रांची में वीभत्सता: नग्न अवस्था में बिन सिर के मिली युवती के शव की अब तक शिनाख्त नहीं, रेप की आशंका

Anand DuttaAnand Dutta   5 Jan 2021 9:42 AM GMT

रांची के ओरमांझी में 3 जनवरी 2021 को एक युवती का क्षत-विक्षिप्त अवस्था में मिला शव.रांची में सिर कटी मिली एक युवती की लाश, रेप की आशंका

झारखंड की राजधानी रांची से सटे ओरमांझी में निर्भया कांड से भी वीभत्स घटना घटी है। 3 जनवरी 2021 को एक लड़की की नग्न अवस्था में सिरकटी लाश मिली है, उसके गुप्तांगों को क्षत-विक्षिप्त कर दिया गया। बीते तीन दिनों से पुलिस सिरकटी लाश का सर ढूंढने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक इसमें सफलता नहीं मिली है। पुलिस रेप की आशंका से इंकार नहीं कर रही है। लड़की की उम्र 18-20 साल बताई जा रही है।

पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 324 (खतरनाक हथियार से हत्या), 201 (हत्या या घटना का साक्ष्य मिटाना), 120 बी (अपराध को अंजाम देने के लिए किसी के साथ मिलकर साजिश करना) लगाई गई है। हालांकि पुलिस ने अभी तक रेप की धारा नहीं लगाई है। उसे मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। साथ ही मृतका और अपराधियों के बारे में जानकारी देने वाले को 25,000 रुपया देने की घोषणा की गई है। वहीं राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस रिम्स के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम पर अधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से मना कर दिया।

मीडिया को दिए बयान में पुलिस अधीक्षक ( ग्रामीण) नौशाद आलम ने बताया कि, ''रविवार दोपहर से ही डॉग स्क्वॉड लगाया गया है, लेकिन सिर अभी तक मिल नहीं पाया है। यही वजह है कि अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है। घटनास्थल से कुछ गर्म कपड़े, पिन, शराब की बोतलें बरामद हुई है।"

ये है वो जगह जहाँ रांची के ओरमांझी में मिला था युवती का शव. फोटो : आंनद दत्ता

नौशाद आलम यह भी बताया, "बीते दिनों में गायब हुई लड़कियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास उस वक्त कौन-कौन से मोबाइल सक्रिय थे, टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस इसका भी पता लगा रही है।''

जिस जगह पर लाश मिली है, स्थानीय लोग उसे परसागढ़ जंगल कहते हैं। यह जिराबेइर गांव में आता है। रांची के एसएसपी सुरेंद्र झा ने सिटी एसपी सौरभ कुमार के नेतृत्व में एक क्विक रिस्पॉंस टीम का गठन किया है।

घटना के बाद रांची के लोगों में इसको लेकर काफी गुस्सा है। सोमवार शाम जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सचिवालय से मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रहे थे तो रास्ते में प्रदर्शन कर रही भीड़ ने उनके काफिले को रोक दिया। जमकर हंगामा किया और कुछ गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए गए, जिसमें एक थानेदार जख्मी भी हुए। इससे पहले अलबर्ट एक्का चौक पर बीजेपी नेताओं ने प्रदर्शन भी किया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री ने अभी तक कुछ नहीं कहा है। वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

पूर्व मुख्यमंत्रियों ने की निंदा, बढ़ती घटनाओं पर जताई चिंता

मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ट्विट किया कि, ''बहुत ही भयावह और दुखद स्थिति होती जा रही है झारखंड की, अपराधियों में कानून का भय समाप्त हो गया है। हर दिन महिलाओं और बच्चियों के साथ दरिंदगी की खबरें आती हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है।''

नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि, ''राजधानी रांची में युवती के साथ जिस तरह से घटना घटी है वो वीभत्स कर देने वाला है। आखिर अपराधियों को इतनी हिम्मत कहाँ से मिल रही है। यह घटना निर्भया काण्ड से भी ज्यादा पीड़ादायक है लेकिन यह सरकार सत्ता के नशे में चूर होकर अपनी उपलब्धियां गिनवा रही है।''

वहीं राज्यसभा सांसद और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि, ''शर्मनाक! सत्ता के नशे में मदहोश झारखण्ड सरकार को राज्य की राजधानी तक में बेटियों के साथ होता जुल्म नहीं दिखाई दे रहा है। ओरमांझी में एक लड़की के साथ जिस तरह से घटना घटी है, वह निर्भय काण्ड से भी ज्यादा पीड़ादायक है, लेकिन यह निक्कमी सरकार इस पर भी लीपापोती करने की कोशिश कर रही है।''

2020 में 1657 रेप की घटनाएं, सीएम ने कहा था फ्री डेटा है कारण

हाल ही में प्रदेश के दुमका में एक महिला के साथ 17 लोगों ने गैंगरेप किया था। झारखंड पुलिस की वेबसाइट के मुताबिक इस साल 2020 में जनवरी से नवंबर तक रेप की कुल 1657 घटनाएं हुई हैं। जनवरी में 151, फरवरी में 142, मार्च में 150, अप्रैल में 104 घटनाएं दर्ज की गई हैं। वहीं मई में 169, जून में 176, जुलाई में 141, अगस्त में 160 और सितंबर में 166, अक्टूबर में 164 और नवंबर में 134 मामले दर्ज किए गए हैं, इस दौरान कुल 1457 हत्या के केस दर्ज किए गए हैं।

इससे पहले बीते साल विधानसभा सत्र के दौरान रेप की घटनाओं पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा था, ''आप फ्री जिओ बांटियेगा तो यही सब होगा। फ्री डेटा दीजिएगा तो यही होगा। आप लोगों ने ऐसी व्यवस्था खड़ी कर दी है कि इससे आने वाली पीढ़ी भोगेगी और इसके आप भी हिस्सेदार होंगे।'' रेप की बढ़ती घटनाओं के लिए हेमंत सोरेन ने इसको एक बड़ा कारण माना था।

इस शर्मनाक और वीभत्स कांड को लेकर कई मुख्य सवाल अभी तक अनसुलझे हैं। कौन थी वो लड़की जिसके साथ दरिंदगी हुई? क्या रेप के बाद जननांगों पर हमले किए गए? शव का सिर कहा हैं? पुलिस ने अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई सवालों का जवाब मिल जाएगा, कुछ के लिए जांच जारी है।

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