Budget 2026: किसानों के लिए ‘भारत विस्तार AI’ प्लेटफॉर्म, अब होगी स्मार्ट और टेक्नोलॉजी आधारित खेती
Budget 2026 में सरकार ने किसानों के लिए भारत विस्तार AI (Bharat Vistar AI)प्लेटफॉर्म की घोषणा की है। यह AI आधारित डिजिटल मंच किसानों को फसल प्रबंधन, मौसम जानकारी, रोग नियंत्रण और बाजार विश्लेषण में मदद करेगा, जिससे खेती ज्यादा स्मार्ट, सुरक्षित और लाभकारी बन सकेगी।
Budget 2026 Highlights: केंद्र सरकार ने Budget 2026-27 में किसानों की तकनीकी क्षमता और कृषि प्रबंधन को अगले स्तर पर ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया कि कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शक्ति का लाभ उठाने के लिए “भारत विस्तार AI (Bharat Vistar AI)” नामक एक विशेष प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा। यह पहल भारतीय कृषि को डिजिटल उन्नति, वैज्ञानिक परिणाम और जोखिम प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
भारत विस्तार AI: क्या है यह प्लेटफॉर्म?
“भारत विस्तार AI” एक कृषि-विशेषीकृत AI प्लेटफॉर्म है, जिसे किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, सहकारी संगठनों और कृषि क्षेत्र से जुड़े स्टार्ट-अप को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसका मकसद है कि कृषि संबंधी सभी जानकारियाँ, जैसे मिट्टी की स्थिति, मौसम, कीट-रोग, उपज-वृद्धि तकनीक, बीज के सुझाव और बाजार के रुझान - AI आधारित सलाह, सरल भाषा में उपलब्ध कराई जा सके।
इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसान अपनी ज़मीन, फसल, मौसम और खेती के तरीकों से जुड़ी जानकारी अपलोड कर सकते हैं और AI के ज़रिए विश्लेषण प्राप्त कर सकते हैं। जैसे कि कौन-सा बीज किस मौसम में बेहतर उपज दे सकता है, मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी का पता लगाकर सुधार के उपाय, फसल सुरक्षा और रोग प्रबंधन की तकनीकें और बाजार भाव और बिक्री की रणनीति।
बजट 2026–27 पर प्रतिक्रिया देते हुए IIT रोपड़ के ANNAM.AI प्रोजेक्ट के निदेशक और CAPS के डीन डॉ. पुष्पेंद्र पी. सिंह ने कहा, "भारत विस्तार प्लेटफॉर्म की शुरुआत किसानों को AI आधारित, रियल-टाइम और जलवायु-स्मार्ट जानकारी से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे किसान मौसम की अनिश्चितता से होने वाले जोखिम कम कर पाएंगे, खेती में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे और सही समय पर सही फैसले ले सकेंगे।"
"बजट में प्रिसिजन एग्री-टेक यानी सटीक और स्मार्ट खेती पर लगातार दिया गया जोर खेती को ज्यादा टिकाऊ, पर्यावरण के अनुकूल और जलवायु बदलाव के असर से लड़ने में सक्षम बनाएगा। साथ ही इससे किसानों की पैदावार बढ़ेगी और आमदनी में भी सुधार होगा। यह बजट सही मायनों में AI और डिजिटल इनोवेशन को भविष्य की खेती की रीढ़ के रूप में स्थापित करता है और भारत के कृषि क्षेत्र को आने वाले समय के लिए तैयार करता है, "उन्होंने आगे कहा।
किसानों को क्या मिलेगा फायदा?
AI आधारित कृषि मंच से किसानों को कई तरह के फ़ायदे होंगे:
फसल पैदावार बढ़ेगी: वैज्ञानिक डेटा और AI-सुझाव की मदद से खेती की विधियाँ बेहतर होंगी।
जोखिम कम होगा: मौसम, रोग और कीटों जैसी अनिश्चितताओं का पूर्वानुमान मिलेगा।
खर्च कम होगा: ज़रूरत के हिसाब से ही फसल inputs (बीज, उर्वरक, पानी) का उपयोग सुझाव के अनुसार होगा।
बेहतर बाज़ार जानकारी: मुनाफ़े वाले मार्केट ट्रेंड और उपज के सही दामों को समझने में मदद मिलेगी।
भरपूर समर्थन: कृषि संबंधी किसी भी चुनौती पर AI आधारित समाधान और सुझाव मिलेगा।
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