मिट्टी की डॉक्टर है ये मशीन, देखिए मिनटों में कैसे करती है जांच

मिट्टी की डॉक्टर है ये मशीन,  देखिए मिनटों में कैसे करती है जांचमिट्टी के सूक्ष्म तत्वों की जांच करने वाली एटॉमिक एब्जार्सन स्पेक्ट्रोफोटोमीटर मशीन 

कन्नौज। किसी भी जमीन पर खेती की शुरूवात करने से पहले सबसे जरूरी होता है उसकी मिट्टी की जांच होना, ये पता चलना कि मिट्टी में कौन कौन से पोषक तत्व हैं और किन किन पोषक तत्वों की कमी है। आम बोलचाल की भाषा में किसान इसे मिट्टी की डॉक्टर बुलाने लगे हैं।

अब अपने-अपने खेत की मिट्टी में क्या कमी है इस बात का पता कन्नौज के किसान आसानी से लगा सकेगें, क्योंकि कृषि विभाग में एटामिक एब्जार्सन स्पेक्ट्रोफोटोमीटर नाम की नयी मशीन आ गयी है जिससे मिट्टी में चार पोषक तत्वों जिंक, आयरन, कॉपर और मैगनीज की जांच आसानी से हो जाएगी।

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कन्नौज की भूमि परीक्षण प्रयोगशाला के अध्यक्ष, राजेन्द्र प्रसाद कटियार बताते हैं, " करीब 22 लाख रूपय की लागत वाली इस मशीन की मदद से एक सप्ताह के भीतर ही किसान को अपनी मिट्टी की जांच रिपोर्ट मिल जाएगी, इससे पहले मिट्टी के सूक्ष्म तत्वों की जांच सिर्फ कानपुर और इटावा में होती थी, कानपुर मंडल होने की वजह से कई जिलों से मिट्टी के नमूने वहां पहुंचते थे, इसलिए जांच रिपोर्ट आने में काफी दिन का समय लग जाता था।''

नयी मशीन किसानों की मिट्टी से जुड़ी समस्या चुटकियों में हल करेगी

इस नयी मशीन पर मिट्टी के कुछ नमूनों का परीक्षण करते हुए प्रधान सहायक रमेश चंद्र कटियार बताते हैं, "पहले जो मशीन थी उससे सिर्फ NPK यानी नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाष की जांच होती थी, लेकिन अब इस एड्वास मशीन के जरिए जिंक, आयरन, कॉपर और मैगनीज जैसे तत्वों की भी जांच संभव हो पा रही है, जिससे किसानों को बहुत राहत है।"

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मिट्टी की जांच कराने से बढ़ता है उत्पादन

अपने लैब में मिट्टी के नमूनों का परीक्षण करते हुए रमेश बताते हैं," इस मशीन के आने से किसान काफी खुश है क्योंकि उन्हें बहुत कम वक्त में पता चल जाएगा कि उनके खेत की मिट्टी में किस तत्व की कमी है, और उस हिसाब से उपचार करके वो बेहतर फसल पैदा कर सकता है।"

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