भू-माफियाओं ने घर पर चलाया बुल्डोजर, परिवार वाले जान बचाकर भागे 

भू-माफियाओं ने घर पर चलाया बुल्डोजर, परिवार वाले जान बचाकर भागे लखनऊ में न्याय पाने के लिए भटक रहा नागेंद्र का परिवार।                    फोटो - देवांशु मणि तिवारी

लखनऊ। शाम के पांच बजे मजदूरी करके घर लौटे नागेंद्र (32 वर्ष) को यह पता नहीं था कि जिस घर में वो बचपन से खेल कूद कर बड़े हुए आज उसी घर से उन्हें घक्के मार कर निकाल दिया जाएगा। नागेंद्र और उनके परिवार को गाँव के पास के ही कुछ स्थानीय दबंगों ने उनके घर से बाहर निकाल कर वहां पर कब्ज़ा कर लिया है।

न्याय पाने के लिए अपने परिवार के साथ लखनऊ में भटक रहे नागेंद्र ने बताया,'' घर पर अपनी मां के पास बैठकर मैं बच्चों के साथ खेल रहा था, तभी अचानक घर पर कई लोग घुस आएं। वो लोग कह रहे थे कि घर से भाग जाओ और दोबारा यहां दिखाई मत देना। मां को भी धक्का दिया, जिससे उनके पैर में चोट भी लग गई है।''

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यूपी में ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे भूमाफियाओं के कब्ज़े के मामलों पर राजस्व विभाग , उत्तर प्रदेश ने रिपोर्ट जारी कर बताया कि प्रदेश में करीब 15 हज़ार हेक्टेयर सरकारी जमीन को भू-माफिया के कब्जे से मुक्त करा लिया है, लेकिन प्रदेश में एक लाख हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अब भी भू-माफिया काबिज हैं। विभाग का दावा है कि प्रदेश से 732 भू-माफिया की लिस्ट बनाई गई है, जिसके तहत 27 भू-माफिया पर गुंडा एक्ट लगा दिया गया है।

नागेंद्र का परिवार 45 वर्षों से जौनपुर के मछ्लीशहर ब्लॉक के जरौना गाँव में रह रहा है। उनकी ज़मीन उनकी मां अमरावती (70 वर्ष) के नाम पर है। अमरावती ने कहना है कि लोग तहसीलदार साहब के साथ घर आए थें, वो कह रहे थें कि ये ज़मीन ग्राम पंचायत की है इसपर तुम लोग नहीं रह सकते हो।

लखनऊ में अपने परिवार के साथ न्याय पाने के लिए भटक रही 70 वर्षीय अमरावती। फोटो - देवांशु मणि तिवारी

केशव कुमार चौधरी एसपी, जौनपुर ने फोन पर बताया,'' हम मामले की जांच करवाएंगे, अगर गलत तरीके से कब्ज़ा हुआ है तो संबंधित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। परिवार जौनपुर आकर ऑफिस में हमें जल्द से जल्द मिले।''

नागेंद्र के मुताबिक उनके घर को दबंगों ने बगैर नंबर की जेसीबी चलाकर तोड़वा दिया है। घर पर कब्ज़ा करने वाले दबंग पास के ही भट्टे के मालिक हैं।

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अमराती के वकील रंजीतराम बताते हैं,'' अमरावती के घर का बैनामा तहसील में आराजी संख्या 1484/0.53 हेक्टेयर श्रेणी-1 एक रजिस्टर है। इसके बावजूद उनकी ज़मीन को सरकारी ज़मीन बताकर उसपर जबरन कब्ज़ा किया जा रहा है, जो गलत है।''

राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश के मुताबिक सबसे ज्यादा अवैध कब्जे सिंचाई विभाग, वन विभाग, शिक्षा, ग्राम समाज, पीडब्ल्यूडी और पंचायत की ज़मीन पर हैं। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स को विभागों से सौंपी गई अवैध कब्जों की रिपोर्ट चौकाने वाली है। प्रदेश में भू-माफिया के चंगुल में फंसी 1000 बीघे सरकारी जमीनों में से बड़ा हिस्सा तहसीलों का है।

गाँव कनेक्शन अखबार ने पीड़ित परिवार से बात कर के पूरी जानकारी जौनपुर के एसपी केशव कुमार चौधरी से बताई है। उन्होंने परिवार को प्रशासन की पूरी सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया है। नागेंद्र का परिवार पिछले दो दिनों से सरकारी मदद के लिए लखनऊ में भटक रहा है।

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