ब्वॉयलर विस्फोट में अब तक 29 की मौत, न्यायिक जांच की मांग 

ब्वॉयलर विस्फोट में अब तक 29 की मौत, न्यायिक जांच की मांग लखनऊ में हादसे में घायलों को इलाज के लिए ले जाते डॉक्टर। फोटो: गाँव कनेक्शन

रायबरेली/लखनऊ/ नई दिल्ली (भाषा)। रायबरेली जिले में ऊंचाहार स्थित राष्ट्रीय तापीय विद्युत निगम (एनटीपीसी) के संयंत्र में ब्वॉयलर फटने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।

85 घायलों का अस्पतालों में चल रहा इलाज

एनटीपीसी ने विज्ञप्ति जारी कर बताया, 29 लोगों की मौत हो गई और 85 लोगों का रायबरेली और लखनऊ के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने गुरुवार सुबह ऊंचाहार में एनटीपीसी का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उत्तर प्रदेश के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा भी उनके साथ थे।

मानवाधिकार आयोग की ओर से योगी सरकार को नोटिस जारी

बिजली मंत्री ने एनटीपीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने रायबरेली और लखनऊ में भर्ती घायल लोगों का भी हालचाल जाना। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस हादसे का स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को नोटिस जारी करके विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

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मलबे में दबे हो सकते हैं अभी कुछ और शव

राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की टीम अब भी दुर्घटनास्थल पर खोजबीन कर रही है। माना जा रहा है कि मलबे में अभी कुछ और शव दबे हो सकते हैं। एनटीपीसी ने मृतकों के परिजन को 20-20 लाख, गम्भीर रुप से घायलों को 10-10 लाख तथा मामूली रूप से घायल लोगों को दो-दो लाख रुपये की सहायता का एलान किया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मृतकों के परिजन को दो-दो लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।

छह सप्ताह में सरकार से मांगा जवाब

इस बीच, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हादसे का स्वत: संज्ञान लेते हुए रायबरेली के ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी के बिजली संयंत्र का ब्वॉयलर फटने से कम से कम 29 लोगों की मौत की मीडिया रिपोर्टों लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव के जरिए राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऊंचाहार हादसे पर शोक जताया है। राष्ट्रपति भवन ने ट्वीट किया है, रायबरेली पावरप्लांट के हादसे से गहरा दु:ख हुआ है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं। सरकार घायलों की सहायता कर रही है राष्ट्रपति कोविन्द। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यहां एनटीपीसी चिकित्सालय समेत विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हादसे के घायलों का हाल लिया।

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हम जांच की मांग करेंगे

कुछ लोगों द्वारा यह बताने पर कि इस संयंत्र को तीन साल में शुरू होना था, मगर इसे अधूरी तैयारी के साथ ढाई साल के अंदर ही शुरू कर दिया गया। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, "हम जांच की मांग करेंगे। ये लोग कह रहे हैं कि इसको (संयंत्र) जल्दी चला दिया, चलाना नहीं चाहिये था।" सपा के वरिष्ठ नेता अहमद हसन ने लखनऊ में भर्ती घायलों का हाल लेने के बाद इसे बेहद दुखद घटना करार दिया। उन्होंने मांग की कि इस गम्भीर घटना की जांच उच्च न्यायालय के किसी सेवारत न्यायाधीश से करायी जाए। साथ ही हर मृतक परिवार को 50-50 लाख रुपये, घायलों को 10-10 लाख तथा सरकारी नौकरी दी जाए।

दोषियों को मिलनी चाहिए कड़ी सजा

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके प्रभावित परिवारों को बेहतर मुआवजा और सरकारी नौकरी तथा घायलों को हर सम्भव मदद की मांग की। साथ ही कहा, श्रमिकों की मांग है कि लापरवाही की वजह से हुई इस दुर्घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिये और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिये। हालांकि, राहुल के साथ रायबरेली पहुंचे कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद ने स्पष्ट कहा कि दुर्घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिये।

'संयंत्र जल्दी नहीं शुरू किया गया'

उन्होंने कहा, हादसे में मरने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। जख्मियों की संख्या भी 100 से ज्यादा है। इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिये, क्योंकि सरकारी जांच में चीजें छुपाई जाती हैं। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने संयंत्र को आधी-अधूरी तैयारी के साथ शुरू किये जाने की बात को गलत करार दिया। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में संयंत्र को जल्दी शुरू किये जाने के सवाल पर कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह संयंत्र मार्च से पहले तैयार हो गया था। उसके बाद हमने ट्रायल करके इसे सितम्बर में शुरू किया है। उन्होंने कहा कि यह रखरखाव या डिजायन का मामला हो सकता है। इसकी जांच की जाएगी।

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30 दिन में देगी रिपोर्ट

सिंह ने कहा, हम आमतौर पर भेल (भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) से मशीनरी खरीदते हैं। हम उससे कहेंगे कि वह इस बात की जांच करें कि क्या उनके सिस्टम में किसी तरह के सुधार की गुंजाइश है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ट्वीट करके बताया कि घटना की जांच के लिये केंद्र ने एनटीपीसी के अधिशासी निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है, जो 30 दिन में रिपोर्ट देगी।

'सोनिया गांधी परसों ही अस्पताल से लौटी हैं'

ऊंचाहार हादसे के बाद गुजरात का दौरा बीच में ही छोड़कर रायबरेली पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल लिया और घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। बाद में राहुल संयंत्र परिसर के अंदर भी गये। कांग्रेस महासचिव आजाद ने क्षेत्रीय सांसद के रायबरेली नहीं आने के बारे में कहा कि सोनिया परसों ही अस्पताल से लौटी हैं। अगर वह स्वस्थ होतीं तो यहां जरुर आतीं।

सीएम योगी ने किया ट्वीट

इस समय मारिशस की तीन दिवसीय यात्रा पर गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना में हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। साथ ही गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये तथा अन्य घायलों को 25-25 हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा भी की है। गौरतलब है कि 1550 मेगावाट संयंत्र की इकाई-छह में बुधवार को एक ब्वॉयलर फट गया जिससे भारी तबाही हुई थी। इस संयंत्र से नौ राज्यों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। विस्फोट के बाद से 500 मेगावाट क्षमता वाली इकाई-छह पूरी तरह बंद है।

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