पल्लवी फौजदार के नेतृत्व में ‘धूम’ मचाएंगी महिला बाइकर्स

Neetu SinghNeetu Singh   24 Jun 2017 8:54 PM GMT

पल्लवी फौजदार के नेतृत्व में ‘धूम’ मचाएंगी महिला बाइकर्समहिला बाइकर्स।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। बाइकिंग के क्षेत्र में तीन विश्व रिकार्ड बनाने वाली पल्लवी फौजदार विश्व की पहली महिला हैं ये रिकार्ड अभी तक किसी पुरुष ने नहीं बना पाए हैं। कई राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित की जा चुकी प्रसिद्ध महिला बाइकर्स पल्लवी के नेतृत्व में ‘महिला बाइकर्स’ की रैली लखनऊ से बनारस तक जायेगी। इसका फ्लैगआँफ महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी 25 जून को करेंगी।

आगरा के सिकंदरा स्तिथ हरीशनगर की रहने वाली पल्लवी फौजदार (37 वर्ष) अपने बाइकर्स बनने के अनुभव के बारे में बड़ी ही सहजता के साथ बताती हैं, “बचपन से ही हमने महिलाओं को संघर्ष करते देखा है, महिलाओं के साथ हो रहा भेदभाव मुझे हमेशा से परेशान करता था, जो लड़के कर सकते हैं वो मै क्यों नहीं कर सकती, बस इसी सोंच ने मुझे बाइकर्स बना दिया।” वो आगे बताती हैं, “मुझे बाइक चलाना किसी ने सिखाया नहीं, जब छोटी थी बाइक पर सही से पैर भी नहीं पहुंच पाते थे तब पिता जी की बाइक चुपचाप चलाने ले गयी थी, पिता जी को पड़ोसियों से पता तब चला जब मै बहुत अच्छी बाइक चलाने लगी थी।”

ये भी पढ़ें- प्रिय कोहली, आप कभी कुंबले जैसा ‘विराट’ नहीं हो सकते

योगी सरकार के 100 दिन पूरे होते ही महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए एक अनूठा प्रयास शुरू किया गया है। भारत सरकार की योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, लिंग चयन एवम कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए तथा महिला हिंसा के मामलों की त्वरित सहायता के लिए 181 महिला हेल्पलाइन, रेस्क्यू वैन आदि के प्रचार-प्रसार के लिए उत्तरप्रदेश महिला एवम बाल विकास विभाग एवम महिला समाख्या उत्तरप्रदेश द्वारा बाइकर्स रैली का आयोजन किया जा रहा है। ये रैली लखनऊ गन्ना संस्थान डालीबाग से 25 जून को शुरू होकर बछरावां, रायबरेली, ऊंचाहार, आलापुर, फाफामऊ, इलाहाबाद होते हुए 27 जून शाम बनारस पहुंचेंगी। इस रैली का नेतृत्व अंतराष्ट्रीय मोटरसाइकिल चालाक पल्लवी फौजदार की देखरेख में होगा। इसमे 12 महिला बाइकर्स, नुक्कड़ नाटक की टीम महिला समाख्या की महिलायें शामिल होंगी।

ये भी पढ़ें- डकैत ददुआ से लोहा लेने वाली ‘शेरनी’ छोड़ना चाहती है चंबल, वजह ये है

पल्लवी फौजदार तीन विश्व रिकार्ड के बारे में बताती हैं, “लद्धाख में हिमालय के खतरनाक आठ पास पांच हजार मीटर की ऊंचाई पर बाइक से तय किये, दूसरा 18774 हजार फीट की ऊंचाई पर स्तिथ ऊँचे भारत चीन के बॉर्डर पर बने आख़िरी गांव माणा पहुंची, तीसरा यहां से 55 किलोमीटर ऊपर माणा पास है, ये बहुत ही खतरनाक रास्ता माना जाता है, ऐसा सुना था यहां दर्जनों बाइकर्स आकर लौट गये पर कोई ऊपर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।” वो खुशी और उत्साह के साथ बताती हैं, “इस खतरनाक रास्ते पर आक्सीजन कम हो गयी थी, कई बार फिसली और एक बार गिर भी गयी लेकिन हारकर वापस नहीं लौटना चाहती थी इसलिए हिम्मत जुटाई और चढ़ गयी, फ्रेशवाटरलेक तक पहुंचने के बाद सबसे ऊँचे मोटरेबल पर पहुंचने वाली विश्व की पहली महिला बन गयी।”

