By Gaon Connection
रायबरेली के हरिनाम वर्मा ने खेती में नई तकनीकें अपनाईं। उन्होंने डोरी से धान की रोपाई की और दूसरी फसलों में भी लाइन से बुवाई की। इससे उत्पादन बढ़ा और उन्हें कई सम्मान मिले। उनकी पत्नी को भी गेहूं उत्पादन के लिए पुरस्कार मिला। हरिनाम वर्मा ने कृषि विभाग से संपर्क कर जानकारी हासिल की।
रायबरेली के हरिनाम वर्मा ने खेती में नई तकनीकें अपनाईं। उन्होंने डोरी से धान की रोपाई की और दूसरी फसलों में भी लाइन से बुवाई की। इससे उत्पादन बढ़ा और उन्हें कई सम्मान मिले। उनकी पत्नी को भी गेहूं उत्पादन के लिए पुरस्कार मिला। हरिनाम वर्मा ने कृषि विभाग से संपर्क कर जानकारी हासिल की।
By Preeti Nahar
साल 2026 में अल नीनो की दस्तक भारत में नई चुनौतियां लेकर आएगी। कई राज्यों में लू से राहत की उम्मीद नहीं है तो कहीं वर्षा की कमी से संकट गहरा सकता है। खासकर उत्तर भारत में जल संकट की स्थिति बन सकती है। मध्य भारत के कृषि क्षेत्र में भीषण गर्मी से कपास, सोयाबीन और गन्ने की फसलें प्रभावित होंगी। जानिए देश के किस हिस्से में कितना गंभीर होगा अल नीनो का असर?
साल 2026 में अल नीनो की दस्तक भारत में नई चुनौतियां लेकर आएगी। कई राज्यों में लू से राहत की उम्मीद नहीं है तो कहीं वर्षा की कमी से संकट गहरा सकता है। खासकर उत्तर भारत में जल संकट की स्थिति बन सकती है। मध्य भारत के कृषि क्षेत्र में भीषण गर्मी से कपास, सोयाबीन और गन्ने की फसलें प्रभावित होंगी। जानिए देश के किस हिस्से में कितना गंभीर होगा अल नीनो का असर?
By Gaon Connection
भारत का कृषि और खाद्य उद्योग जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर रहा है। तापमान में बढ़ोतरी और अस्थिर बारिश से फसल उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए, सरकारी प्रयासों के साथ-साथ किसानों और उद्योगों का सहयोग आवश्यक है।
भारत का कृषि और खाद्य उद्योग जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर रहा है। तापमान में बढ़ोतरी और अस्थिर बारिश से फसल उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए, सरकारी प्रयासों के साथ-साथ किसानों और उद्योगों का सहयोग आवश्यक है।
By Preeti Nahar
भारत का सोयामील निर्यात 2025-26 मार्केटिंग सीजन में घटकर करीब 9 लाख टन रह सकता है, जबकि पिछले साल यह करीब 20.2 लाख टन था। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण भारतीय सोयामील वैश्विक बाजार में महंगा हो गया है, जिससे विदेशी खरीदार दक्षिण अमेरिकी देशों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका असर देश के सोयाबीन किसानों और प्रोसेसिंग उद्योग पर पड़ सकता है।
भारत का सोयामील निर्यात 2025-26 मार्केटिंग सीजन में घटकर करीब 9 लाख टन रह सकता है, जबकि पिछले साल यह करीब 20.2 लाख टन था। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण भारतीय सोयामील वैश्विक बाजार में महंगा हो गया है, जिससे विदेशी खरीदार दक्षिण अमेरिकी देशों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका असर देश के सोयाबीन किसानों और प्रोसेसिंग उद्योग पर पड़ सकता है।
By Preeti Nahar
उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए किसानों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। राज्य के किसानों को राजकीय बीज भंडारों पर विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज करीब 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और किसान विभागीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाना और खेती की लागत कम करना है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए किसानों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। राज्य के किसानों को राजकीय बीज भंडारों पर विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज करीब 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और किसान विभागीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाना और खेती की लागत कम करना है।
By Preeti Nahar
मक्के के रेशे, जिन्हें कभी बेकार समझा जाता था, आज किसानों के लिए अतिरिक्त आय का मजबूत स्रोत बन सकते हैं। यह केवल कृषि अवशेष नहीं, बल्कि “ग्रीन गोल्ड” की तरह उभरता हुआ एक नया हर्बल बिजनेस अवसर है। कम निवेश, बढ़ती बाजार मांग और स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से बढ़ती रुचि के कारण कॉर्न सिल्क आधारित उत्पाद भविष्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। जानिए कैसे आय का जरिया बन रहा है मक्का के रेशे।
मक्के के रेशे, जिन्हें कभी बेकार समझा जाता था, आज किसानों के लिए अतिरिक्त आय का मजबूत स्रोत बन सकते हैं। यह केवल कृषि अवशेष नहीं, बल्कि “ग्रीन गोल्ड” की तरह उभरता हुआ एक नया हर्बल बिजनेस अवसर है। कम निवेश, बढ़ती बाजार मांग और स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से बढ़ती रुचि के कारण कॉर्न सिल्क आधारित उत्पाद भविष्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। जानिए कैसे आय का जरिया बन रहा है मक्का के रेशे।
By Preeti Nahar
क्या गन्ने के खेत भारत की सबसे बड़ी खाद्य तेल चुनौती का समाधान बन सकते हैं? पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ गाँवों में शुरू हुआ एक नया कृषि प्रयोग अब वैज्ञानिकों और किसानों दोनों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। इस मॉडल में सिर्फ फसल नहीं, बल्कि खेती की सोच बदलने की कोशिश हो रही है। दावा है कि इससे किसानों की कमाई बढ़ सकती है, खेती की लागत घट सकती है और देश की आयात पर निर्भरता भी कम हो सकती है। आखिर क्या है यह नया फार्मूला, जिसे कृषि विशेषज्ञ भविष्य की खेती बता रहे हैं?
