By Preeti Nahar
Germanwatch की Climate Risk Index 2025 रिपोर्ट के अनुसार 1993 से 2022 के बीच दुनिया में 9,400 से ज्यादा चरम मौसम घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें लाखों लोगों की मौत हुई और ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ। रिपोर्ट बताती है कि भारत में बाढ़, लू, सूखा और अनियमित मानसून जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर किसानों, ग्रामीण इलाकों और जल संसाधनों पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में जलवायु संकट और गंभीर हो सकता है।
Germanwatch की Climate Risk Index 2025 रिपोर्ट के अनुसार 1993 से 2022 के बीच दुनिया में 9,400 से ज्यादा चरम मौसम घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें लाखों लोगों की मौत हुई और ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ। रिपोर्ट बताती है कि भारत में बाढ़, लू, सूखा और अनियमित मानसून जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर किसानों, ग्रामीण इलाकों और जल संसाधनों पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में जलवायु संकट और गंभीर हो सकता है।
By Gaon Connection
रायबरेली के हरिनाम वर्मा ने खेती में नई तकनीकें अपनाईं। उन्होंने डोरी से धान की रोपाई की और दूसरी फसलों में भी लाइन से बुवाई की। इससे उत्पादन बढ़ा और उन्हें कई सम्मान मिले। उनकी पत्नी को भी गेहूं उत्पादन के लिए पुरस्कार मिला। हरिनाम वर्मा ने कृषि विभाग से संपर्क कर जानकारी हासिल की।
रायबरेली के हरिनाम वर्मा ने खेती में नई तकनीकें अपनाईं। उन्होंने डोरी से धान की रोपाई की और दूसरी फसलों में भी लाइन से बुवाई की। इससे उत्पादन बढ़ा और उन्हें कई सम्मान मिले। उनकी पत्नी को भी गेहूं उत्पादन के लिए पुरस्कार मिला। हरिनाम वर्मा ने कृषि विभाग से संपर्क कर जानकारी हासिल की।
By Preeti Nahar
साल 2026 में अल नीनो की दस्तक भारत में नई चुनौतियां लेकर आएगी। कई राज्यों में लू से राहत की उम्मीद नहीं है तो कहीं वर्षा की कमी से संकट गहरा सकता है। खासकर उत्तर भारत में जल संकट की स्थिति बन सकती है। मध्य भारत के कृषि क्षेत्र में भीषण गर्मी से कपास, सोयाबीन और गन्ने की फसलें प्रभावित होंगी। जानिए देश के किस हिस्से में कितना गंभीर होगा अल नीनो का असर?
साल 2026 में अल नीनो की दस्तक भारत में नई चुनौतियां लेकर आएगी। कई राज्यों में लू से राहत की उम्मीद नहीं है तो कहीं वर्षा की कमी से संकट गहरा सकता है। खासकर उत्तर भारत में जल संकट की स्थिति बन सकती है। मध्य भारत के कृषि क्षेत्र में भीषण गर्मी से कपास, सोयाबीन और गन्ने की फसलें प्रभावित होंगी। जानिए देश के किस हिस्से में कितना गंभीर होगा अल नीनो का असर?
