Basant Kumar

Basant Kumar

Swayam Desk रिपोर्टर, लखनऊ , उत्तर प्रदेश


  • मथुरा में शादी की इस अजब परंपरा से लड़कियां परेशान

    मथुरा। जिले से 40 किलोमीटर दूर बलदेव ब्लॉक के बरौली गाँव की रहने वाली नीरू की शादी 2010 में उसकी बड़ी बहन के साथ कर दी गई। तब बड़ी बहन की उम्र 17 साल थी और नीरू की उम्र महज़ 10 साल थी। बड़ी बहन ससुराल चली गई, लेकिन छोटी बहन मायके में ही रही। ये एक ऐसी कुप्रथा है जिस प्रथा का नाम दिया गया है। एक ही मंडप...

  • पति के इलाज के लिए तरन्नुम ने हाथ में उठा लिए रिंच, ट्रक तक के बनाती हैं पंचर

    लखनऊ। ‘‘शादी के बाद ज़िन्दगी बिलकुल उजड़ गयी। बीमारी के कारण पति ठीक से काम नहीं कर पा रहे थे, मुझे खुद ही घर से निकलना पड़ा। किसी के घर पर काम नहीं कर सकती थी तो पति के पंचर की दुकान पर ही काम करने लगी। अब तो ऐसी आदत लगी है कि दुकान पर नहीं आती हूँ तो शरीर दर्द करने लगता है।’’ यह कहना है, पंचर...

  • जैविक खेती की धुन: 5 दिन आईटी इंजीनियर और वीकेंड पर किसान

    जहां आज के युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी अच्छे पद और सैलरी पर नौकरी करना पसंद करते हैं वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो नौकरी के साथ अपनी ज़मीन से भी जुड़ाव रखते हैं। बंगलुरू शहर में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर महेश (32 साल) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है जो खेती करने के लिए सप्ताह के आखिरी दो दिन 700...

  • बाइकरनी ग्रुप : ये जब बाइक पर फर्राटा भरती हैं, लोग बस देखते रह जाते हैं

    लखनऊ। बुर्का पहन आयशा अमीन (20 वर्षीय) जब एफ जेड बाइक लेकर निकलती हैं तो कुछ निगाहें सवाल करती हैं तो कुछ निगाहें ख़ुशी ज़ाहिर करती हैं। इन निगाहों की परवाह किए बिना आयशा अपनी रफ्तार में आगे बढ़ जाती हैं।आयशा अमीन लखनऊ बाइकरनी ग्रुप की सदस्य हैं। यह ग्रुप बाइक चलाकर लड़कियों को अपने मन का करने के लिए...

  • सफाई कर्मचारी दिवस : सीवेज सफाई में हर वर्ष हजारों मजदूरों की हो जाती है मौत

    लखनऊ। मुख्यमंत्री आवास से महज़ सौ मीटर की दूरी पर सुरेश कुमार (55 वर्ष) नाले की सफाई करने के लिए बिना किसी सुरक्षा उपकरण के नाले में उतरे। सुरेश नगर निगम के कर्मचारी भी नहीं हैं। महज़ कुछ पैसों के लिए वो नाले में उतरते हैं। मिर्गी जैसी बीमारी से पीड़ित सुरेश की पत्नी की नजर जब उन पर पड़ती है तो वे...

  • अच्छी पहल : यहां नागपंचमी पर गुड़िया पीटी नहीं झुलाई जाती है

    सीतापुर। उत्तर प्रदेश में एक नई शुरुआत हुई है। ऋषि मुनियों की धरती नैमिष में नागपंचमी के अवसर पर गुड़ियों को झूला झुलाया जाता है। वर्षों से यूपी समेत कई राज्यों में इस त्योहार पर गुड़िया पीटने की परंपरा थी लेकिन ये शुरुआत बेटियों को सम्मान देने के मकसद से की गई।सीतापुर जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर...

  • जीएसटी के बाद : जानिए, क्या है नौकरी का हाल

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्कलखनऊ। “गाँव में काम नहीं मिला तो 6 दिन पहले बहराइच के अपने गाँव से लखनऊ चला आया। यहां 6 दिन में सिर्फ एक दिन काम मिला है। रोजाना हजरतगंज चौराहे पर जाता हूं, लेकिन अक्सर खाली हाथ लौटना पड़ता है।” राजधानी के अम्बेडकर पार्क के सामने छांव में बैठे आत्माराम (40 वर्ष) सिर पर गमछा...

  • अवैध खनन तो रुक गया लेकिन बीमारियों से भी अब भी लोग परेशान

    इलाहाबाद। यहां शंकरगढ़ ब्लॉक में स्थानीय लोग पानी की समस्या से तो जूझ ही रहे थे, अब एड्स, टीबी और मलेरिया के अलावा कई तरह की अलग-अलग बीमारियों ने भी इलाके में घर कर लिया है। हालांकि सबसे ज्यादा मरीज एड्स और मलेरिया के बताए जा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक इस ब्लॉक में वर्तमान में 56 पुरुष-महिलाएं...

  • गरीबी के कारण शादी के लिए बिकने को मजबूर लड़कियां

    इलाहाबाद। ‘‘शादी तो मेरी एक व्यक्ति से हुई थी, लेकिन वहां जाने के बाद परिवार के कई लोग मेरे साथ गलत करते थे। कैसे भी करके मैं वहां से भाग आई। अब मैं वहां नहीं जाना चाहती हूं।’’ ऐसा कहना है हरियाणा में शादी के बाद अपने गाँव छिपिया भागकर आईं निशा (बदला नाम) का। लोग यहां गरीब ज़रूर हैं, लेकिन दहेज...

  • Video : राजधानी लखनऊ का काला सच , डिप्टी CM के घर के पास ढोया जाता है सिर पर मैला

    “हमारे बच्चे ये गंदा काम करने से मना करते हैं, हमें भी अब मन नहीं यह काम करने का। मज़बूरी में गंदा काम करने को मजबूर हैं।’ लखनऊ। 'हमारे बच्चे ये गंदा काम करने से मना करते हैं, हमें भी अब मन नहीं यह काम करने का। मन ऊबने के बाद यह काम छोड़ देते हैं तो यहां के लोग घर के सामने आकर हंगामा करने लगते हैं।...

  • ढाई साल पहले इस गाँव में भी कच्ची शराब से हुई थी 12 लोगों की मौत 

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्कलखनऊ। मलीहाबाद के खड़ता गाँव के लिए 12 जनवरी 2015 का दिन काल के समान था। कच्ची शराब पीने की वजह गाँव के 12 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के लगभग दो साल बाद भी अपने दो बेटों मंगल प्रसाद और सिद्धेश्वर प्रसाद को खोने वाली बुजुर्ग सुमित्रा उन्हें याद कर फफक-फफक कर रोने लगती हैं।उन्हें...

  • कर्ज माफी के नियमों के सताए किसान का दर्द, ‘सरकार 40 एकड़ जमीन के बदले एक शीशी जहर ही दे दो’

    स्वयं प्रजेक्ट डेस्कलखनऊ। महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए क़र्ज़ माफी की घोषणा तो कर दी है लेकिन वे किसान चिंतित हैं जिन्हें सरकार की घोषणा का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे ही परेशान एक किसान अपने बीबी और बच्चों के साथ तख्ती लगाकर सड़क किनारे खड़े होकर अपनी तकलीफ बता रहा है। तख्ती पर मराठी में...

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