Read latest updates about "संवाद" - Page 1

  • सबसे ज्यादा फिल्में बनाने वाले देश में गांव के बच्चों के लिए फिल्मों का अकाल क्यों है

    एक ओर भारत एक साल में सबसे ज्यादा फिल्मों के निर्माण के लिये प्रसिद्ध है, हर साल अलग-अलग भाषाओं में लगभग 1000 फिल्में यहां बनती हैं। लेकिन हमारे बच्चे 8-10 अच्छी बाल फिल्मों के लिए भी तरस जाते हैं। शहरी बच्चे तो फिर भी पिक्चर हॉल में विदेशी बाल फिल्में या नेट फ्लिक्स पर एनिमेशन फिल्में देख लेते...

  • कैंसर नियंत्रण में कारगर हो सकते हैं सेब और अमरूद

    सेब एक ऐसा फल है जिसे ब्रिटिशर्स हमारे देश में लेकर आए थे और अमरूद हमारा अपना देसी फल है। इन दोनों फलों की खासियत ये है कि आज विश्व की अनेक अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में इनके कैंसररोधि गुणों पर शोध चल रही है। सेब और अमरूद दोनो फलों को रोगियों के फल कहा जाता है यानी इनमें रोगों को खत्म कर देनी की...

  • अंतरिम बजट विकासोन्मुख है, महंगाई न बढ़ाए

    पीयूष गोयल ने जो अन्तरिम बजट पेश किया, उसका निहितार्थ है, खूब कमाओ और खूब खर्चा करो, जिससे बाजार में खूब पैसा आए और बैंकों में पैसा आए। मध्यम वर्ग और किसान का विशेष ध्यान रखा है। मध्यम वर्ग जो किसी देश समाज की रीढ़ होता है, अनेक वर्षों से उपेक्षित और अप्रसन्न था, किसान की भी नाराजगी भारी पड़ सकती...

  • बजट 2019 : अंतरिम बजट में गाँव और किसानों को क्या मिला

    बजट पेश कर दिया गया, परंपरा यह रही है कि चुनावी साल में सरकारें अंतरिम बजट लाया करती हैं। अंतरिम बजट में भी ज़्यादातर मौजूदा सरकार अगली सरकार आने तक के लिए वोट ऑन अकाउंट पेश करती है। अगर पूरा अंतरिम बजट पेश भी किया जाता है तो परम्परा के अनुसार उसमें भी बड़े नीतिगत फैसले और टैक्स में बदलाव जैसे फैसले...

  • क्या सिर्फ किस्से, कहानियों और यादों में ही रह जाएगा खरमोर

    प्रेरणा सिंह बिंद्रामेरी आंखों के सामने घास का मैदान फैला था, सुनहरी घास हौले-हौले हवा के साथ हिल रही थी, लहरों की तरह उठती-गिरती। मैंने निर्जन से लग रहे उस घास के मैदान पर नजर दौड़ाई… मैं यहां उस पक्षी को खोजने आई थी पर सफलता हाथ लगती नहीं दिख रही थी। मैं उम्मीद छोड़ने ही वाली थी कि अचानक मुर्गे...

  • महात्मा गांधी, किसान और आज का भारत

    गांधी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उन चुनिंदा नेताओं में से एक थे जिन्होंने वैचारिक रूप से स्वतंत्रता आंदोलन को एक नया आकार दिया था। महात्मा गांधी ने अहिंसा, सत्याग्रह, सविनय अवज्ञा, निष्क्रिय प्रतिरोध के अपने अपरंपरागत माध्यमों के ज़रिए से शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्य के 200 साल के शासन से भारत को...

  • विकास चला घोड़े की चाल या है ये आंकड़ों का कमाल ?

    भारत के सबसे पिछड़े ज़िलों में विकास प्रदर्शन के आंकड़े बुलेट ट्रेन की गति से सुधर रहे हों तो चौंकना स्वाभाविक है। देश के सर्वाधिक पिछड़े ज़िलों के लिए एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोगाम या 'आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम' की शुरूआत करते हुए मार्च 2018 में नीति आयोग ने कुल 101 सबसे पिछड़े ज़िलों की रैंकिंग...

  • क्या न्यूनतम आय गारंटी का दांव व्यवहारिक और कारगर है?

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्यूनतम आय गारंटी यानी यूनिवर्सल बेसिक इंकम (यूबीआई) की बात कहकर लोकसभा चुनावों में नई हलचल मचा दी है। अब बीजेपी का संकट यह है कि यूबीआई के बारे में खुद प्रधानमंत्री के प्रमुख आर्थिक सलाहकार रहे अरविन्द सुब्रमण्यम ने कहा था कि यह बहुत ललचाने वाली और आकर्षक योजना है।...

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