Video : कम नहीं हो रहा किसानों का दर्द, रतलाम में मंडी के बाहर खड़ी हैं प्याज से भरी 1000 ट्रालियां

Video : कम नहीं हो रहा किसानों का दर्द, रतलाम में मंडी के बाहर खड़ी हैं प्याज से भरी 1000 ट्रालियांमध्यप्रदेश के रतलाम में नहीं बिक पा रहा है किसानों का प्याज।

रतलाम (मध्यप्रदेश)। पिछले 12 दिनों से आंदोलन कर रहे मध्यप्रदेश के किसानों का दर्द बढ़ने की बजाए बढ़ता रहा है, इसकी गवाही रतलाम में मंडी के बाहर कई किलोमीटर लंबी लगी ट्रैक्टर ट्राली की लाइन बताती है। प्याज से लदी इन ट्रालियों को लेकर आए किसानों को मंडी में अंदर जाने की जगह नहीं मिल रही है। नीचे धरती तप रही है और ऊपर बारिश का बनता माहौल किसानों की चिंता बढ़ा रहा है।

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने उपवास तोड़ते हुए कहा कि वो किसानों के लिए बने हैं। लेकिन किसानों का गुस्सा जारी है। किसानों ने पूरे प्रदेश में चक्का जाम करने और जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों में इस बात का भी गुस्सा है कि जो पहले वादे हुए वो पूरे नहीं किए गए। आंदोलन के शुरुआती दिनों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जो वादे किए थे उनपर भी पूरी तरह अमल नहीं हो पा रहा है। शिवराज ने 8 रुपए की सरकारी दर पर प्याज लेने का वादा किया था लेकिन किसानों को बेचने में छीकें आ रही हैं, ये हाल तब है जबकि इस आंदोलन की बड़ी वजह प्याज और दूसरी सब्जियों में किसानों को हुआ घाटा रहा है। ये भी पढ़े- आलू के बाद प्याज ने निकाले किसानों के आंसू, इंदौर में किसानों ने भेड़ों से चरवाई फसल

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रतलाम में किसान आंदोलन के बाद महू रोड स्थित कृषि उपज मंडी में समर्थन मूल्य पर प्याज बेचने के लिए किसानों की होड़ लगी है। एक साथ यहां एक हजार से अधिक ट्रॉलियां आने व तौल-कांटे कम होने से अव्यवस्था की स्थिति बन गई। इस कारण किसानों और अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई किसानों की ट्रॉलियां बाहर ही रोक दी गईं और उन्हें मंडी में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। ऐसे में किसान नाराज हैं। किसी तरह अधिकारियों ने उन्हें मंडी में ट्रॉली खड़ी करने की जगह नहीं होने की जानकारी देते हुए शांत कराया।

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रतलाम मंडी का हाल।

रविवार को दोपहर एक बजे से नई ट्रॉलियों का प्रवेश बंद कर दिया गया। साथ ही उन्हें घोषणा-पत्र भरकर देने और अगले दिन प्याज लाने के लिए कहा गया। बड़ी संख्या में किसानों ने लाइन में लगकर घोषणा-पत्र भऱवाए की कवायद शुरू कर दी गई है। जबकि किसानों का कहना है कि समय पर प्याज नहीं तौलने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा रहा है।

बारिश हुई तो बर्बाद हो जाएंगे किसान

बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों व अधिकारियों को प्याज खराब होने की चिंता सताने लगी है। जिले में प्रशासन ने समर्थन मूल्य पर प्याज खरीदी के लिए रतलाम व जावरा मंडी में एक-एक केंद्र बनाए हैं। रतलाम मंडी में तीन दिन से लगातार बड़ी संख्या में किसान प्याज लेकर पहुंच रहे हैं। शनिवार दोपहर तक मंडी में एक हजार से अधिक ट्रॉली मंडी में पहुंच चुकी थी। इससे मंडी परिसर में ट्रॉलियां खड़ी करने की समस्या आ गई और गेट पर जाम की स्थिति बन गई। ये हाल तब है जब कि मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन की बड़ी वजह प्याज समेत दूसरी सब्जियों में किसानों का घाटा रहा है।

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दोपहर करीब एक बजे जिला प्रशासन के अधिकारी मंडी पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने उन्हें दो दिन बाद भी प्याज नहीं तुलने और दोपहर में आए किसानों को बाहर ही ट्रॉली खड़ी करवाने की बात बताई। एडीएम कैलाश बुदेंला, एसडीएम नेहा भारतीय, तहसीलदार अजय हिंगे, मंडी के नवागत सचिव मदन बारसे, स्थानांतरित सचिव आर वसुनिया, धराड़ सोसायटी के प्रबंधक संजयसिंह राठौर आदि ने किसानों से व्यवस्थाएं बनाने के संबंध में चर्चा की। शाम को कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने भी मंडी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अपनी ट्राली को अंदर ले जाने की जुगत में किसान।

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