By Gaon Connection
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में बजट के बाद कृषि और ग्रामीण विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने किसान भाईयों की आय बढ़ाने के लिए नई योजनाओं की जानकारी दी, जिसमें निर्यात को प्रोत्साहित करने, जैविक खेती, मत्स्य पालन और पशुपालन शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में बजट के बाद कृषि और ग्रामीण विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने किसान भाईयों की आय बढ़ाने के लिए नई योजनाओं की जानकारी दी, जिसमें निर्यात को प्रोत्साहित करने, जैविक खेती, मत्स्य पालन और पशुपालन शामिल हैं।
By Preeti Nahar
केंद्र सरकार ने गधा पालन को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के भीतर गधा पालन करने वाले युवा उद्यमियों और किसानों को 50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे गधों की संख्या में कमी को रोका जा सकेगा।
केंद्र सरकार ने गधा पालन को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के भीतर गधा पालन करने वाले युवा उद्यमियों और किसानों को 50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे गधों की संख्या में कमी को रोका जा सकेगा।
By Preeti Nahar
महाराष्ट्र का सौंदाला गाँव अब जाति-मुक्त बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा चुका है। ग्राम सभा की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब गाँव में किसी की जाति से संबंधित सवाल नहीं पूछे जाएंगे। यह निर्णय समाज में समानता को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।अब इस गाँव में जाति के बजाय इंसानियत की पहचान के साथ लोग रहते हैं। गाँव कनेक्शन ने यहाँ के सरपंच से बातचीत की और जाना की कैसे शुरूआत हुई इन अनोखी पहल की।
महाराष्ट्र का सौंदाला गाँव अब जाति-मुक्त बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा चुका है। ग्राम सभा की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब गाँव में किसी की जाति से संबंधित सवाल नहीं पूछे जाएंगे। यह निर्णय समाज में समानता को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।अब इस गाँव में जाति के बजाय इंसानियत की पहचान के साथ लोग रहते हैं। गाँव कनेक्शन ने यहाँ के सरपंच से बातचीत की और जाना की कैसे शुरूआत हुई इन अनोखी पहल की।
By Gaon Connection
गर्मियों में भैंसों को खास देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि उनके काले रंग और कम रोम छिद्रों के कारण शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे गर्भधारण क्षमता और हीट साइकिल प्रभावित होता है। एनिमल एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस दौरान भैंस के शरीर का तापमान 0.9 डिग्री फारेनहाइट तक बढ़ सकता है। इसलिए पशुपालकों को विशेष इंतजाम करने और पशुओं के हीट साइकिल की पूरी जानकारी रखने की सलाह दी जाती है।
गर्मियों में भैंसों को खास देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि उनके काले रंग और कम रोम छिद्रों के कारण शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे गर्भधारण क्षमता और हीट साइकिल प्रभावित होता है। एनिमल एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस दौरान भैंस के शरीर का तापमान 0.9 डिग्री फारेनहाइट तक बढ़ सकता है। इसलिए पशुपालकों को विशेष इंतजाम करने और पशुओं के हीट साइकिल की पूरी जानकारी रखने की सलाह दी जाती है।
By Dr SB Misra
सरकारें मुफ्त की योजनाओं से लोगों को भिखारी बना रही हैं। इससे देश की उत्पादकता घट रही है और युवा आलसी हो रहे हैं। चीन ने खुद को जगाकर तरक्की की। भारत की पार्टियां वोट के लिए खैरात बांटकर प्रजातंत्र को कमजोर कर रही हैं। रोजगार और स्वावलंबन पर ध्यान देना जरूरी है।
सरकारें मुफ्त की योजनाओं से लोगों को भिखारी बना रही हैं। इससे देश की उत्पादकता घट रही है और युवा आलसी हो रहे हैं। चीन ने खुद को जगाकर तरक्की की। भारत की पार्टियां वोट के लिए खैरात बांटकर प्रजातंत्र को कमजोर कर रही हैं। रोजगार और स्वावलंबन पर ध्यान देना जरूरी है।
By Gaon Connection
होली के बाद से तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ सकती है, जिसे देखते हुए किसानों के लिए अपनी फसलों की सिंचाई और रोग नियंत्रण करना जरूरी हो जाएगा। ऐसे में किसान बहन-भाई क्या कुछ सावधानियाँ बरत सकते हैं बताया है उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद ने। रबी की फसलों के लिए हल्की सिंचाई करना आवश्यक है। इसके साथ ही चना, अरहर जैसी फसलों के लिए क्या उपाय करने हैं, पढ़िए एस आर्टिकल में।
