पढ़ाई के साथ सीख रहे खेती का ककहरा

बदायूं के विकासखंड जगत के खरोली बुर्जुग के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बच्चे ही उगा रहे सब्जियां, सीख रहे खेती के गुर

पढ़ाई के साथ सीख रहे खेती का ककहरा

बदायूं। बच्चों को इस सरकारी स्कूल में न सिर्फ रोचक तरीके से पढ़ाया जाता है, बल्कि उन्हें खेती का ककहरा भी सिखाया जा रहा है।

अपनी इसी खासियत की वजह से विकासखंड जगत के खरोली बुर्जुग का पूर्व माध्यमिक विद्यालय चर्चा का केन्द्र है। यहां कक्षा छह से कक्षा आठ तक के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेती के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। खेती का ज्ञान सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों ने स्कूल परिसर में गार्डेन भी बना रखा है जिसकी देखरेख की जिम्मा भी वे ही उठाते हैं।

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विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजय कुमार गाँव कनेक्शन से बताते हैं, "किताबी ज्ञान के अलावा हमारे विद्यालय में कृषि की भी जानकारी दी जाती है। कितने प्रकार की फसल होती है, कौन सी फसल किस मौसम में उगाई जाती है, इन सब के बारे में बच्चों को बताया जाता है।"

बच्चे स्कूल में आलू, सरसों, मिर्च और टमाटर लगाते हैं।

अजय कहते हैं, "हमारे विद्यालय में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चों के अभिभावक खेती करते हैं। इसलिए बच्चों का भी मन कृषि में लगता है। हम लोग बच्चों को आधुनिक खेती के बारे में जानकारी देते हैं। बच्चे कृषि क्षेत्र में भी अपना कॅरियर बना सकते हैं, इसके लिए बच्चों को खेती से होने वाले फायदों के बारे में बताया जाता है।"

कक्षा आठ के छात्र अखिलेश ने बताया, "हमारा स्कूल बहुत बड़ा है। हमारे अध्यापक हमें खेती-किसानी के बारे में सिखाते हैं। हम सभी बच्चे स्कूल में आलू, सरसों, मिर्च और टमाटर लगाते हैं। हम लोग खुद उनकी देखभाल करते हैं।"

स्कूल परिसर में आलू, टमाटर, मिर्च, भिंडी, मूंगफली, नींबू, कपास, हरसिंगार, गेंदा, गुलाब, मेहंदी के पौधे लगे हैं। हरियाली और बेहतर रखरखाव की वजह से स्कूल की खूबसूरती देखते ही बनती है।

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किचन गार्डेन से निकलने वाली सब्जियों का मिड-डे मील में इस्तेमाल होता है।

स्कूल में है किचेन गार्डेन

विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने बताया, " हमारे स्कूल में बच्चों की उपस्थिति बहुत अच्छी रहती है। हमारे स्कूल में एक किचन गार्डेन भी है। जिन-जिन छात्रों का इस कार्य की ओर रुझान है, वे किचन गार्डन बनाने में पूरी मदद कर रहे हैं। यहां पर सब्जियों के अलावा फूल भी लगाए गए हैं। बच्चों को सब्जियों के महत्व भी बताए जाते हैं।"

कक्षा सात के छात्र प्रशांत ने बताया, " हमारे स्कूल में बहुत सी सब्जियां और फूल लगे हुए हैं। हम लोग खुद इसे लगाते हैं। किचन गार्डेन तैयार करना काफी रोचक है। अब हम लोग अपने घर में भी इसे तैयार करते हैं। हमारे टीचर हमें बताते हैं कि कौन-सी सब्जी कैसे लगाई जाती है और इससे कैसे हमारे शरीर को फायदा मिलता है।"

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विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति रहती है अच्छी।

मिड-डे मील में करते हैं उपयोग

सहायक अध्यापिका मधुबाला ने बताया, " हमारे स्कूल में बच्चों की उपस्थिति 75प्रतिशत रहती है। इस समय विद्यालय में 196 छात्र पंजीकृत हैं। बच्चों ने स्कूल में खुद किचन गार्डेन बना रखा है। वे खुद पौधे लगाते हैं और उनकी देखभाल करते हैं। किचन गार्डेन से निकलने वाली सब्जियों का मिड-डे मील में इस्तेमाल होता है। बच्चों को भी इस तरह पौष्टिक आहार मिल रहा है।"

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