By Preeti Nahar
फरवरी का दूसरा हफ्ता उत्तर भारत में मौसम के रंग बदलने का संकेत दे रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की तस्वीर एक-सी नहीं है। मैदानी इलाकों में ठंड धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है और तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, जबकि पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। इसका सीधा असर जनजीवन, खेती और यात्रा पर पड़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में धूप के साथ गर्मी का एहसास होगा। हालांकि, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और बारिश की स्थिति बनीरहेगी।
फरवरी का दूसरा हफ्ता उत्तर भारत में मौसम के रंग बदलने का संकेत दे रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की तस्वीर एक-सी नहीं है। मैदानी इलाकों में ठंड धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है और तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, जबकि पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। इसका सीधा असर जनजीवन, खेती और यात्रा पर पड़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में धूप के साथ गर्मी का एहसास होगा। हालांकि, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और बारिश की स्थिति बनीरहेगी।
By Gaon Connection
केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत गांवों में ड्रोन और आधुनिक तकनीक से जमीन का सर्वे किया जा रहा है। लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक 1.86 लाख गांवों में 3.06 करोड़ संपत्ति कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस काम में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। सरकार का कहना है कि इससे गांवों में जमीन के मालिकाना हक को लेकर साफ़ रिकॉर्ड बनेगा और विवाद कम होंगे।
केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत गांवों में ड्रोन और आधुनिक तकनीक से जमीन का सर्वे किया जा रहा है। लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक 1.86 लाख गांवों में 3.06 करोड़ संपत्ति कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस काम में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। सरकार का कहना है कि इससे गांवों में जमीन के मालिकाना हक को लेकर साफ़ रिकॉर्ड बनेगा और विवाद कम होंगे।
By Preeti Nahar
आज की नई पीढ़ी उस दौर में पैदा हो रही है जहाँ मोबाइल फोन सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। बच्चों की उँगलियाँ किताबों से पहले स्क्रीन को पहचानने लगी हैं और डिजिटल दुनिया उनकी सोच, पढ़ाई और व्यवहार को लगातार प्रभावित कर रही है। एक ओर स्मार्टफोन डिजिटल लर्निंग और जानकारी तक आसान पहुँच का ज़रिया बन रहे हैं, तो दूसरी ओर बढ़ता स्क्रीन टाइम बच्चों की एकाग्रता, सेहत और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इसी बहस के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सवाल ये है कि क्या मोबाइल फोन सच में बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए खतरा हैं, या फिर सही नियमों के साथ ये एक उपयोगी शैक्षिक साधन भी बन सकते हैं?
आज की नई पीढ़ी उस दौर में पैदा हो रही है जहाँ मोबाइल फोन सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। बच्चों की उँगलियाँ किताबों से पहले स्क्रीन को पहचानने लगी हैं और डिजिटल दुनिया उनकी सोच, पढ़ाई और व्यवहार को लगातार प्रभावित कर रही है। एक ओर स्मार्टफोन डिजिटल लर्निंग और जानकारी तक आसान पहुँच का ज़रिया बन रहे हैं, तो दूसरी ओर बढ़ता स्क्रीन टाइम बच्चों की एकाग्रता, सेहत और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इसी बहस के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सवाल ये है कि क्या मोबाइल फोन सच में बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए खतरा हैं, या फिर सही नियमों के साथ ये एक उपयोगी शैक्षिक साधन भी बन सकते हैं?
By Gaon Connection
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया कि ‘भारत टैक्सी’ देश का पहला सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग ऐप है। यह ऐप ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लेता। अब तक इससे लगभग 10 लाख उपयोगकर्ता और 3 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं और करीब तीन लाख राइड पूरी की जा चुकी हैं। सरकार की योजना 2029 तक इसे पूरे देश में फैलाने की है।
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया कि ‘भारत टैक्सी’ देश का पहला सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग ऐप है। यह ऐप ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लेता। अब तक इससे लगभग 10 लाख उपयोगकर्ता और 3 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं और करीब तीन लाख राइड पूरी की जा चुकी हैं। सरकार की योजना 2029 तक इसे पूरे देश में फैलाने की है।
By Gaon Connection
विश्वभर में चर्चित जर्मनी के जैविक उत्पाद मेले में भारत के जैविक उत्पादों की विविधता और उच्च गुणवत्ता पर मुहर। बीस से अधिक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ले रहे हिस्सा।
