By Preeti Nahar
इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन पिछले कुछ समय से काफी बढ़ गया है। ऐसे में सही जानकारी न होने के कारण लोग इंटरनेट या सुनी-सुनायी बातों पर भरोसा करके फास्टिंग शुरू कर देते हैं। जिसका फयदा कम और नुकसान अधिक हो सकता है। ऐसे में इंटरमिटेंट फास्टिंग का सही तरीक क्या होना चाहिए और सबसे ज़रूरी कब होनी चाहिए फास्टिंग, इसकी सटीक जानकारी आपको सेहतमंद बना सकती है। इंटरमिटेंट फास्टिंग के सही तरीके के बारे में हैदराबाद के अपोलो अस्पताल के Neurologist, डॉ. सुधीर कुमार ने जो बताया वो जानना ज़रूरी है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन पिछले कुछ समय से काफी बढ़ गया है। ऐसे में सही जानकारी न होने के कारण लोग इंटरनेट या सुनी-सुनायी बातों पर भरोसा करके फास्टिंग शुरू कर देते हैं। जिसका फयदा कम और नुकसान अधिक हो सकता है। ऐसे में इंटरमिटेंट फास्टिंग का सही तरीक क्या होना चाहिए और सबसे ज़रूरी कब होनी चाहिए फास्टिंग, इसकी सटीक जानकारी आपको सेहतमंद बना सकती है। इंटरमिटेंट फास्टिंग के सही तरीके के बारे में हैदराबाद के अपोलो अस्पताल के Neurologist, डॉ. सुधीर कुमार ने जो बताया वो जानना ज़रूरी है।
By Gaon Connection
आज 18 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) अपने दस साल पूरे कर रही है। 2016 में PM नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना ने अब तक 10.80 करोड़ से ज़्यादा किसानों को करीब ₹1.93 लाख करोड़ का मुआवज़ा दिया है। दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना बन चुकी PMFBY ने भारतीय खेती की तकदीर बदली है, हालांकि कुछ राज्यों में देरी और धोखाधड़ी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
आज 18 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) अपने दस साल पूरे कर रही है। 2016 में PM नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना ने अब तक 10.80 करोड़ से ज़्यादा किसानों को करीब ₹1.93 लाख करोड़ का मुआवज़ा दिया है। दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना बन चुकी PMFBY ने भारतीय खेती की तकदीर बदली है, हालांकि कुछ राज्यों में देरी और धोखाधड़ी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
By Preeti Nahar
बच्चों की पढ़ाई को लेकर आजकल के माँ-बाप काफी परेशान रहते हैं कि बढ़ती तकनीक के ज़माने में बच्चों की दुनिया से मेल बिठा कर कैसे उनकी दुनिया में घुला जाए? कैसे उनके मन की बातों को खेल-खेल में समझा जाए या फिर कैसे उनके मन के भावों को शिक्षा के जरिए डिवेलप किया जाए, बच्चों के भावों को एक नई शक्ल दी जाए? ऐसे में NCERT(National Council of Educational Research and Training) ने बच्चों के मन के भावों और Artificial Intelligence को जोड़ते हुए एक जादुई पिटारा लॉन्च किया है जो ख़ासकर 3 से 8 साल के बच्चों कि लिए डिजाइन किया है। आपने अभी तक इसके बारे में नहीं पढ़ा है जो यहाँ समझिए पूरी जानकारी 'e-Jaadui Pitara' के बारे में।
बच्चों की पढ़ाई को लेकर आजकल के माँ-बाप काफी परेशान रहते हैं कि बढ़ती तकनीक के ज़माने में बच्चों की दुनिया से मेल बिठा कर कैसे उनकी दुनिया में घुला जाए? कैसे उनके मन की बातों को खेल-खेल में समझा जाए या फिर कैसे उनके मन के भावों को शिक्षा के जरिए डिवेलप किया जाए, बच्चों के भावों को एक नई शक्ल दी जाए? ऐसे में NCERT(National Council of Educational Research and Training) ने बच्चों के मन के भावों और Artificial Intelligence को जोड़ते हुए एक जादुई पिटारा लॉन्च किया है जो ख़ासकर 3 से 8 साल के बच्चों कि लिए डिजाइन किया है। आपने अभी तक इसके बारे में नहीं पढ़ा है जो यहाँ समझिए पूरी जानकारी 'e-Jaadui Pitara' के बारे में।
By Gaon Connection
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) द्वारा 25 से 27 फरवरी 2026 को कृषि विज्ञान मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में किसानों को धान, अरहर, मूंग और बाजरे की उन्नत किस्मों के बीज मिलेंगे। साथ ही खेती की नई तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) द्वारा 25 से 27 फरवरी 2026 को कृषि विज्ञान मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में किसानों को धान, अरहर, मूंग और बाजरे की उन्नत किस्मों के बीज मिलेंगे। साथ ही खेती की नई तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी।
By Preeti Nahar
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया। मध्य प्रदेश का यह बजट किसान, गरीब, युवा और महिलाओं पर विशेष ध्यान देने वाला और विकास-प्रधान बजट माना जा रहा है। खेती से लेकर रोजगार, शिक्षा से स्वास्थ्य तक सभी वर्गों को शामिल करते हुए सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी है। साथ ही बजट को डिजिटल, पारदर्शी और तीन-साल की योजना वाला बताया जा रहा है, जिससे प्रदेश की समग्र प्रगति को बढ़ावा मिले।
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया। मध्य प्रदेश का यह बजट किसान, गरीब, युवा और महिलाओं पर विशेष ध्यान देने वाला और विकास-प्रधान बजट माना जा रहा है। खेती से लेकर रोजगार, शिक्षा से स्वास्थ्य तक सभी वर्गों को शामिल करते हुए सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी है। साथ ही बजट को डिजिटल, पारदर्शी और तीन-साल की योजना वाला बताया जा रहा है, जिससे प्रदेश की समग्र प्रगति को बढ़ावा मिले।
By Gaon Connection
