By Preeti Nahar
हरियाणा सरकार ने पशुपालकों के लिए बड़ी राहत देते हुए पशु चिकित्सा मोबाइल वैन सेवा को और मजबूत करने का फैसला लिया है। अब अगर किसी पशु की तबीयत खराब होती है तो पशुपालक एक टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकेंगे। इसके बाद मोबाइल वेटरनरी वैन पशुपालकों के घर पहुंचकर 30 मिनट के भीतर इलाज सुविधा उपलब्ध कराएगी। फिलहाल यह सेवा सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहेगी, जिसे आगे चलकर 24 घंटे तक विस्तारित किया जाएगा। जानिए कितना है टोल फ्री नंबर?
हरियाणा सरकार ने पशुपालकों के लिए बड़ी राहत देते हुए पशु चिकित्सा मोबाइल वैन सेवा को और मजबूत करने का फैसला लिया है। अब अगर किसी पशु की तबीयत खराब होती है तो पशुपालक एक टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकेंगे। इसके बाद मोबाइल वेटरनरी वैन पशुपालकों के घर पहुंचकर 30 मिनट के भीतर इलाज सुविधा उपलब्ध कराएगी। फिलहाल यह सेवा सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहेगी, जिसे आगे चलकर 24 घंटे तक विस्तारित किया जाएगा। जानिए कितना है टोल फ्री नंबर?
By Preeti Nahar
दुनिया में एक ऐसी दुर्लभ मुर्गी भी है जिसकी कीमत सुनकर बड़े-बड़े कारोबारी हैरान रह जाते हैं। काले रंग की यह खास नस्ल सिर्फ अपनी अनोखी पहचान के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों के प्रीमियम पोल्ट्री बिजनेस का हिस्सा बनने की वजह से चर्चा में है। इसके अंडे से लेकर मांस तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी कीमत पर बिकते हैं और अमीरों के बीच इसे नया स्टेटस सिंबल माना जा रहा है। आखिर इस विदेशी नस्ल में ऐसा क्या खास है कि लोग लाखों रुपये खर्च करने को तैयार हैं?
दुनिया में एक ऐसी दुर्लभ मुर्गी भी है जिसकी कीमत सुनकर बड़े-बड़े कारोबारी हैरान रह जाते हैं। काले रंग की यह खास नस्ल सिर्फ अपनी अनोखी पहचान के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों के प्रीमियम पोल्ट्री बिजनेस का हिस्सा बनने की वजह से चर्चा में है। इसके अंडे से लेकर मांस तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी कीमत पर बिकते हैं और अमीरों के बीच इसे नया स्टेटस सिंबल माना जा रहा है। आखिर इस विदेशी नस्ल में ऐसा क्या खास है कि लोग लाखों रुपये खर्च करने को तैयार हैं?
By Preeti Nahar
उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में कम लागत वाली हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के जरिए हरे चारे का उत्पादन छोटे बकरी पालकों के लिए राहत बनकर उभरा है। द गोट ट्रस्ट की पहल से 150 से अधिक पशुपालक किसानों को लाभ मिल रहा है। इस तकनीक की खासियत यह है कि बिना मिट्टी, बिना खेत और बिना बिजली के मात्र सात दिनों में पौष्टिक हरा चारा तैयार हो रहा है। महिला उद्यमी इसे लगभग ₹5 प्रति किलो की दर से बेच रही हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिला है।
उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में कम लागत वाली हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के जरिए हरे चारे का उत्पादन छोटे बकरी पालकों के लिए राहत बनकर उभरा है। द गोट ट्रस्ट की पहल से 150 से अधिक पशुपालक किसानों को लाभ मिल रहा है। इस तकनीक की खासियत यह है कि बिना मिट्टी, बिना खेत और बिना बिजली के मात्र सात दिनों में पौष्टिक हरा चारा तैयार हो रहा है। महिला उद्यमी इसे लगभग ₹5 प्रति किलो की दर से बेच रही हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिला है।
By Gaon Connection
प्रदेश के साढ़े सात हजार गो आश्रय स्थलों को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर (जैविक खाद उत्पादन केंद्र) में बदला जाएगा। इसके लिए 2100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस योजना से साढ़े बारह लाख गोवंश का संरक्षण होगा और गोशालाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। साथ ही, ग्रामीण युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा।
प्रदेश के साढ़े सात हजार गो आश्रय स्थलों को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर (जैविक खाद उत्पादन केंद्र) में बदला जाएगा। इसके लिए 2100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस योजना से साढ़े बारह लाख गोवंश का संरक्षण होगा और गोशालाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। साथ ही, ग्रामीण युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा।
By Gaon Connection
