उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की भारी कमी: सरकार सीटें बढ़ाकर निकालेगी भर्ती का रास्ता
उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की भारी कमी: सरकार सीटें बढ़ाकर निकालेगी भर्ती का रास्ता

By Gaon Connection

देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों, एम्स और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रोफेसरों और शिक्षण स्टाफ के हजारों पद वर्षों से खाली पड़े हैं। आरक्षित श्रेणियों में योग्य उम्मीदवारों की कमी के चलते भर्ती प्रक्रिया बार-बार अटक रही है। अब सरकार इस समस्या से निपटने के लिए कुल स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि संस्थानों में न्यूनतम आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो।

देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों, एम्स और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रोफेसरों और शिक्षण स्टाफ के हजारों पद वर्षों से खाली पड़े हैं। आरक्षित श्रेणियों में योग्य उम्मीदवारों की कमी के चलते भर्ती प्रक्रिया बार-बार अटक रही है। अब सरकार इस समस्या से निपटने के लिए कुल स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि संस्थानों में न्यूनतम आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो।

इनकी कोशिश है कि असम के चाय बागानों का हर एक बच्चा जाए स्कूल
इनकी कोशिश है कि असम के चाय बागानों का हर एक बच्चा जाए स्कूल

By Sayantani Deb

गरीबी में पले-बढ़े शिक्षक दिपेन खानिकर की कोशिश है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई में पीछे न रह जाए, तभी तो उनके इन प्रयासों की वजह से राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

गरीबी में पले-बढ़े शिक्षक दिपेन खानिकर की कोशिश है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई में पीछे न रह जाए, तभी तो उनके इन प्रयासों की वजह से राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

‘जो परेशानी मेरे साथ हुई वो किसी और माँ को न उठानी पड़े इसलिए ऑटिज़्म बच्चों के लिए शुरू किया स्कूल’
‘जो परेशानी मेरे साथ हुई वो किसी और माँ को न उठानी पड़े इसलिए ऑटिज़्म बच्चों के लिए शुरू किया स्कूल’

By Gaon Connection

ये स्कूल खास बच्चों के लिए है, ऐसे बच्चे जिन एडमिशन कई बार दूसरे स्कूल में नहीं होता, लेकिन यहाँ के दरवाज़े ऐसे बच्चों के लिए हमेशा खुले रहते हैं। इस स्कूल के शुरू होने के पीछे की कहानी प्रेरणा देने वाली है।

ये स्कूल खास बच्चों के लिए है, ऐसे बच्चे जिन एडमिशन कई बार दूसरे स्कूल में नहीं होता, लेकिन यहाँ के दरवाज़े ऐसे बच्चों के लिए हमेशा खुले रहते हैं। इस स्कूल के शुरू होने के पीछे की कहानी प्रेरणा देने वाली है।

‘टीवी देखने से बच्चे बिगड़ते नहीं, स्मार्ट क्लास में दुनिया के बारे में भी जानते हैं’
‘टीवी देखने से बच्चे बिगड़ते नहीं, स्मार्ट क्लास में दुनिया के बारे में भी जानते हैं’

By Akankhya Rout

बच्चों को टीवी से दूर रखा जाता है, और जब स्कूल के स्मार्ट क्लास में टीवी से पढ़ाई शुरू हुई तो अभिभावकों को लगा कि यहाँ पढ़ाई नहीं होती, कई लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन जिस स्कूल में कभी 25 बच्चे आते थे, आज 150 बच्चे रेगुलर आते हैं।

बच्चों को टीवी से दूर रखा जाता है, और जब स्कूल के स्मार्ट क्लास में टीवी से पढ़ाई शुरू हुई तो अभिभावकों को लगा कि यहाँ पढ़ाई नहीं होती, कई लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन जिस स्कूल में कभी 25 बच्चे आते थे, आज 150 बच्चे रेगुलर आते हैं।

मुंबई की ज़िंदगी छोड़ स्पीति के दूर पहाड़ी गाँव में शुरू किया फ्री बोर्डिंग स्कूल
मुंबई की ज़िंदगी छोड़ स्पीति के दूर पहाड़ी गाँव में शुरू किया फ्री बोर्डिंग स्कूल

By Akankhya Rout

बर्फ़ की चादर से लिपटे पहाड़ों और तीन फीट बर्फ़ से जमी हुई सड़कों के बीच, जहाँ बिजली और इंटरनेट कनेक्टिविटी भी बड़ी मुश्किल से पहुँचती है वहाँ पर शहर की सुख-सुविधाओं को छोड़कर पोर्शिया बस गई हैं, ताकि स्पीति के बच्चों की शिक्षा के लिए कुछ कर सकें।

बर्फ़ की चादर से लिपटे पहाड़ों और तीन फीट बर्फ़ से जमी हुई सड़कों के बीच, जहाँ बिजली और इंटरनेट कनेक्टिविटी भी बड़ी मुश्किल से पहुँचती है वहाँ पर शहर की सुख-सुविधाओं को छोड़कर पोर्शिया बस गई हैं, ताकि स्पीति के बच्चों की शिक्षा के लिए कुछ कर सकें।