होली के बाद से तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ सकती है, जिसे देखते हुए किसानों के लिए अपनी फसलों की सिंचाई और रोग नियंत्रण करना जरूरी हो जाएगा। ऐसे में किसान बहन-भाई क्या कुछ सावधानियाँ बरत सकते हैं बताया है उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद ने। रबी की फसलों के लिए हल्की सिंचाई करना आवश्यक है। इसके साथ ही चना, अरहर जैसी फसलों के लिए क्या उपाय करने हैं, पढ़िए एस आर्टिकल में।
By Gaon Connection
भारत की ग्रामीण महिलाएं अब डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में काफी सक्रिय हो गई हैं। यूपीआई के माध्यम से वे न केवल लेन-देन कर रही हैं, बल्कि नए निवेश विकल्पों की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं। बैंक खाते को खुद से संभालना हो या फिर घर के लिए जरूरी बचत हो, अधिकतर वित्तिय फैसलें महिलाएँ खुद से कर रही हैं।
भारत की ग्रामीण महिलाएं अब डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में काफी सक्रिय हो गई हैं। यूपीआई के माध्यम से वे न केवल लेन-देन कर रही हैं, बल्कि नए निवेश विकल्पों की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं। बैंक खाते को खुद से संभालना हो या फिर घर के लिए जरूरी बचत हो, अधिकतर वित्तिय फैसलें महिलाएँ खुद से कर रही हैं।
By Gaon Connection
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम भी अलग-अलग तरह के रंग दिखा रहा है। कहीं बहुत अधिक गर्मी है तो कहीं बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है। मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री तक जा सकता है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी देखने को मिलेगी। जानिए आपके राज्य का क्या है मौसम का अपडेट, ताकि समय रहते मौसम के हिसाब से कर सकें किसान अपनी फसल और खेतों का बचाव।
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम भी अलग-अलग तरह के रंग दिखा रहा है। कहीं बहुत अधिक गर्मी है तो कहीं बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है। मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री तक जा सकता है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी देखने को मिलेगी। जानिए आपके राज्य का क्या है मौसम का अपडेट, ताकि समय रहते मौसम के हिसाब से कर सकें किसान अपनी फसल और खेतों का बचाव।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश में इस होली रंगों के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी उत्सव मनाया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार की पहल पर प्राकृतिक तत्वों से ऑर्गेनिक गुलाल तैयार हो रहा है। यह गुलाल गाय के गोबर की राख, गुलाब, चुकंदर और पालक जैसी चीजों से बनता है। इससे पर्यावरण सुरक्षित रहता है और त्वचा को नुकसान नहीं होता।
उत्तर प्रदेश में इस होली रंगों के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी उत्सव मनाया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार की पहल पर प्राकृतिक तत्वों से ऑर्गेनिक गुलाल तैयार हो रहा है। यह गुलाल गाय के गोबर की राख, गुलाब, चुकंदर और पालक जैसी चीजों से बनता है। इससे पर्यावरण सुरक्षित रहता है और त्वचा को नुकसान नहीं होता।
By Gaon Connection
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) जलवायु संकट का सामना करने के लिए नई और उन्नत फसल किस्मों पर काम कर रहा है। ये किस्में न केवल जलवायु के प्रतिकूल प्रभावों को सहन कर सकेंगी, बल्कि इनमें पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा भी होगी। इससे न केवल फसलों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) जलवायु संकट का सामना करने के लिए नई और उन्नत फसल किस्मों पर काम कर रहा है। ये किस्में न केवल जलवायु के प्रतिकूल प्रभावों को सहन कर सकेंगी, बल्कि इनमें पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा भी होगी। इससे न केवल फसलों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
By Gaon Connection
By Preeti Nahar
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By Dr SB Misra
By Gaon Connection
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