By Preeti Nahar
तीसरे अग्रिम कृषि अनुमान के अनुसार देश में चावल, गेहूं, मक्का, मूंगफली, सरसों और गन्ने जैसी कई प्रमुख फसलों का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में करीब 188 लाख टन अधिक रहने का अनुमान है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके लिए किसानों, ICAR के वैज्ञानिकों और कृषि संस्थानों को बधाई दी है। सरकार का दावा है कि क्लाइमेट-रेज़िलिएंट खेती, वैज्ञानिक सलाह, बेहतर बीज और आधुनिक तकनीकों के कारण कृषि उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
तीसरे अग्रिम कृषि अनुमान के अनुसार देश में चावल, गेहूं, मक्का, मूंगफली, सरसों और गन्ने जैसी कई प्रमुख फसलों का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में करीब 188 लाख टन अधिक रहने का अनुमान है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके लिए किसानों, ICAR के वैज्ञानिकों और कृषि संस्थानों को बधाई दी है। सरकार का दावा है कि क्लाइमेट-रेज़िलिएंट खेती, वैज्ञानिक सलाह, बेहतर बीज और आधुनिक तकनीकों के कारण कृषि उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
By Preeti Nahar
देशभर में करोड़ों गरीब और जरूरतमंद लोगों तक राशन सही तरीके से पहुंचे, इसके लिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और मजबूत बनाने का बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) की बैठक में “सार्थक-पीडीएस” नाम की नई व्यापक योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना पर अगले पांच वर्षों में 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे राशन वितरण व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी, तकनीक आधारित और भ्रष्टाचार मुक्त बनेगी।
देशभर में करोड़ों गरीब और जरूरतमंद लोगों तक राशन सही तरीके से पहुंचे, इसके लिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और मजबूत बनाने का बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) की बैठक में “सार्थक-पीडीएस” नाम की नई व्यापक योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना पर अगले पांच वर्षों में 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे राशन वितरण व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी, तकनीक आधारित और भ्रष्टाचार मुक्त बनेगी।
By Preeti Nahar
देशभर में भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने वाली है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 29 मई से 5 जून के बीच भारत के बड़े हिस्से में प्री-मानसून बारिश की संभावना है। इससे उत्तर भारत में तापमान में 3°C से 7°C तक की गिरावट आ सकती है। दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी अच्छी बारिश की उम्मीद है।
देशभर में भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने वाली है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 29 मई से 5 जून के बीच भारत के बड़े हिस्से में प्री-मानसून बारिश की संभावना है। इससे उत्तर भारत में तापमान में 3°C से 7°C तक की गिरावट आ सकती है। दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी अच्छी बारिश की उम्मीद है।
By Gaon Connection
योगी सरकार अब प्री-प्राइमरी शिक्षा को मजबूत कर रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में 3 से 6 साल के बच्चों के लिए आधुनिक शिक्षण सामग्री बांटी जा रही है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप है। गतिविधि आधारित और खेल-खेल में सीखने पर जोर दिया जा रहा है। इससे बच्चों का मानसिक और भाषाई विकास होगा।
योगी सरकार अब प्री-प्राइमरी शिक्षा को मजबूत कर रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में 3 से 6 साल के बच्चों के लिए आधुनिक शिक्षण सामग्री बांटी जा रही है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप है। गतिविधि आधारित और खेल-खेल में सीखने पर जोर दिया जा रहा है। इससे बच्चों का मानसिक और भाषाई विकास होगा।
By Preeti Nahar
ऑस्ट्रेलिया की मौसम एजेंसी ने बताया है कि El Nino जून में भारत की धरती पर दस्तक दे सकता है। इससे किसानों की चिंता में इजाफा हुआ है, क्योंकि यह मानसून और खरीफ फसलों के लिए खतरा बन सकता है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक समीक्षा बैठक बुलाई है।
ऑस्ट्रेलिया की मौसम एजेंसी ने बताया है कि El Nino जून में भारत की धरती पर दस्तक दे सकता है। इससे किसानों की चिंता में इजाफा हुआ है, क्योंकि यह मानसून और खरीफ फसलों के लिए खतरा बन सकता है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक समीक्षा बैठक बुलाई है।
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देशवासी भीषण गर्मी से बेहाल हैं और मानसून का इंतजार कर रहे हैं। इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल थोड़ी धीमी पड़ गई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मानसून जून के बीच केरल पहुँच सकता है। वहीं, उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्से अभी भी भीषण हीटवेव की चपेट में हैं।
देशवासी भीषण गर्मी से बेहाल हैं और मानसून का इंतजार कर रहे हैं। इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल थोड़ी धीमी पड़ गई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मानसून जून के बीच केरल पहुँच सकता है। वहीं, उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्से अभी भी भीषण हीटवेव की चपेट में हैं।
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देशभर में भीषण गर्मी पड़ रही है। मानसून का आगमन तय समय से देरी से हो रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम ने मानसून की रफ्तार को धीमा कर दिया है। केरल में बारिश हो रही है, लेकिन इसे अभी मानसून घोषित नहीं किया गया है।
देशभर में भीषण गर्मी पड़ रही है। मानसून का आगमन तय समय से देरी से हो रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम ने मानसून की रफ्तार को धीमा कर दिया है। केरल में बारिश हो रही है, लेकिन इसे अभी मानसून घोषित नहीं किया गया है।
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