"बच्चे पढ़ाई में पीछे न रह जाएँ, इसलिए पाँच किमी पहाड़ चढ़कर हर दिन स्कूल जाता हूँ"
"बच्चे पढ़ाई में पीछे न रह जाएँ, इसलिए पाँच किमी पहाड़ चढ़कर हर दिन स्कूल जाता हूँ"

By Akankhya Rout

पहाड़, झरने और जंगली जानवरों की परवाह किए बिना लगातार सात साल से पहाड़ चढ़कर बच्चों को पढ़ाने के लिए जाते हैं। उन्हें एक घंटे की चढ़ाई के बाद उतरने में भी एक घंटा लगता है।

पहाड़, झरने और जंगली जानवरों की परवाह किए बिना लगातार सात साल से पहाड़ चढ़कर बच्चों को पढ़ाने के लिए जाते हैं। उन्हें एक घंटे की चढ़ाई के बाद उतरने में भी एक घंटा लगता है।

एक-दो दिन नहीं, बरसों की मेहनत ने इन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया, इंटरनेट पर छा गए हैं ये बच्चे
एक-दो दिन नहीं, बरसों की मेहनत ने इन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया, इंटरनेट पर छा गए हैं ये बच्चे

By Divendra Singh

पिछले कुछ दिनों से बच्चों के कुछ वीडियो इंटरनेट पर छा गए हैं, लाल रंग के कपड़ों में सजे-संवरे बच्चे किसी सुपर मॉडल से कम नहीं नज़र आ रहे हैं, लेकिन शायद आपको यकीन न हो, ये सारे झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चे हैं और इन्होंने ये कपड़े भी खुद से तैयार किए हैं।

पिछले कुछ दिनों से बच्चों के कुछ वीडियो इंटरनेट पर छा गए हैं, लाल रंग के कपड़ों में सजे-संवरे बच्चे किसी सुपर मॉडल से कम नहीं नज़र आ रहे हैं, लेकिन शायद आपको यकीन न हो, ये सारे झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चे हैं और इन्होंने ये कपड़े भी खुद से तैयार किए हैं।

इस स्कूल में खेती-किसानी के साथ ही कानून और अधिकारों की भी लगती है क्लास
इस स्कूल में खेती-किसानी के साथ ही कानून और अधिकारों की भी लगती है क्लास

By Akankhya Rout

कभी साइकिल से अखबार बाँटा करते थे, जिससे वो अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सकें। उनकी मेहनत ही थी जो आज उन्हें इस मुकाम तक लेकर आयी और राष्ट्रपति ने उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया।

कभी साइकिल से अखबार बाँटा करते थे, जिससे वो अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सकें। उनकी मेहनत ही थी जो आज उन्हें इस मुकाम तक लेकर आयी और राष्ट्रपति ने उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया।

छत्तीसगढ़: बदलने लगी नक्सली इलाकों की तस्वीर, खाली पड़े बीएसएफ कैंप में चलने लगे हैं हॉस्टल और स्कूल
छत्तीसगढ़: बदलने लगी नक्सली इलाकों की तस्वीर, खाली पड़े बीएसएफ कैंप में चलने लगे हैं हॉस्टल और स्कूल

By Tameshwar Sinha

कभी नक्सलवाद के लिए बदनाम छत्तीसगढ़ में इन दिनों आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलने लगी है; क्योंकि अब उन्हें अब उनकी क्लास बीएसएफ के खाली पड़े कैम्प में चलने लगी है।

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अंधविश्वास के पीछे का विज्ञान बताते हैं ओडिशा के गुरु जी; राष्ट्रपति ने किया राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित
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By Akankhya Rout

शिक्षक दिवस के मौके पर ओडिशा के संतोष कुमार को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया है। इसके पीछे उनकी बरसों की मेहनत और बच्चों को पढ़ाने का ख़ास अंदाज़ है, तभी वो दूसरे शिक्षकों के लिए उदाहरण बन रहे हैं।

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Sugarcane Farming: वसंतकालीन गन्ना की खेती के लिए मिल रहा अनुदान, करें ऑनलाइन आवेदन

By Gaon Connection

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Human Wildlife Conflict: हाथियों के हमले से सबसे अधिक मौतें ओडिशा में, बाघ संघर्ष में महाराष्ट्र आगे

By Divendra Singh

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दस फ़रवरी से घर-घर पहुँचेगी दवा: फ़ाइलेरिया से लड़ाई में भारत का बड़ा कदम

By Gaon Connection

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पेंच से सह्याद्री तक: कोयना के जंगलों में छोड़ी गई बाघिन, पश्चिमी घाट में बाघों के भविष्य को नई उम्मीद

By Gaon Connection

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Kisan Credit Card: किसान क्रेडिट कार्ड में होगा बदलाव, 6 साल तक बढ़ सकती है कार्ड लिमिट

By Preeti Nahar

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World Pulses Day: पीली, काली या लाल नहीं… जानिए दालों की असली पहचान और पोषण का राज

By Gaon Connection

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IMD Weather Update: हिमालय में बारिश-बर्फबारी, मैदानी इलाकों में रहेगा सामान्य मौसम

By Gaon Connection

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