‘मेरा परिवार अभी भी चाहता है कि मैं चुप रहूं, लेकिन ये मेरे लिए शर्म की बात नहीं है’

Anusha MishraAnusha Mishra   15 Jan 2018 5:59 PM GMT

‘मेरा परिवार अभी भी चाहता है कि मैं चुप रहूं, लेकिन ये मेरे लिए शर्म की बात नहीं है’नादिया जामिल

साल 2017 हॉलीवुड के लिए एक ऐतिहासिक साल रहा। इस साल हॉलीवुड के कई प्रमुख कलाकारों ने एक साथ आकर हार्वे वेंस्टीन और दूसरे ऐसे कलाकारों के खिलाफ मोर्चा खोला जिनपर महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए हाल ही में ही ग्लोब अवॉर्ड में भी वे लैंगिक समानता के सपोर्ट में काले कपड़े पहनकर पहुंचे और 'उनके लिए शर्म की बात नहीं है' (Not Their Shame) और समय खत्म ( Time's Up) जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब पाकिस्तानी अभिनेत्री नादिया जामिल ने ट्विटर के ज़रिए अपने साथ हुए यौन शोषण की कहानी लिखी है। उनका कहना है कि पुरुष किसी भी महिला के शरीर के संरक्षक नहीं हैं, और किसी भी महिला को अपने परिवार के सम्मान की रक्षा के लिए चुप होने पर मजबूर नहीं किया जा सकता है, खासकर ट्विटर पर।

नादिया ने एक के बाद एक तीन ट्वीट किए जिसमें उन्होंने अपने साथ हुई घटना के साथ लोगों को नसीहत भी दी है। अपने पहले ट्वीट में नादिया ने लिखा -

मेरा यौन शोषण मेरे ड्राइवर कारी साहब ने किया था, उसके बाद एक बहुत सभ्य और पढ़े लिखे परिवार के बेटे ने, जिसकी अब शादी हो चुकी है और वह लंदन में है। यह हर जगह है। हर जगह लोग यौन शोषण करते हैं। मेरा परिवार अभी भी चाहता है कि मैं चुप रहूं, लेकिन ये मेरे लिए शर्म की बात नहीं है। कभी नहीं।

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अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा -

तब मैं चार साल की थी जब मेरा यौन शोषण हुआ। मैं कॉलेज थी और मेरा हाल ख़राब था। लोग मुझसे कहते हैं कि अपने परिवार के सम्मान के लिए मत बोलो। क्या मेरे परिवार का सम्मान मेरे शरीर में बंद है? मैं एक गर्वान्वित, मज़बूत और खुश सर्वाइवर हूं। मुझे न खुद पर और न अपने बच्चों पर पर शर्म है। सिर्फ गर्व है मेरे होने पर।

तीसरे ट्वीट में नादिया ने लिखा -

आप बलात्कार को ख़त्म करना चाहते हैं? जिस तरह से पुरुषों को ये सिखाया जाता है कि वे महिलाओं के संरक्षक हैं और जिस तरह से ये वे ये सोचते हैं कि जिसके साथ चाहें, जब चाहें सेक्स करना उनका जन्मसिद्ध अधिकार है, इसको ख़त्म करना होगा। इस तरह की भावना एक लड़के को सिखाई जाती है। वह इसके साथ पैदा नहीं होता। इसे मत सिखाएं। हमारे बेटों को सही चीज़ें सिखाएं।

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नादिया के ये ट्वीट्स वायरल हो रहे हैं। कुछ लोग उनके इस कदम और हिम्मत की सराहना कर रहे हैं तो कुछ उनकी मंशा पर सवाल उठा रहे हैं।

वसीम खोखर ने ट्वीट किया - बहादुर और साहसिक होने के लिए आपको सैल्यूट और सलाम, सम्मान आपके लिए।

सैय्यद ज़ेहरा ने ट्वीट किया - मैं आपकी चिंता की सराहना करती हूं लेकिन ऐसा लड़कों के साथ भी होता है। हां ये सही है किआत्म-अधिकार इस खतरे का एक हिस्सा है, लेकिन पुरुष पीड़ित भी हो सकते हैं। असमानता न लाएं।

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