Read latest updates about "संवाद" - Page 1

  • गांधीवादी अस्त्रों से पैने हैं न्यायिक और प्रजातांत्रिक अस्त्र

    कुछ समय पहले निश्छल व्यक्तित्व और समर्पित भावों के धनी स्वामी सानन्द ने गंगा की धारा को अविरल और निर्मल बनाने की मांग को लेकर 111 दिन का अनशन किया और अपनी प्राणाहुति दे दी। गांधीवादी अस्त्र का प्रयोग करते हुए प्राणाहुति देने वालों में श्रीरामुलू का नाम प्रमुख है जिन्होंने 1952 में नेहरू सरकार को...

  • एक और संत की मौत और पर्यावरण को लेकर उठे सवाल

    तो क्या हुआ कि अगर गंगा की रक्षा की मांग करते हुये एक और संत की मौत हो गई। तो क्या हुआ अगर गंगा और उसकी सहायक नदियों पर विकराल बांधों का बनना जारी है। तो क्या हुआ कि अगर चारधाम यात्रा मार्ग के नाम पर हिमालयी क्षेत्र में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के साथ सारे नियमों को ताक में रख पहाड़ काटे जाने का काम...

  • अम्बेडकर के संविधान में कानून पर्सनल नहीं था

    आज जब तीन तलाक, हलाला, महिलाओं और दलितों का मन्दिर प्रवेश, महिला आरक्षण,आदि विषयों पर तीखी चर्चा होती है तो अम्बेडकर का स्मरण स्वाभाविक है। भारतीय संविधान के निर्माता डाक्टर अम्बेडकर कानून के ज्ञाता होने के साथ एक पक्के राष्ट्रवादी थे और इतिहासकार दुर्गादास ने अपनी पुस्तक ''इंडिया फ्राम कर्जन टु...

  • किसान आंदोलन स्वतः स्फूर्त अथवा राजनीति से प्रेरित

    किसान आंदोलित हैं, पहले तमिलनाडु, फिर मध्य प्रदेश और अब उत्तर प्रदेश में किसानों का हरिद्वार से दिल्ली कूच। विपक्ष का कहना है कि मोदीराज में देश में त्राहि-त्राहि मची है और सरकार का सोचना है किसानों को बरगलाया जा रहा है और वही किसान आन्दोलनों की अगुवाई कर रहे हैं और हिंसक बन रहे हैं जो विपक्षी दलों...

  • सबसे ज्यादा फिल्में बनाने वाले देश में गांव के बच्चों के लिए फिल्मों का अकाल क्यों है

    एक ओर भारत एक साल में सबसे ज्यादा फिल्मों के निर्माण के लिये प्रसिद्ध है, हर साल अलग-अलग भाषाओं में लगभग 1000 फिल्में यहां बनती हैं। लेकिन हमारे बच्चे 8-10 अच्छी बाल फिल्मों के लिए भी तरस जाते हैं। शहरी बच्चे तो फिर भी पिक्चर हॉल में विदेशी बाल फिल्में या नेट फ्लिक्स पर एनिमेशन फिल्में देख लेते...

  • सूखा या बाढ़ नहीं, किसान के लिए सबसे बड़ी त्रासदी है माटी मोल कीमतें

    जब बाजार में कीमतें सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य की आधी रह जाएं तो आपको क्या लगता है किसानों को क्या करना चाहिए? जब बाजार मूल्य लागत से भी कम हो जाएं तो किसानों को क्या करना चाहिए?ये वे सवाल हैं, जिनका सामना किसान पिछले चार दशकों से करते आ रहे हैं। इन सवालों का जवाब अभी तक कोई नहीं खोज...

  • खुले में शौच जाना हमारी आदत है या मजबूरी

    जंगल में सियार किसी प्रमुख जगह पर मलत्याग कर अपने इलाके को चिन्हित करते हैं। जंगली बिलाव भागते-दौड़ते, गिरे हुए पेड़ों के बीच मल करते हैं। गैँडों का एक किस्म का सामुदायिक शौचालय होता है जहां कई गैंडे एक ही स्थान पर जाकर गोबर करते हैं। घड़ियाल पानी में ही निवृत हो लेते हैं।करोड़ों भारतीय सियारों की...

  • आयुष्मान भारत योजना की राह में रोड़े कम नहीं हैं

    प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ किया है परन्तु इसकी सफलता की चाभी दूसरों के हाथ में है। पहले रोड़े का संकेत मनीषियों ने यह कह कर किया है ''वैद्यराजः यमराजश्च सहोदरः' यानी डॉक्टर और यमराज सगे भाई हैं। रोड़े और भी हैं फिर भी आयुष्मान होने की इच्छा हमारे देश में युगों से की जाती...

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