क्या गन्ने के खेत भारत की सबसे बड़ी खाद्य तेल चुनौती का समाधान बन सकते हैं? पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ गाँवों में शुरू हुआ एक नया कृषि प्रयोग अब वैज्ञानिकों और किसानों दोनों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। इस मॉडल में सिर्फ फसल नहीं, बल्कि खेती की सोच बदलने की कोशिश हो रही है। दावा है कि इससे किसानों की कमाई बढ़ सकती है, खेती की लागत घट सकती है और देश की आयात पर निर्भरता भी कम हो सकती है। आखिर क्या है यह नया फार्मूला, जिसे कृषि विशेषज्ञ भविष्य की खेती बता रहे हैं?
By Gaon Connection
भारत में कॉफी की फसल पर मौसम का प्रतिकूल प्रभाव देखा जा रहा है। 2026-27 में संभवतः उत्पादन में 4% की कमी आ सकती है। अरबिका कॉफी को सबसे अधिक नुकसान होगा, जबकि रोबस्टा कॉफी की फसल भले ही मजबूत बनी रहे।
भारत में कॉफी की फसल पर मौसम का प्रतिकूल प्रभाव देखा जा रहा है। 2026-27 में संभवतः उत्पादन में 4% की कमी आ सकती है। अरबिका कॉफी को सबसे अधिक नुकसान होगा, जबकि रोबस्टा कॉफी की फसल भले ही मजबूत बनी रहे।
By Gaon Connection
इस वर्ष देश में कमजोर मानसून और अल नीनो के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के लिए एक महत्वपूर्ण योजना बनाई है। कृषि मंत्रालय ने राज्यों को सलाह दी है कि उन्हें कम जल की आवश्यकता वाली फसलों को प्रोत्साहित करना चाहिए। सूखे प्रभावित क्षेत्रों में विशेष बीज वितरित किए जा रहे हैं।
इस वर्ष देश में कमजोर मानसून और अल नीनो के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के लिए एक महत्वपूर्ण योजना बनाई है। कृषि मंत्रालय ने राज्यों को सलाह दी है कि उन्हें कम जल की आवश्यकता वाली फसलों को प्रोत्साहित करना चाहिए। सूखे प्रभावित क्षेत्रों में विशेष बीज वितरित किए जा रहे हैं।
By Gaon Connection
गेहूं खरीद का सीजन अंतिम चरण में है। सरकारी एजेंसियों ने 3.339 करोड़ टन गेहूं खरीदा है, जो पिछले साल से अधिक है। बेमौसम बारिश से गुणवत्ता प्रभावित हुई, लेकिन सरकार ने नियमों में ढील दी। पंजाब में खरीद लगभग पूरी हो गई है। हरियाणा ने लक्ष्य से ज्यादा खरीद की। मध्य प्रदेश में खरीद में तेजी आई है।
गेहूं खरीद का सीजन अंतिम चरण में है। सरकारी एजेंसियों ने 3.339 करोड़ टन गेहूं खरीदा है, जो पिछले साल से अधिक है। बेमौसम बारिश से गुणवत्ता प्रभावित हुई, लेकिन सरकार ने नियमों में ढील दी। पंजाब में खरीद लगभग पूरी हो गई है। हरियाणा ने लक्ष्य से ज्यादा खरीद की। मध्य प्रदेश में खरीद में तेजी आई है।
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