ग्रामीण छात्र-छात्राओं ने जाना, क्या करें 10वीं और 12वीं के बाद?

अक्सर ऐसे ग्रामीण छात्र-छात्राएं शहरी छात्र-छात्राओं की अपेक्षा पीछे रह जाते हैं क्योंकि उनमें योग्यता और क्षमता होने के बावजूद उन्हें अपना कॅरियर बनाने के लिए सही सलाह और मार्गदर्शन नहीं मिलता।

ग्रामीण छात्र-छात्राओं ने जाना, क्या करें 10वीं और 12वीं के बाद?

गदेला (लखनऊ)। ज्यादातर ग्रामीण छात्र-छात्राएं 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद भ्रमित होते हैं कि वे आगे क्या करें, किन विषयों का चुनाव करें? उनके पास 10वीं और 12वीं बाद क्या-क्या विकल्प हैं, उन्हें जानकारी नहीं होती।

अक्सर ऐसे ग्रामीण छात्र-छात्राएं शहरी छात्र-छात्राओं की अपेक्षा पीछे रह जाते हैं क्योंकि उन्हें अपना कॅरियर बनाने के लिए सही सलाह और मार्गदर्शन नहीं मिलता। ऐसे में उनमें योग्यता और क्षमता होने के बावजूद वे अपना कॅरियर बनाने में पिछड़ जाते हैं।

दो दिसंबर को 'गाँव कनेक्शन मेले' में ऐसे ग्रामीण युवाओं को एक खास मौका मिला, जहां बड़ी संख्या में युवाओं ने जाना कि वे 10वीं और 12वीं के बाद कैसे अपने कॅरियर को सही दिशा दे सकते हैं।

भारत के सबसे बड़े ग्रामीण मीडिया प्लेटफार्म 'गाँव कनेक्शन' की 02 दिसंबर को छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर लखनऊ से 35 किमी. दूर कुनौरा गाँव में इस 'गाँव कनेक्शन मेले' का भव्य आयोजन किया गया, जहां हजारों की संख्या में ग्रामीण छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए।

कॅरियर परामर्श सेशन में बच्चों का मार्गदर्शन करते कॅरियर काउंसलर सत्येंद्र सिंह और डा. संचीता घटक।

'कॅरियर परामर्श' के पहले भाग '10वीं के बाद क्या करें' में कॅरियर ग्रूमर्स के कॅरियर काउंसलर सत्येंद्र सिंह ने इन बच्चों को मार्गदर्शन किया। सत्येंद्र ने बच्चों को बताया, "दसवीं बाद बच्चे अपने कॅरियर को लेकर भ्रमित न हो, इसके लिए जरूरी है कि वे अपनी योग्यता, व्यक्तित्व और रुचि को पहचाने। दसवीं के विषयों में मिली सफलता से आपको अपनी योग्यता परखने में सहायता मिलती है।"

सत्येंद्र आगे बताते हैं, "जबकि तरह-तरह की गतिविधियों में व्यस्त होने के दौरान आपके अपने व्यक्तित्व के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इसी तरह ऐसी गतिविधियां जिसमें आपकी खास रुचि है, वे आपको अपना रुचि क्षेत्र दिखाएंगे।" उन्होंने बताया, "अगर हर छात्र इसी समय से इन तीन विकल्पों पर ध्यान दे तो वे न सिर्फ 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए सही स्ट्रीम (विज्ञान, कॉमर्स व आर्ट्स) का चुनाव कर सकेगा, बल्कि अपने कॅरियर को सही दिशा देकर भविष्य में अच्छा मुकाम हासिल कर सकता है।"

मैं गणित में अच्छा नहीं...

इस मौके पर रामा कॉन्वेंट इंटर कॉलेज, हनुमंतपुर के छात्र अनुराग कुमार ने सवाल किया, "मैं गणित में अच्छा नहीं हूं और मेरे इस बार भी गणित में कम नंबर आए हैं, क्या आगे की पढ़ाई में गणित छोड़ देने पर नुकसान उठाना पड़ता है?"