किसानों के लिए बकरी पालन एक बेहतर बिजनेस का विकल्प है। सरकार की योजना के तहत 2,000 किसानों को बकरी पालन के लिए 90 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। लाभार्थियों को ₹54,000 तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह योजना ग्रामीण परिवारों, छोटे किसानों और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ेगी, साथ ही सरकार इसके लिए प्रशिक्षण भी देगी।
किसानों के लिए बकरी पालन एक बेहतर बिजनेस का विकल्प है। सरकार की योजना के तहत 2,000 किसानों को बकरी पालन के लिए 90 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। लाभार्थियों को ₹54,000 तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह योजना ग्रामीण परिवारों, छोटे किसानों और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ेगी, साथ ही सरकार इसके लिए प्रशिक्षण भी देगी।
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उत्तर प्रदेश में दूध का व्यापार अब एक नई दिशा में अग्रसर है। योगी सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी से सशक्त बनाने के लिए एक क्रांतिकारी डेयरी मॉडल की शुरुआत की है। दूध की खरीददारी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में दूध का व्यापार अब एक नई दिशा में अग्रसर है। योगी सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी से सशक्त बनाने के लिए एक क्रांतिकारी डेयरी मॉडल की शुरुआत की है। दूध की खरीददारी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है।
By Gaon Connection
नवापुर में बर्ड फ्लू का फिर से कहर बरपा है। लाखों मुर्गियों को मारा गया और अंडे नष्ट कर दिए गए। पोल्ट्री कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ है। कई किसान इस व्यवसाय को छोड़ने पर मजबूर हैं। प्रशासन ने 90 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह संक्रमण नवापुर के पोल्ट्री व्यवसाय को कमजोर कर रहा है।
नवापुर में बर्ड फ्लू का फिर से कहर बरपा है। लाखों मुर्गियों को मारा गया और अंडे नष्ट कर दिए गए। पोल्ट्री कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ है। कई किसान इस व्यवसाय को छोड़ने पर मजबूर हैं। प्रशासन ने 90 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह संक्रमण नवापुर के पोल्ट्री व्यवसाय को कमजोर कर रहा है।
By Preeti Nahar
चमोली जिले में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हुआ है। निजमूला घाटी के भनाली तोक में देर रात बिजली गिरने से एक दर्जन से अधिक भेड़पालकों की करीब 500 बकरियों की मौत हो गई। इससे पशुपालकों को लाखों का नुकसान हुआ है। प्रभावितों ने मुआवजे की मांग की है।
चमोली जिले में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हुआ है। निजमूला घाटी के भनाली तोक में देर रात बिजली गिरने से एक दर्जन से अधिक भेड़पालकों की करीब 500 बकरियों की मौत हो गई। इससे पशुपालकों को लाखों का नुकसान हुआ है। प्रभावितों ने मुआवजे की मांग की है।
By Preeti Nahar
पशुपालकों के लिए साइलेज एक वरदान है। यह हरे चारे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की विधि है। इससे पशुओं को सालभर पौष्टिक आहार मिलता है। गर्मियों और सर्दियों में चारे की कमी की समस्या दूर होती है। साइलेज से दूध उत्पादन बढ़ता है और किसानों की लागत कम होती है।
पशुपालकों के लिए साइलेज एक वरदान है। यह हरे चारे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की विधि है। इससे पशुओं को सालभर पौष्टिक आहार मिलता है। गर्मियों और सर्दियों में चारे की कमी की समस्या दूर होती है। साइलेज से दूध उत्पादन बढ़ता है और किसानों की लागत कम होती है।
By Gaon Connection
वर्ष 2025 में भारत का समुद्री मछली उत्पादन बढ़ा है। कुल उत्पादन 35.7 लाख टन रहा, जो पिछले साल से 3 प्रतिशत अधिक है। तमिलनाडु उत्पादन में पहले स्थान पर है। भारतीय मैकेरल सबसे अधिक पकड़ी गई मछली रही। बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे आर्थिक मूल्य में भी वृद्धि हुई है।
वर्ष 2025 में भारत का समुद्री मछली उत्पादन बढ़ा है। कुल उत्पादन 35.7 लाख टन रहा, जो पिछले साल से 3 प्रतिशत अधिक है। तमिलनाडु उत्पादन में पहले स्थान पर है। भारतीय मैकेरल सबसे अधिक पकड़ी गई मछली रही। बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे आर्थिक मूल्य में भी वृद्धि हुई है।
By Umang
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By Preeti Nahar
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