Read latest updates about "Jharkhand" - Page 1

  • इस राज्य की महिलाओं के लिए एटीएम हैं बकरियां

    रामगढ़ (झारखंड)। आदिवासी बाहुल्य झारखंड को जंगलों की जमीन भी कहा जा सकता है। पहाड़ियों के नीचे यहां कोयला, अभ्रक, लोहा जैसी खनिज संपदा है तो ऊपर कुदरत ने खूब हरियाली दी है। झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ महिलाएं हैं। और इन महिलाओं के लिए बकरियां और मुर्गियां एक तरह से एटीएम हैं, यानि ऐनी...

  • तस्वीरों में देखें ग्रामीण झारखंड को

    झारखंड वानस्पतिक एवं जैविक विविधताओं का भंडार कहना गलत नहीं होगा। हर तरफ हरियाली ही हरियाली नजर आती है। यहां के किसान कुछ इस तरह के छोटे-छोटे खेतों में फसल उगाते हैं। फोटो: चन्द्रकान्त मिश्राझारखंड के किसान गोभी, बीन, मूली, गाजर, टमाटर, आलू इत्यादि की पैदावार कर बंगाल तक सब्जी को...

  • झारखंड राज्य के लाखों किसान केज कल्चर तकनीक से हर साल कमा रहे मुनाफा

    रामगढ़ (झारखंड)। देश के झारखंड राज्य ने केज कल्चर तकनीक को एक नई पहचान दी है। इस तकनीक से राज्य के लाखों मछली पालकों की आय जुड़ी हुई है। इस तकनीक को भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही नीली क्रांति योजना के तहत पूरे भारत में भी जल्दी शुरू किया जाना है। रामगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर पतरातू...

  • झारखंड की ग्रामीण महिलाएं सामुदायिक पत्रकार बनकर बनेंगी अपने गांव की आवाज़

    धनबाद (झारखंड)। सोनपुरा गांव की रहने वाली खुशबू देवी (27 वर्ष) महिला किसान हैं, वो महिलाओं के स्वयं सहायता समूह सखी मंडल की सक्रिय सदस्य हैं। खुशबू अपने गांव की उपलब्धियां, इलाके की समस्याओं को गांव कनेक्शन अखबार के माध्यम से उठाएंगी। धनबाद में चार दिन के प्रशिक्षण के बाद अब खुशबू सामुदायिक पत्रकार...

  • Live: भूमि अधिग्रहण संशोधन कानून के विरोध में विपक्ष का झारखंड बंद

    भूमि अधिग्रहण संसोधन बिल का चौतरफा विरोध हो रहा है। झारखण्ड पांचवी अनुसूची के अंदर आता है इसलिए विरोध के स्वर कुछ ज्यादा तीखे हैं। बीजेपी को छोड़ अन्य सभी राजनीतिक दल के साथ साथ सामाजिक संगठन और जल जंगल जमीन की लड़ाई लड़ने वाले लोग सड़कों पर हैं। सभी इसे उद्योग और कॉर्पोरेट घरानो के हित का बिल बता रहे...

  • इन ग्रामीण महिलाओं को मिली अपने नाम की पहचान, हर कोई इन्हें अब इनके नाम से है जानता

    रामगढ़ (झारखंड)। वर्षों से चाहरदीवारी के अन्दर सीमित रहने वाली महिलाओं ने जब चौखट के बाहर कदम निकाला तो उनके अपने ही विरोध करे लगे। ये अपनों की चुनौतियां और समाज के ताने सुनती रहीं, पतियों की मार सहती रहीं पर सखी मंडल की बैठक में जाना बंद नहीं किया। किसी की पत्नी, माँ और बहन के नाम से जानी जाने...

  • ये महिलाएं हैं पशु सखियां, करती हैं बकरियों का इलाज

    रांची (झारखंड)। बासमती चोड़ा सुबह साढ़े पांच बजे लाल बार्डर में आसमानी रंग की साड़ी पहनकर अपनी साइकिल में दवाइयों से भरे दो बैग टांगकर आसपास के गाँव में निकल पड़ती हैं। तीन चार घंटे में ये आसपास बीमार हुई बकरियों का इलाज करके वापस आ जाती हैं। बकरियों की असमय मौत को रोकने के लिए झारखंड की महिलाएं...

  • ग्रामीण महिलाएं आजीविका कृषक मित्र बनकर कर रहीं आधुनिक तरीके से खेती

    रांची (झारखंड)। महिला किसान वर्षों से जानकारी के अभाव में परम्परागत तरीके से खेती करती आ रहीं थीं, जिससे इन्हें खेती से बहुत ज्यादा मुनाफा नहीं हो रहा था। आजीविका मिशन और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सहयोग से इन ग्रामीण महिला किसानों को आजीविका कृषक मित्र बनाकर इन्हें खेती के आधुनिक...

Share it
Share it
Share it
Top