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छात्र के सवाल पर सत्येंद्र ने बताया, "ऐसा कई छात्र सोचते हैं, मगर ऐसा नहीं है कि गणित विषय छोड़ देने में कई स्ट्रीम के दरवाजे बंद हो जाते हैं। 11वीं और 12वीं में कोई गणित की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा आपका किसी भी सामान्य स्ट्रीम में नुकसान नहीं होगा।"

दसवीं के बाद कई डिप्लोमा कोर्स

सत्येंद्र कुमार सिंह, कॅरियर काउंसलरसत्येंद्र कुमार सिंह, कॅरियर काउंसलर

दसवीं के बाद छात्रों के लिए और विकल्पों के बारे में कॅरियर काउंसलर सत्येंद्र सिंह ने बच्चों को बताया, "10वीं के बाद छात्र-छात्राओं के लिए ऐसे कई डिप्लोमा कोर्स भी हैं, जो वे कर सकते हैं। इनमें गणित स्ट्रीम लेने वाले युवाओं के लिए कम से कम 60 तरह के डिप्लोमा कोर्स हैं, जबकि गणित न लेने वाले यानि कि बायोलॉजी, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए भी इतनी ही संख्या में डिप्लोमा कोर्स हैं।"

उन्होंने बताया, "इनमें डिप्लोमा इन मैक्निकल्स, डिप्लोमा इन कैमिकल्स, डिप्लोमा इन बॉयोटेक, डिप्लोमा इन डायटिक्स, डिप्लोमा इन इनफॉरमेशन एंड टेक्नोलॉजी समेत कई कोर्सेस हैं। मगर ग्रामीण छात्र-छात्राओं को इनकी जानकारी नहीं होती है, और वे ऐसे कोर्स का फायदा उठा नहीं पाते हैं।"

ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी ताकत है इंटरनेट

सत्येंद्र सिंह ने आगे बताया, "आज गाँव-गाँव इंटरनेट की सुविधा है और आप गाँव में ही बैठकर दुनिया के किसी भी कोने के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। ऐसे में इंटरनेट ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी ताकत है। जो लोग शहर से दूर हैं, वे छात्र भी इन कोर्सेस के बारे में कई जानकारियां इंटरनेट के जरिए भी पता कर सकते हैं।"

दसवीं के बाद हैं नौकरी के विकल्प

क्या सिर्फ दसवीं के बाद नौकरी के विकल्प हैं, युगांतर विद्या मंदिर, झरसवां के एक छात्र के सवाल पर कॅरियर ग्रूमर्स की एक और कॅरियर काउंसलर डॉ. संचीता घटक ने बच्चों को बताया, "हां, बिल्कुल हैं। अगर बच्चा कई कारणों से अपनी पढ़ाई आगे जारी नहीं रख पाता है तो ऐसे छात्र के लिए नौकरियां हैं। जैसे सरकारी कार्यालय में चपरासी और कांस्टेबल के पद के लिए वे आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा टाइपिस्ट, जेल वार्डन, लैब अटेंडेंट जैसे कई पदों पर नौकरी मिल सकती हैं। इसके लिए कॅरियर काउंसलर से भी ऐसे छात्र सलाह ले सकते हैं।"

कॅरियर परामर्श के पहले सेशन के बाद दसवीं पास छात्र-छात्राओं को दिए गए सर्टिफिकेट्स।







12वीं के बाद क्या करें?

'कॅरियर परामर्श' के दूसरे भाग '12वीं के बाद क्या करें' में एग्जाम 99 के कॅरियर काउंसलर वीरेंद्र सिंह ने बच्चों को बारहवीं के बाद कॅरियर का चयन करने के बारे में कई महत्वपूर्ण सलाह दीं।

दूसरे भाग की शुरुआत में वीरेंद्र सिंह ने बच्चों से कहा, "किसी छात्र ने 12वीं विज्ञान से पास किया, किसी ने कॉमर्स से तो किसी ने आर्ट्स स्ट्रीम से, मगर इसके बाद सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि छात्र का मन उलझन में होता है कि आखिर अब क्या करें?"

