By Gaon Connection
सोयाबीन के दाम चार साल के उच्च स्तर पर पहुंचने और अल नीनो के कारण कम बारिश की आशंका से किसानों का रुझान इस खरीफ़ सीज़न में सोयाबीन की ओर बढ़ सकता है। उद्योग के अनुसार सोयाबीन का रकबा 10% तक बढ़ सकता है। उत्पादन बढ़ने पर खाद्य तेल आयात घटेगा, घरेलू उपलब्धता बढ़ेगी और पोल्ट्री उद्योग को भी लाभ मिलेगा।
सोयाबीन के दाम चार साल के उच्च स्तर पर पहुंचने और अल नीनो के कारण कम बारिश की आशंका से किसानों का रुझान इस खरीफ़ सीज़न में सोयाबीन की ओर बढ़ सकता है। उद्योग के अनुसार सोयाबीन का रकबा 10% तक बढ़ सकता है। उत्पादन बढ़ने पर खाद्य तेल आयात घटेगा, घरेलू उपलब्धता बढ़ेगी और पोल्ट्री उद्योग को भी लाभ मिलेगा।
By Gaon Connection
धान की फसल में अलग-अलग अवस्थाओं पर कई कीट नुकसान पहुंचाते हैं। कृषि विभाग के अनुसार तना छेदक, पत्ती लपेटक, राइस हिस्पा, भूरा फुदका, सफेद पीठ वाला फुदका और गंधी बग प्रमुख कीट हैं। इनकी समय पर पहचान और निगरानी से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है। किसानों को शुरुआती लक्षण दिखते ही सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
धान की फसल में अलग-अलग अवस्थाओं पर कई कीट नुकसान पहुंचाते हैं। कृषि विभाग के अनुसार तना छेदक, पत्ती लपेटक, राइस हिस्पा, भूरा फुदका, सफेद पीठ वाला फुदका और गंधी बग प्रमुख कीट हैं। इनकी समय पर पहचान और निगरानी से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है। किसानों को शुरुआती लक्षण दिखते ही सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
By Umang
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए अच्छी ख़बर है। सरकार ने अगली किस्त जारी करने की तारीख घोषित कर दी है। पात्र किसानों के खातों में सहायता राशि सीधे भेजी जाएगी। हालांकि e-KYC, आधार लिंकिंग, बैंक खाते की जानकारी और भूमि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर भुगतान प्रभावित हो सकता है। किसानों को अपने दस्तावेज़ समय रहते सत्यापित कर लेने चाहिए।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए अच्छी ख़बर है। सरकार ने अगली किस्त जारी करने की तारीख घोषित कर दी है। पात्र किसानों के खातों में सहायता राशि सीधे भेजी जाएगी। हालांकि e-KYC, आधार लिंकिंग, बैंक खाते की जानकारी और भूमि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर भुगतान प्रभावित हो सकता है। किसानों को अपने दस्तावेज़ समय रहते सत्यापित कर लेने चाहिए।
By Gaon Connection
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धान की रोपाई करने वाली आधुनिक मशीन का प्रदर्शन देखा। उनका कहना है कि यह तकनीक कम समय में रोपाई करने, पौधों को समान दूरी और सही गहराई पर लगाने तथा कम उम्र की पौध का उपयोग करने में मदद करती है। इससे श्रम की बचत, लागत में कमी और उत्पादन बढ़ने की संभावना बनती है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धान की रोपाई करने वाली आधुनिक मशीन का प्रदर्शन देखा। उनका कहना है कि यह तकनीक कम समय में रोपाई करने, पौधों को समान दूरी और सही गहराई पर लगाने तथा कम उम्र की पौध का उपयोग करने में मदद करती है। इससे श्रम की बचत, लागत में कमी और उत्पादन बढ़ने की संभावना बनती है।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के पाही हरदो गाँव के मनजीत सिंह नामक किसान ने 45-46 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले क्षेत्र में कश्मीरी सेब की सफल खेती कर नई मिसाल पेश की है। एक एकड़ में लगाए गए सेब के बाग़ में वैज्ञानिक तरीकों, नेट कवर और नियमित देखभाल के ज़रिए उत्पादन लिया जा रहा है। आइये जानते हैं कि इतने गर्म इलाके में सेब की खेती कैसे संभव हुई और इससे दूसरे किसानों को क्या सीख मिलती है। यह कहानी हर उस किसान के लिए प्रेरणा है जो अपने खेत में कुछ नया करना चाहता है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के पाही हरदो गाँव के मनजीत सिंह नामक किसान ने 45-46 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले क्षेत्र में कश्मीरी सेब की सफल खेती कर नई मिसाल पेश की है। एक एकड़ में लगाए गए सेब के बाग़ में वैज्ञानिक तरीकों, नेट कवर और नियमित देखभाल के ज़रिए उत्पादन लिया जा रहा है। आइये जानते हैं कि इतने गर्म इलाके में सेब की खेती कैसे संभव हुई और इससे दूसरे किसानों को क्या सीख मिलती है। यह कहानी हर उस किसान के लिए प्रेरणा है जो अपने खेत में कुछ नया करना चाहता है।
By Preeti Nahar