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट विधानसभा में पेश किया। यह बजट 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का है जो पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा है। करीब डेढ़ घंटे चले बजट भाषण में वित्त मंत्री ने महिलाओं, किसानों, युवाओं, पुलिसकर्मियों और दिव्यांगजनों समेत समाज के हर तबके के लिए बड़े ऐलान किए। लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये, किसानों के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये और 15,000 शिक्षकों की भर्ती जैसे फैसले इस बजट की खास बातें हैं। सरकार ने साफ किया कि कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा और 2026 को "किसान विकास वर्ष" घोषित किया गया है।
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट विधानसभा में पेश किया। यह बजट 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का है जो पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा है। करीब डेढ़ घंटे चले बजट भाषण में वित्त मंत्री ने महिलाओं, किसानों, युवाओं, पुलिसकर्मियों और दिव्यांगजनों समेत समाज के हर तबके के लिए बड़े ऐलान किए। लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये, किसानों के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये और 15,000 शिक्षकों की भर्ती जैसे फैसले इस बजट की खास बातें हैं। सरकार ने साफ किया कि कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा और 2026 को "किसान विकास वर्ष" घोषित किया गया है।
By Preeti Nahar
हर साल पराली जलाने की ख़बरें आती है जिसे वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार भी ठहराया जाता रहा है। लेकिन साल 2026 में केंद्र सरकार ने उत्तर-प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों सरकारों से गेहूं के डंठल (भूसा) जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए ज़रूरी कदम उठाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उत्तर भारत, विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर, पूरे साल वायु प्रदूषण की समस्याओं का सामना करता है, ऐसे में गेहूं कटाई के सीजन के दौरान पराली जलाने की घटनाएँ इस प्रदूषण को और गंभीर बना देती है। जानिए किसानों को क्या निर्देश दिए हैं पराली न जलाने के लिए?
हर साल पराली जलाने की ख़बरें आती है जिसे वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार भी ठहराया जाता रहा है। लेकिन साल 2026 में केंद्र सरकार ने उत्तर-प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों सरकारों से गेहूं के डंठल (भूसा) जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए ज़रूरी कदम उठाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उत्तर भारत, विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर, पूरे साल वायु प्रदूषण की समस्याओं का सामना करता है, ऐसे में गेहूं कटाई के सीजन के दौरान पराली जलाने की घटनाएँ इस प्रदूषण को और गंभीर बना देती है। जानिए किसानों को क्या निर्देश दिए हैं पराली न जलाने के लिए?
By Gaon Connection
आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई सिर्फ बड़े शहरों या कंपनियों की चीज़ नहीं रही। यह तकनीक अब धीरे-धीरे गाँव की गलियों तक पहुंच रही है। लेकिन सवाल यह है कि यह एआई आखिर है क्या, यह कितने तरह का होता है और हमारे किसान भाइयों के लिए यह कैसे फायदेमंद हो सकता है? आइए बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।
आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई सिर्फ बड़े शहरों या कंपनियों की चीज़ नहीं रही। यह तकनीक अब धीरे-धीरे गाँव की गलियों तक पहुंच रही है। लेकिन सवाल यह है कि यह एआई आखिर है क्या, यह कितने तरह का होता है और हमारे किसान भाइयों के लिए यह कैसे फायदेमंद हो सकता है? आइए बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।
By Preeti Nahar
Aaj Ka Mausam: फरवरी का महीना आधा बीत चुका है और लोग मानने लगे थे कि अब सर्दी धीरे-धीरे विदा लेने वाली है। दिन में धूप तेज होने लगी थी और रात की ठंड भी कुछ कम महसूस हो रही थी। लेकिन इसी बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 18 फरवरी के लिए ताज़ा चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में भी गिरावट आने के आसार हैं।
Aaj Ka Mausam: फरवरी का महीना आधा बीत चुका है और लोग मानने लगे थे कि अब सर्दी धीरे-धीरे विदा लेने वाली है। दिन में धूप तेज होने लगी थी और रात की ठंड भी कुछ कम महसूस हो रही थी। लेकिन इसी बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 18 फरवरी के लिए ताज़ा चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में भी गिरावट आने के आसार हैं।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक आयोजित होंगी। इस साल कुल 53,37,778 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। सरकार ने नकल रोकने के लिए पूरे राज्य में 8,033 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। हर परीक्षा कक्ष में CCTV कैमरे और इंटरनेट की सुविधा है। संवेदनशील जिलों में STF और खुफिया दल तैनात रहेंगे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक आयोजित होंगी। इस साल कुल 53,37,778 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। सरकार ने नकल रोकने के लिए पूरे राज्य में 8,033 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। हर परीक्षा कक्ष में CCTV कैमरे और इंटरनेट की सुविधा है। संवेदनशील जिलों में STF और खुफिया दल तैनात रहेंगे।
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