Dr SB Misra

Dr SB Misra

Dr Shiva Balak Misra is an Indian geologist, writer, social worker. He is the Editor-in-chief of Gaon Connection.

Dr Misra is credited for his discovery of Fractofusus misrai - a fossil revealing mystery about beginning of life on earth some 560 mn years ago, discovered by him in June 1967 during his MS Thesis work at Mistaken Point, Newfoundland and Labrador, Canada now better knwon as Mistaken Point Ecological Reserve after his discovery.


  • मिट्टी, पानी, हवा बचाने के लिए याद आई पुरखों की राह

    सीरीज की पहली ख़बर यहां पढ़ें-जलवायु परिवर्तन और कंपनियों का मायाजाल तोड़ने के लिए पुरानी राह लौट रहे किसान?कुछ मजबूरी और कुछ लालच में किसानों ने विदेशी विधियां अपनाकर पचास साल खेती किया और अपने खेतों की मिट्टी, जमीन के अन्दर का पानी और वातावरण की हवा प्रदूषित कर ली। अन्नदाता की मजबूरी बनी देश की...

  • स्वामी विवेकानंद और मैं

    आज स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन है, जिसे युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। गाँव कनेक्शन के प्रधान सम्पादक डॉ. एसबी मिश्र 1993 में स्वामी विवेकानंद के भारत भ्रमण की 100वीं वर्षगांठ से जुड़े संस्मरण बता रहे हैं।वर्ष 1993 में स्वामी विवेकानन्द के शिकागो भाषण की शताब्दी मनाई गई थी। विवेकानन्द केन्द्र...

  • आरक्षण पर मोदी सरकार का सेकुलर कदम

    संसद के दोनों सदनों में सवर्णों की 31 प्रतिशत आबादी के लिए 10 प्रतिशत का आरक्षण बिल पास हो गया है, जिससे उन्हें आर्थिक आधार पर नौकरियों और उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश में लाभ मिल सकेगा। आखिर सुदामा तो हर वर्ग जाति में पाए जाते हैं। मोदी सरकार ने आजादी के बाद पहली बार सवर्ण आरक्षण के माध्यम से...

  • ग्लोबल वार्मिंग की तपिश में झुलस रहा किसान

    मैं भारतीय ग्रामीण विद्यालय में बैठा था तभी चैकीदार दलीप आ गया तो मैंने उससे पूछा इस साल स्कूल में धूल अधिक है, तब उसने कहा साहब जमीन में नमी नहीं है। दलीप चैकीदार की बात को तब बल मिला जब एक दूसरे किसान ने कहा था ''भइया मघा निकरि गा अब धरती का पेटुं र्को भरी'। सच ही है, धरती प्यासी है और...

  • ''अटल हमारा अटल रहेगा इसीलिए तो जीतेगा"

    बात 1957 की है जब अटल जी लखनऊ से भारतीय जनसंघ के टिकट पर कांग्रेस के पुलिन बिहारी बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। मैं कक्षा 9 में पढ़ता था और राजा बाजार में रहता था जहां हर आदमी की जुबान पर यही नारा था, ''अटल हमारा अटल रहेगा इसीलिए तो जीतेगा'। अटल जी उस बार जीते तो नहीं लेकिन बाद के वर्षों में...

  • प्रजातंत्र में सरकार हर जगह मौजूद है लेकिन दिखाई नहीं देती भगवान की तरह

    बात 1976 की है जब इन्दिरा जी ने देश में आपातकाल लगाया हुआ था और सभी लोग दहशत में थे। मैं मध्य प्रदेश के भौमिकी एवं खनिकर्म विभाग में भूवैज्ञानिक के रूप में काम करता था और मैं रीवा में पोस्टेड था। मेरा एक चपरासी था मुन्नालाल जिसने एक दिन ब़ड़े सरल ढंग से पूछा ''साहब, सरकार कहां रहती हैं' । मैं इस...

  • चुनावी नतीजों पर त्वरित टिप्पणी : भाजपा का घर जला खुद के चिराग से

    जब 2014 में नरेन्द्र मोदी चुनाव लड़े तो नारा दिया ''सब का साथ, सब का विकास '। बहुत ही सार्थक अपील थी अचूक अस्त्र की तरह काम कर गई। लेकिन सत्ता में आने के बाद उनका कुनबा उसी पुराने ढर्रे पर चल पड़ा जिस पर चलते चलते ''हम दो हमारे दो' के पड़ाव पर पहुंचे थे। उसके बाद अडवाणी ने जिस तरह सीमित आबादी को...

  • संस्कार हीन शिक्षा से वही होगा जो हो रहा है

    चुनाव प्रचार में लगे नेता एक दूसरे को गालियां दे रहे हैं, कीचड़ उछालते हैं, स्याही, टमाटर, अंडे, जूते और पत्थर फेंकते हैं, और अब तो मां बाप को गालियां देने पर उतर आए हैं। आचार संहिता भी पर्याप्त अंकुश नहीं लगा पाती। जिन्होंने पचास के दशक का चुनाव प्रचार देखा है उन्हें बेहद पीड़ा ...

  • अम्बेडकर के संविधान में कानून पर्सनल नहीं था

    आज जब तीन तलाक, हलाला, महिलाओं और दलितों का मन्दिर प्रवेश, महिला आरक्षण,आदि विषयों पर तीखी चर्चा होती है तो अम्बेडकर का स्मरण स्वाभाविक है। भारतीय संविधान के निर्माता डाक्टर अम्बेडकर कानून के ज्ञाता होने के साथ एक पक्के राष्ट्रवादी थे और इतिहासकार दुर्गादास ने अपनी पुस्तक ''इंडिया फ्राम कर्जन टु...

  • सरकारें निष्क्रिय, अदालतें चींटी चाल, नतीजा अयोध्या में मौतें

    कहते हैं टर्की का रहने वाला बाबर वहां नादिरशाह और चंगेज खां का रिश्तेदार था। जो भी हो उसने अयोध्या में जिस जमीन पर मस्जिद बनवाई, वह ज़मीन न तो उसकी पुश्तैनी थी और न उसने खरीदी थी। इसलिए ढांचा जिसे गैरकानूनी तरीके से गिराया गया वह खुद ही गैर कानूनी था। यह दुखद था कि मूल निवासी कमजोर थे और बाबर...

  • नेहरू ने सेकुलरवाद सुलाया, मोदी ने जगा दिया

    पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन पर पढ़िए गांव कनेक्शन के प्रधान संपादक डॉ. एसबी मिश्र का लेख। ये लेख अप्रैल 2017 में मूल रुप से प्रकाशित किया गया था।हिन्दू मुस्लिम तनाव की जड़ें और अलग मुस्लिम पहचान वस्तुतः भारत विभाजन और जिन्ना के द्विराष्ट्रवाद में निहित है जिसके अनुसार भारत में दो...

  • कांग्रेस ने मंदिर और धर्म की खूब राजनीति की है...

    आजकल अयोध्या में राम मन्दिर निर्माण का मुद्दा बहुत गरम है। जब 23 दिसम्बर 1949 की आधी रात अयोध्या की मस्जिदनुमा बिल्डिंग में अचानक घंटा घड़ियाल बजने लगे और रामलला की मूर्तियां विराजमान हो गईं और शंखध्वनि के साथ आवाजें आईं 'भए प्रकट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी', तब फैजाबाद के जिलाधिकारी थे कृष्ण...

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