए सरकार को

    कालाधन, फौजदारी, भ्रष्टाचार और तिकड़म के सहारे भूमाफिया बड़े पैमाने पर जमीन की लूट में जुटे हैं। जमीन की बिक्री, बैनामा की इबारत, दाखिल खारिज, वसीयत, कब्जा, भू-उपयोग, ग्रामसमाज की जमीन का दुरुपयोग आदि सब में स्थानीय दलालों की भूमिका रहती है। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की उतनी ही या उससे अधिक...

  • आयुष्मान भारत योजना की राह में रोड़े कम नहीं हैं

    प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ किया है परन्तु इसकी सफलता की चाभी दूसरों के हाथ में है। पहले रोड़े का संकेत मनीषियों ने यह कह कर किया है ''वैद्यराजः यमराजश्च सहोदरः' यानी डॉक्टर और यमराज सगे भाई हैं। रोड़े और भी हैं फिर भी आयुष्मान होने की इच्छा हमारे देश में युगों से की जाती...

  • भरे हैं ताल तलैया, अघाइ गईं धरती मइया और हम?

    मैं अपने गांव गया तो देखा कई साल बाद सभी तालाब पानी से लबालब भरे हैं, मनरेगा में मिट्टी खरोंच कर जो बने थे वे भी भरे हैं। बहुत पहले जब बरसात के दिनों में वाटर टेबल ऊपर उठता था तो कुओं में पानी पास दिखता था, इस साल वैसा ही है। लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर को छूते हुए इलाके में बाढ़ तो नहीं आई और न...

  • आरक्षण वोट बैंक बना सकता है, विकसित देश नहीं

    अभी एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ सवर्णों का आन्दोलन समाप्त ही हुआ है जो अपराध के खिलाफ़ उनकी रिपोर्ट पर बिना छानबीन के सवर्णों और अन्य पिछड़ी जातियों को गिरफ्तार करने के विषय में था। केन्द्रीय मंत्री अठावले ने सवर्णों को आरक्षण का सुझाव दे डाला। इसके पहले, मराठा, पटेल, गूजर, मुस्लिम और जाटों के उग्र...

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