By Gaon Connection
भारत में चेरी जैसे ज़ल्दी खराब होने वाले और महंगे फलों की कीमतें अब अंदाज़ों पर नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर तय होंगी। वैज्ञानिकों ने डीप लर्निंग आधारित ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो अलग-अलग मंडियों से मिलने वाले रियल-टाइम डेटा के आधार पर रोज़ाना चेरी के दामों का बेहद सटीक पूर्वानुमान देता है।
भारत में चेरी जैसे ज़ल्दी खराब होने वाले और महंगे फलों की कीमतें अब अंदाज़ों पर नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर तय होंगी। वैज्ञानिकों ने डीप लर्निंग आधारित ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो अलग-अलग मंडियों से मिलने वाले रियल-टाइम डेटा के आधार पर रोज़ाना चेरी के दामों का बेहद सटीक पूर्वानुमान देता है।
By गाँव कनेक्शन
देश में दाल की किल्लत कम करने और दाम को काबू में रखने के लिए केंद्र सरकार ने मसूर दाल पर फ्री इंपोर्ट ड्यूटी एक साल के लिए बढ़ा दी है। अब मसूर दाल के आयात पर 31 मार्च 2025 तक कोई ड्यूटी नहीं ली जाएगी।
देश में दाल की किल्लत कम करने और दाम को काबू में रखने के लिए केंद्र सरकार ने मसूर दाल पर फ्री इंपोर्ट ड्यूटी एक साल के लिए बढ़ा दी है। अब मसूर दाल के आयात पर 31 मार्च 2025 तक कोई ड्यूटी नहीं ली जाएगी।
By Sumit Yadav
सरकार के 2,040 रुपये प्रति क्विंटल धान के एमएसपी के मुकाबले उत्तर प्रदेश में निजी व्यापारी किसानों से 1,900 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीद रहे हैं। फिर भी किसान सरकारी केंद्रों पर न जाकर अपना धान व्यापारियों को बेचना पसंद करते हैं। इस सिलसिले में गाँव कनेक्शन ने रायबरेली, उन्नाव और बाराबंकी जिलों का दौरा क्यों किया। एक ग्राउंड रिपोर्ट-
सरकार के 2,040 रुपये प्रति क्विंटल धान के एमएसपी के मुकाबले उत्तर प्रदेश में निजी व्यापारी किसानों से 1,900 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीद रहे हैं। फिर भी किसान सरकारी केंद्रों पर न जाकर अपना धान व्यापारियों को बेचना पसंद करते हैं। इस सिलसिले में गाँव कनेक्शन ने रायबरेली, उन्नाव और बाराबंकी जिलों का दौरा क्यों किया। एक ग्राउंड रिपोर्ट-
By गाँव कनेक्शन
कैबिनेट ने गेहूं की एमएसपी में 110 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा मसूर की एमएसपी में 500 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों की एमएसपी पर 400 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की है।
कैबिनेट ने गेहूं की एमएसपी में 110 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा मसूर की एमएसपी में 500 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों की एमएसपी पर 400 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की है।
By Pratyaksh Srivastava
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है और विश्व में इसकी हिस्सेदारी लगभग 40 फीसदी है। हालांकि इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में धान उगाने वाले राज्यों में कम बारिश ने इन कुछ आशंकाओं का बाजार गर्म कर दिया कि कहीं केंद्र सरकार चावल के निर्यात पर प्रतिबंध न लगा दे। चार महीने पहले भारत सरकार ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है और विश्व में इसकी हिस्सेदारी लगभग 40 फीसदी है। हालांकि इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में धान उगाने वाले राज्यों में कम बारिश ने इन कुछ आशंकाओं का बाजार गर्म कर दिया कि कहीं केंद्र सरकार चावल के निर्यात पर प्रतिबंध न लगा दे। चार महीने पहले भारत सरकार ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी।
By Sarah Khan
भारत में पाम तेल के सबसे बड़े निर्यातक इंडोनेशिया ने इस साल 28 अप्रैल से पाम तेल के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। भारत में लगभग 38 प्रतिशत खाद्य तेल की मांग पाम तेल द्वारा पूरी होती है। भारत में जहां पहले से ही महंगाई आसमान छू रही है, ऐसे में यूक्रेन-रूस युद्ध के साथ अब इंडोनेशिया का प्रतिबंध तेल की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकता है।
भारत में पाम तेल के सबसे बड़े निर्यातक इंडोनेशिया ने इस साल 28 अप्रैल से पाम तेल के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। भारत में लगभग 38 प्रतिशत खाद्य तेल की मांग पाम तेल द्वारा पूरी होती है। भारत में जहां पहले से ही महंगाई आसमान छू रही है, ऐसे में यूक्रेन-रूस युद्ध के साथ अब इंडोनेशिया का प्रतिबंध तेल की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकता है।
By Sarah Khan
यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण भारत का गेहूं निर्यात काफी बढ़ा है। बढ़ती वैश्विक मांग के कारण, देश में किसानों को गेहूं का अधिक दाम मिल रहा है, जो ज्यादातर खुले बाजार में बेचा जा रहा है। सरकारी मंडियों में गेहूं की खरीद कम हो रही है। साथ ही इस साल भीषण गर्मी के कारण गेहूं की पैदावार में गिरावट आई है। क्या देश में गेहूं का संकट आने वाला है? पढ़िए गाँव कनेक्शन की रिपोर्ट।
यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण भारत का गेहूं निर्यात काफी बढ़ा है। बढ़ती वैश्विक मांग के कारण, देश में किसानों को गेहूं का अधिक दाम मिल रहा है, जो ज्यादातर खुले बाजार में बेचा जा रहा है। सरकारी मंडियों में गेहूं की खरीद कम हो रही है। साथ ही इस साल भीषण गर्मी के कारण गेहूं की पैदावार में गिरावट आई है। क्या देश में गेहूं का संकट आने वाला है? पढ़िए गाँव कनेक्शन की रिपोर्ट।
By गाँव कनेक्शन
वित्त वर्ष 2021-22 में भारत ने सबसे अधिक चीनी इंडोनेशिया को निर्यात किया था, जिसके बाद बांग्लादेश, सूडान और संयुक्त अरब अमीरात का स्थान रहा।
वित्त वर्ष 2021-22 में भारत ने सबसे अधिक चीनी इंडोनेशिया को निर्यात किया था, जिसके बाद बांग्लादेश, सूडान और संयुक्त अरब अमीरात का स्थान रहा।
By गाँव कनेक्शन
वर्ष 2021-22 के लिए कृषि उत्पाद (समुद्री व कृषि उत्पाद सहित) का निर्यात 50 बिलियन डॉलर को पार कर गया है।
वर्ष 2021-22 के लिए कृषि उत्पाद (समुद्री व कृषि उत्पाद सहित) का निर्यात 50 बिलियन डॉलर को पार कर गया है।
By गाँव कनेक्शन
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक पूरे देश से लगभग 34917 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। अभी तक 3510 किसानों को एमएसपी का लाभ मिला है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक पूरे देश से लगभग 34917 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। अभी तक 3510 किसानों को एमएसपी का लाभ मिला है।
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Manvendra Singh
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Gaon Connection