पल्लवी फौजदार की इन उपलब्धियों की वजह से इनका काम लिम्का बुक आँफ रिकार्ड्स में दर्ज हो गया है।अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

पल्लवी फौजदार एक महिला बाइकर्स ही नहीं बल्कि एक सामजिक कार्यकर्ता भी हैं। बाइक से गाँव देहात जाकर वो लोगों को सिर्फ सरकारी योजना की जानकारी ही नहीं देती बल्कि कुपोषित बच्चों के साथ भी बहुत काम किया है। काम के दौरान का अपना अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, “हमारे समाज में आज भी लड़कियों की बराबरी की कितनी भी बात की जाए पर हकीकत यही है अभी भी समाज को स्वीकार नहीं है कि पुरुषों वाला काम महिलाएं करें।

ये भी पढ़ें- आज से हर दिन बदलेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, एलईडी स्क्रीन पर दिखेगा रेट चार्ट

शुरुआती दिनों में जब भी बाइक चलाई, आसपास के लोग यही कहते कि कुछ अलग दिखें इसलिए ऐसा कर रही है, जबकि हकीकत ये थी इस समाज में किसी एक को तो विरोध करना ही था मैंने तो सिर्फ इस धारणा को तोड़ा कि लड़की को उसके मन के शौक को पूरा करने की आजादी दी जाए।” वो आगे बताती है, “बचपन से ही मेरे शौक वो रहे जो हमेशा से चैलेंजिग होते थे, शादी के 10 साल तक बाइक नहीं चलाई, एक समय के बाद खुद लगा क्या हमारी पहचान सिर्फ एक बहन, एक बेटी, पत्नी, माँ, बहु ही रहेगी या फिर उससे आगे भी बढ़ेगी, फिर अपने शौक को जीने की इच्छा अपने पति से जाहिर की, उन्होंने बहुत सपोर्ट किया और आज भी मै अपने शौक को अंजाम दे पा रही हूँ।”

महिला समाख्या की राज्य परियोजना निदेशक डॉक्टर स्मृति सिंह का कहना है, “इस तरह के कार्यक्रम लोगों में जागरूकता लाने का काम करेंगे, सरकारी योजनायें जहां गांव-गांव तक पहुंच नहीं पाती हैं इस तरह की बाइकर्स रैली से ये योजनायें उस आख़िरी व्यक्ति तक पहुंच पाएंगी जो सरकारी योजनाओं से अनजान रहती हैं।” वो आगे बताती हैं, “इस रैली के माध्यम से हम प्रत्यक्ष्य रूप से एक लाख लोगों तक पहुंच पायेंगे, लिंग जांच और महिलाओं की सुरक्षा के 181, रेस्क्यू वैन पर खास जोर नुक्कड़ नाटक, गीत संगीत द्वारा दिया जाएगा, कई ब्लॉक, गाँव जायेंगे।”

ये भी पढ़ें- एक दिव्यांग... महिलाओं को दिला रही न्याय

पल्लवी फौजदार इस बाइकर्स रैली के बारे में बताती हैं, “लोगों की इस सोंच को खत्म करने का प्रयास कि वंश सिर्फ लड़कों से नहीं चल सकता, महिलाएं और किशोरियां अपनी मदद के लिए 181 पर काल करें, उन्हें कहीं भटकने की जरूरत नहीं है रेस्क्यू वैन उनके घर खुद मदद के लिए आयेगी इसके बारे में लोगों को जानकरी हो ये हमारी और फीमेल बाइकर्स की पूरी कोशिश होगी।”

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top