विश्वभर में चर्चित जर्मनी के जैविक उत्पाद मेले में भारत के जैविक उत्पादों की विविधता और उच्च गुणवत्ता पर मुहर। बीस से अधिक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ले रहे हिस्सा।
By Gaon Connection
उत्तराखंड के पहाड़ों में पिछले 22 सालों (2001-2023) में हरियाली के साथ क्या हो रहा है, इस पर नैनीताल के वैज्ञानिकों ने एक बड़ा अध्ययन किया है। उपग्रह तस्वीरों और आधुनिक तकनीक से पता चला है कि मौसम बदलने, प्रदूषण बढ़ने और जंगल की आग जैसी वजहों से पहाड़ों की हरियाली पर असर पड़ रहा है। मानसून के बाद जहां जंगल सबसे हरे-भरे होते हैं, वहीं गर्मियों में सबसे कम। यह शोध बताता है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो हिमालय की यह अनमोल धरोहर खतरे में पड़ सकती है।
उत्तराखंड के पहाड़ों में पिछले 22 सालों (2001-2023) में हरियाली के साथ क्या हो रहा है, इस पर नैनीताल के वैज्ञानिकों ने एक बड़ा अध्ययन किया है। उपग्रह तस्वीरों और आधुनिक तकनीक से पता चला है कि मौसम बदलने, प्रदूषण बढ़ने और जंगल की आग जैसी वजहों से पहाड़ों की हरियाली पर असर पड़ रहा है। मानसून के बाद जहां जंगल सबसे हरे-भरे होते हैं, वहीं गर्मियों में सबसे कम। यह शोध बताता है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो हिमालय की यह अनमोल धरोहर खतरे में पड़ सकती है।
By Gaon Connection
बिहार सरकार ने वसंतकालीन गन्ना रोपण को बढ़ावा देने के लिए अनुदान योजना शुरू की है। किसान अब ऑनलाइन आवेदन कर प्रमाणित बीज और आधुनिक रोपण तकनीक पर आर्थिक सहायता पा सकते हैं।
बिहार सरकार ने वसंतकालीन गन्ना रोपण को बढ़ावा देने के लिए अनुदान योजना शुरू की है। किसान अब ऑनलाइन आवेदन कर प्रमाणित बीज और आधुनिक रोपण तकनीक पर आर्थिक सहायता पा सकते हैं।
By Divendra Singh
लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार देश में हाथियों और बाघों से जुड़ा मानव-वन्यजीव संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। ओडिशा हाथी हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित है, जबकि बाघों से मौतों में महाराष्ट्र शीर्ष पर है, लेकिन आखिर क्यों बढ़ रहा है ये संघर्ष?
लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार देश में हाथियों और बाघों से जुड़ा मानव-वन्यजीव संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। ओडिशा हाथी हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित है, जबकि बाघों से मौतों में महाराष्ट्र शीर्ष पर है, लेकिन आखिर क्यों बढ़ रहा है ये संघर्ष?
By Gaon Connection
भारत सरकार ने 10 फ़रवरी से फ़ाइलेरिया (हाथीपाँव) जैसी गंभीर लेकिन पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी के खिलाफ मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान शुरू किया है। यह अभियान देश के 12 राज्यों के 124 फ़ाइलेरिया-प्रभावित जिलों में चलाया जा रहा है, जहाँ स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर मुफ़्त और सुरक्षित दवाएँ खिलाएँगे। फ़ाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाला परजीवी रोग है, जो समय पर रोका न जाए तो आजीवन सूजन, दर्द और विकलांगता का कारण बन सकता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत दुनिया में फ़ाइलेरिया से सबसे अधिक प्रभावित देशों में है जहाँ करोड़ों लोग जोखिम में और लाखों लोग बीमारी के दुष्प्रभाव झेल रहे हैं। MDA का उद्देश्य इलाज नहीं, बल्कि संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हर पात्र व्यक्ति दवा ले, तो भारत 2027 तक फ़ाइलेरिया-मुक्त बनने के लक्ष्य के बेहद करीब पहुँच सकता है।
भारत सरकार ने 10 फ़रवरी से फ़ाइलेरिया (हाथीपाँव) जैसी गंभीर लेकिन पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी के खिलाफ मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान शुरू किया है। यह अभियान देश के 12 राज्यों के 124 फ़ाइलेरिया-प्रभावित जिलों में चलाया जा रहा है, जहाँ स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर मुफ़्त और सुरक्षित दवाएँ खिलाएँगे। फ़ाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाला परजीवी रोग है, जो समय पर रोका न जाए तो आजीवन सूजन, दर्द और विकलांगता का कारण बन सकता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत दुनिया में फ़ाइलेरिया से सबसे अधिक प्रभावित देशों में है जहाँ करोड़ों लोग जोखिम में और लाखों लोग बीमारी के दुष्प्रभाव झेल रहे हैं। MDA का उद्देश्य इलाज नहीं, बल्कि संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हर पात्र व्यक्ति दवा ले, तो भारत 2027 तक फ़ाइलेरिया-मुक्त बनने के लक्ष्य के बेहद करीब पहुँच सकता है।
By Gaon Connection
पेंच टाइगर रिजर्व की बाघिन STR-T6 को कोयना क्षेत्र में छोड़ा गया। यह कदम पश्चिमी घाट में बाघों की आबादी मजबूत करने और नए आवास विकसित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पेंच टाइगर रिजर्व की बाघिन STR-T6 को कोयना क्षेत्र में छोड़ा गया। यह कदम पश्चिमी घाट में बाघों की आबादी मजबूत करने और नए आवास विकसित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
By Preeti Nahar
By Preeti Nahar
By Gaon Connection
By Preeti Nahar
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Gaon Connection