धान की खेती में पानी और मजदूरी की बढ़ती लागत किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। ऐसे में धान की सीधी बुवाई (Direct Seeded Rice-DSR) तकनीक को बढ़ावा देने के लिए नई किस्मों का विकास किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से ऐसी धान की किस्में तैयार की गई हैं, जो सीधे खेत में बोने पर भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम हैं।
धान की खेती में पानी और मजदूरी की बढ़ती लागत किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। ऐसे में धान की सीधी बुवाई (Direct Seeded Rice-DSR) तकनीक को बढ़ावा देने के लिए नई किस्मों का विकास किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से ऐसी धान की किस्में तैयार की गई हैं, जो सीधे खेत में बोने पर भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम हैं।
By Preeti Nahar
आगर आप मूंग और उड़द किसान हैं और अपनी फसल सरकारी केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर बेचना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। मध्य प्रदेश सरकार ने मूंद और उड़द की खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चालू की हुई है, जिसकी अंतिम तारीख ख़त्म होने वाली है। अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो तुरंत करा लें। आर्टिकल में पढ़े कब है पंजीकरण की अंतिम तारीख।
आगर आप मूंग और उड़द किसान हैं और अपनी फसल सरकारी केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर बेचना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। मध्य प्रदेश सरकार ने मूंद और उड़द की खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चालू की हुई है, जिसकी अंतिम तारीख ख़त्म होने वाली है। अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो तुरंत करा लें। आर्टिकल में पढ़े कब है पंजीकरण की अंतिम तारीख।
By Gaon Connection
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तीन नई खरपतवार प्रजातियों की पहचान की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये खरपतवार फसलों के साथ पोषक तत्वों, नमी और जगह के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं तथा कीट व रोगों के प्रसार को बढ़ावा दे सकती हैं। किसानों को सतर्क रहने और नई प्रजातियों की सूचना देने की सलाह दी गई है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तीन नई खरपतवार प्रजातियों की पहचान की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये खरपतवार फसलों के साथ पोषक तत्वों, नमी और जगह के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं तथा कीट व रोगों के प्रसार को बढ़ावा दे सकती हैं। किसानों को सतर्क रहने और नई प्रजातियों की सूचना देने की सलाह दी गई है।
By Umang
किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती के विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कम लागत वाली एक लाभकारी फसल की खेती, कटाई और प्रसंस्करण की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि करीब 20 हजार रुपये की लागत से एक एकड़ में खेती कर लगभग एक लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित की जा सकती है।
किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती के विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कम लागत वाली एक लाभकारी फसल की खेती, कटाई और प्रसंस्करण की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि करीब 20 हजार रुपये की लागत से एक एकड़ में खेती कर लगभग एक लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित की जा सकती है।
By Preeti Nahar
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), सांबा ने धान उत्पादक किसानों को अजोला अपनाने की सलाह दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह प्राकृतिक जैव उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, रासायनिक खादों की खपत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है। अजोला के उपयोग से खेती की लागत घटाई जा सकती है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा मिलता है।
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), सांबा ने धान उत्पादक किसानों को अजोला अपनाने की सलाह दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह प्राकृतिक जैव उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, रासायनिक खादों की खपत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है। अजोला के उपयोग से खेती की लागत घटाई जा सकती है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा मिलता है।
By Preeti Nahar
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By Gaon Connection
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