Read latest updates about "स्कूल कनेक्शन" - Page 1

  • इस स्कूल में चलती है स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी में है बच्चों के लिए हजारों किताबों

    कछौना (हरदोई)। पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले सुजीत गृह विभाग के मंत्री हैं उनका काम दूसरी समितियों क्या कर रहीं उनके कामों की देखरेख और सहयोग करना है। सुजीत ही नहीं यहां स्कूल की साफ-सफाई से लेकर कौन बच्चा स्कूल आ रहा है कौन नहीं आ रहा, सब जिम्मेदारियां बच्चों ने आपस में ही बांट रखी है।हरदोई जिले के...

  • अगर ऐसी ही हर ग्राम प्रधान की सोच हो तो बदल जाएगी गाँवों की तस्वीर

    प्रतापगढ़। टूटी-फूटी दीवारें, रही सही दीवारों से भी गिरता प्लास्टर, चिटकी हुई फर्श, मैदान में उगी ऊंची ऊंची घास, न पानी की व्यवस्था न टॉयलेट की… कुछ ऐसी ही पहचान कुछ साल पहले तक थी प्रतापगढ़ जिले के कुंडा ब्लॉक के शहाबपुर गाँव के प्राथमिक विद्यालय की। ... और आज तस्वीर बिल्कुल बदल चुकी है।ये भी...

  • इस प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई के साथ बच्चे सीख रहे बचत का पाठ

    राबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। 'हम हर हफ्ते स्कूल के मिनी बैंक में पैसा जमा करते हैं, जब यहां से निकलेंगे तो एक साथ ढेर सारे पैसे मिल जाएंगे। उससे आगे की पढ़ाई करेंगे।' पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली सुषमा बड़े गर्व से बात बताती हैं। सुषमा की तरह ही स्कूल के अन्य बच्चे भी पैसे जमा करके बचत करना सीख रहे...

  • सफाई की स्पेशल क्लास ने सुधारी बच्चों की सेहत

    लखनऊ। ' ठंड के बावजूद मेरी बेटी कभी बिना नहाए स्कूल नहीं जाती। कंपकंपाती ठंड में मैंने नहाने से मना किया तो कहती है पापा रोज नहाने से बीमार नहीं पड़ते। अब तो बिना हाथ धोए वह खाने को छूती भी नहीं है। ' यह कहना है माल ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रामपुर में कक्षा चार में पढ़ने वाली छात्रा कल्पना के पिता...

  • स्कूल की दीवारें भी पढ़ा रहीं शिक्षा का पाठ

    संतकबीर नगर: संतकबीर नगर जिले में स्थित प्राथमिक विद्यालय राउतपार पूरे क्षेत्र में अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यह स्कूल जिला मुख्यालय खलीलाबाद से 15 किलोमीटर दूर एक पिछड़े ग्रामीण इलाके में स्थित है। लेकिन इसकी खूबसूरती इसे जिले के दूसरे स्कूलों से अलग बनाती है। इस स्कूल को जिला शिक्षा विभाग...

  • अध्यापक-अभिभावकों की कोशिशें रंग लाईं, सकरौली बन गया सबसे खास स्कूल

    कुशीनगर। बच्चों के विकास में अध्यापकों और अभिभावकों की अहम भूमिका होती है। उनकी कोशिश बच्चे का भविष्य संवार सकती है। इसकी झलक दिखती है विकास खंड हाटा के प्राथमिक विद्यालय सकरौली में। यहां के अध्यापक और एसएमसी सदस्यों ने अपनी मेहनत के दम पर इस विद्यालय की तस्वीर बदल दी है। प्रधानाध्यापक संजीव...

  • औषधीय पौधों से महकती है स्कूल की बगिया

    बाराबंकी। हर पौधे की पत्तियों, जड़, फूल और छाल में अलग-अलग गुण होते हैं। इसको किस मर्ज में और कैसे उपयोग करना चाहिए बहुत कम लोग जानते हैं। इन्हीं औषधीय पौधों की जानकारी दी जा रही है ब्लॉक रामनगर के प्राथमिक विद्यालय सिकरौली में। पूरे विद्यालय परिसर में औषधीय पौधे लगे हुए हैं। यहां के बच्चों को हर...

  • बच्चों को समझने के लिए इस प्रधानाध्यापिका ने सीखी अवधी

    अयोध्या। एक शिक्षिका की लगन सैकड़ों बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आई है। अपने जुझारूपन से स्कूल में बदलाव लाने के साथ-साथ उन्होंने बच्चों के बोलचाल, अनुशासन और व्यक्तित्व पर भी काफी काम किया है। इतना ही नहीं बच्चों को सही ढंग से समझने के लिए अवधी भाषा भी सीखी। यहां बात हो रही है उसरू गाँव के...

  • इस स्कूल में प्रधानाध्यापक अभिभावकों से भरवाते हैं शपथ पत्र

    कुशीनगर। प्राथमिक विद्यालय हाटा नगर में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा का स्तर ऊंचा करने लिए यहां के प्रधनाध्यापक ने नई पहल शुरू की है। विद्यालय में बच्चों का नाम लिखाने से पहले अभिभावकों को एक शपथ पत्र भरना होता है, जिसमें बच्चों को रोजाना स्कूल भेजने की शर्त लिखी होती है। विकास खंड हाटा...

  • बच्चों को जिम्मेदार बना रही बाल संसद

    बरेली। जनपद के एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ बाल संसद भी चलती है। किसी छात्र के पास अनुशासन का मंत्रालय है तो किसी के पास साफ-सफाई का। बच्चे भी अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह से निभाते हैं। विकासखंड भोजीपुरा का प्राथमिक विद्यालय अभयपुर में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को अनुशासन और...

  • इस स्कूल में पढ़ाया जाता है स्वच्छता का पाठ, बांटे जाते हैं सेनेटरी नैपकिन

    संतकबीर नगर: बात स्कूल को स्वच्छ बनाने की हो या फिर छात्रों के व्यक्तिगत स्वच्छता की, खलीलाबाद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बयारा ने अपने क्षेत्र में एक खास पहचान बनाई है। यह स्कूल पूरे क्षेत्र के लिए एक 'आदर्श स्कूल' है।स्कूल के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार बताते हैं, 'साफ-सफाई, रंगाई-पुताई...

  • बहुत खास है ये प्राथमिक विद्यालय, अंग्रेजी हो या संस्कृत बच्चे सब में हैं आगे

    सोहरामऊ (उन्नाव)। सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी न सिर्फ अंग्रेजी को लेकर हिचकिचाहट खत्म हो रही है बल्कि वह अंग्रेजी बोलने भी लगे हैं। इसकी झलक दिखती है, उन्नाव जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में। यहां बच्चे तीन साल पहले से ही अंग्रेजी अच्छी तरह से पढ़-समझ रहे हैं। बच्चे अंग्रेजी में तो आगे हैं...

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