कॅरियर परामर्श के दूसरे भाग में 12वीं के बच्चों को कोर्सेस के बारे में जानकारी देते कॅरियर काउंसलर वीरेंद्र सिंह।

वह कहते हैं, "आमतौर पर बच्चे बीएससी, बीकॉम और बीए का चुनाव करते हैं, जो 12वीं के बाद कोई भी छात्र कर सकता है। मगर ऐसे छात्र-छात्राओं के पास कई प्रोफेशनल कॅरियर विकल्प भी मौजूद होते हैं, जिनका चुनाव वे कर सकते हैं। मगर ज्यादातर ग्रामीण छात्र-छात्राओं को इनके बारे में जानकारी नहीं होती और वे उसी दिशा में आगे बढ़ जाते हैं, जहां उनके साथ पढ़ने वाले मित्र जाते हैं।"

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वीरेंद्र कहते हैं, "इसलिए जरूरी है कि वे इन प्रोफेशनल डिग्री कोर्सेस कर अपने कॅरियर को सही दिशा दे सकते हैं।" उन्होंने उदाहरण देते हुए बच्चों को बताया, "जैसे 12वीं के बाद कोई छात्र या छात्रा लॉ यानि कानून के क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहता है तो वह B.Sc. LLB (बैचलर इन साइंस एंड बैचलर इन लॉ), B.Com. LLB (बैचलर इन कॉमर्स एंड बैचलर इन लॉ) और B.A LLB (बैचलर इन आर्ट्स एंड बैचलर इन लॉ) का चुनाव कर सकते हैं।"

वीरेंद्र बताते हैं, "इन डिग्री कोर्स के जरिए छात्र-छात्राओं के लिए वकील, सोशल एक्टिविस्ट, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, जज, प्रोफेसर, लीगल एडवाइजर, कॉरपोरेट लीगल कंसलटेंट, मीडिएटर जैसे कई प्रोफेशंस के मार्ग खुल जाते हैं, जहां वह अच्छी कमाई कर सकते हैं।"

सभी स्ट्रीम में कई प्रोफेशनल डिग्री कोर्सेस

वीरेंद्र ने बच्चों को आगे बताया, "बिजनेस मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट, लिबरल स्टडीज, मास कम्यूनिकेशन, इकोनॉमिक्स, सोशल वर्क, कम्प्यूटर एप्लीकेशंस, डिजाइन, फाइन आर्ट्स, विजुअल आर्ट्स, स्पोर्ट्स, परफॉरमिंग आर्ट्स में कई प्रोफेशनल डिग्री कोर्सेस सभी सामान्य स्ट्रीम के छात्र-छात्राओं के लिए उपलब्ध होते हैं। इसके लिए छात्र-छात्राएं इंटरनेट के जरिए जानकारी प्राप्त कर सकते हैं या फिर कॅरियर काउंसलर के जरिए आपको सही सलाह मिल सकती है, जिससे आपके कॅरियर को सही दिशा मिल सके।"

अलग-अलग स्ट्रीम में कई डिग्री कोर्सेस

इस बीच कॅरियर ग्रूमर्स के कॅरियर काउंसलर सत्येंद्र सिंह ने बताया, "प्रोफेशनल कॅरियर के अलावा साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स यानि अलग-अलग स्ट्रीम में कई कोर्सेस उपलब्ध होते हैं, जैसे यदि आप कॉमर्स स्ट्रीम से हैं तो आपके लिए बीकॉम और बीकॉम ऑनर्स के अलावा B.Sc (Finance) यानि बैचलर इन साइंस विद स्पेशलाइजेशन इन फाइनेंस, BBA (Finance) बैचलर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विद स्पेशलाइजेशन इन फाइनेंस, BFA यानि बैचलर इन फाइनेंशियल एकाउंटिंग के डिग्री कोर्सेस उपलब्ध हैं, जिनका छात्र 12वीं के बाद कॅरियर के लिए चयन कर सकते हैं।"

सत्येंद्र बताते हैं, "इसी तरह अलग-अलग स्ट्रीम में कई डिग्री कोर्सेस उपलब्ध होते हैं, जिनके बारे में ग्रामीण छात्र-छात्राओं को या तो जानकारी नहीं होती या फिर बहुत कम जानकारी होती है। ऐसे में 12वीं के बाद छात्र-छात्राएं ये डिग्री कोर्सेस कर सकते हैं।"

'मैं सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयारी करना चाहता हूं'

इस बीच रामा कॉन्वेंट इंटर कॉलेज के छात्र आकाश कुमार ने सवाल किया, "मैं आईपीएस या सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयारी करना चाहता हूं, इसलिए मैं कौन सा कोर्स चुनूं जो मेरे लिए अच्छा रहेगा?"

कॅरियर काउंसलर वीरेंद्र सिंह।

इस सवाल पर कॅरियर काउंसलर सत्येंद्र सिंह ने बताया, "इन परीक्षाओं के लिए कम से कम छात्र की वर्ष की उम्र हो और किसी भी स्ट्रीम का विद्यार्थी स्नातक यानि ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद आवेदन कर सकता है। ज्यादातर छात्रों ने स्नातक स्तर पर बीए को प्राथमिकता दी है क्योंकि इस डिग्री कोर्स ने छात्र-छात्राओं को तैयारी के लिए समय दिया है।"

सत्येंद्र आगे कहते हैं, "मगर अब ऐसे कई छात्र भी देखने को मिल रहे हैं, जिन्होंने मेडिसिन, इंजीनियरंग और वाणिज्य परीक्षा करने के बावजूद इन परीक्षाओं को क्रैक किया है।"

वहीं वीरेंद्र सिंह ने बताया, "आज के समय में सबकुछ इंटरनेट पर उपलब्ध है और 'एग्जाम 99' ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए इंटरनेट पर कई संबंधित किताबें और क्वेशचन पेपर उपलब्ध कराते हैं, जिसके जरिए गाँव में ही रहकर भी बच्चे तैयारी कर सकते हैं।"

भारतीय सेना में जाने के लिए क्या करें?

एक और छात्र सशील कुमार ने सवाल किया, "मैं भारतीय सेना में बहुत रुचि है, इसके लिए मैं कैसे तैयारी करूं? इस सवाल पर कॅरियर काउंसलर वीरेंद्र सिंह ने छात्र को बताया, "भारतीय सेना में लिखित परीक्षा के साथ-साथ आपका फिजिकल फिटनेस भी देखा जाता है। कई बार छात्रों को पूरी जानकारी नहीं होती और लिखित परीक्षा में पास होने के बावजूद वे सेना में अपना कॅरियर बनाने से रह जाते हैं।"

गाँव कनेक्शन के कॅरियर परामर्श में कई ग्रामीण स्कूलों के बच्चों ने लिया हिस्सा।

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वीरेंद्र बताते हैं, "एक छात्र ने सेना में भर्ती के लिए अप्लाई किया और लिखित परीक्षा में तो पास हो गया, मगर फिजिकल फिटनेस में पास नहीं हो सका। ऐसा इसलिए क्योंकि वह लंबी कूद लगाने में असमर्थ था क्योंकि उसके पैरों के तलवे सपाट थे और सपाट तलवों की वजह से ऊंची कूद नहीं लगाई जा सकती है। ऐसे में वह छात्र बाहर हो गया। इसलिए जरूरी है कि आपको हर स्तर पर जानकारी हो और इसमें आपकी कॅरियर काउंसलर की सलाह काफी मदद कर सकती है।"

'अपने गुणों को पहचाने ग्रामीण छात्र-छात्राएं'

कॅरियर परामर्श के दूसरे भाग के अंत में कॅरियर काउंसलर के सत्येंद्र सिंह ने कहा, "आज शिक्षा क्षेत्र में गाँव-शहर की दूरी मायने नहीं रखती है क्योंकि हर छात्र-छात्रा के लिए इंटरनेट एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है। इंटरनेट के जरिए उन्हें अपने कॅरियर को सही मार्गदर्शन मिल सकता है और वे अपनी योग्यता और क्षमता के अनुसार कई कोर्सेस के बारे में पता कर सकते हैं। इतना ही नहीं, कॅरियर काउंसलर आपकी क्षमताओं के अनुसार आपके कॅरियर को सही दिशा देने के लिए आपकी मदद कर सकते हैं।"

सत्येंद्र सिंह ने बच्चों से कहा, "ग्रामीण छात्र-छात्राओं को मेरी राय है कि आज के समय में नई सोच जरूरी है और आगे बढ़ने के लिए हार्ड वर्क के साथ-साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी है। इसलिए ग्रामीण छात्र-छात्राएं अपनी गुणों को पहचाने और अपनी योग्यता के अनुसार कोर्सेस का चयन करें, जिससे वे अपने कॅरियर को सही दिशा दे सकेंगे।"

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