By Gaon Connection
पंजाब सरकार ने हाइब्रिड धान बीज को डिनोटिफाई करने की मांग की है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने इस पर विचार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। आगामी खरीफ सीजन में बुवाई पर रोक लगाने के लिए पंजाब का तर्क है कि ये बीज चावल की उपज में कमी लाते हैं।
पंजाब सरकार ने हाइब्रिड धान बीज को डिनोटिफाई करने की मांग की है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने इस पर विचार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। आगामी खरीफ सीजन में बुवाई पर रोक लगाने के लिए पंजाब का तर्क है कि ये बीज चावल की उपज में कमी लाते हैं।
By Umang
प्याज की खेती आज देश में एक बड़ी समस्या बन गई है। किसान अपनी मेहनत से उगाई प्याज को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर है। वहीं शहरों में ग्राहक उसी प्याज के लिए कई गुना ज्यादा कीमत चुका रहा है। खेत से बाजार तक पहुंचते-पहुंचते प्याज का दाम कई गुना बढ़ जाता है।
प्याज की खेती आज देश में एक बड़ी समस्या बन गई है। किसान अपनी मेहनत से उगाई प्याज को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर है। वहीं शहरों में ग्राहक उसी प्याज के लिए कई गुना ज्यादा कीमत चुका रहा है। खेत से बाजार तक पहुंचते-पहुंचते प्याज का दाम कई गुना बढ़ जाता है।
By Preeti Nahar
हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की है। राज्य सरकार किसानों को 800 एकड़ सरकारी जमीन पट्टे पर उपलब्ध कराएगी, जहाँ वे लंबे समय तक प्राकृतिक खेती कर सकेंगे। इसके साथ ही प्राकृतिक या ऑर्गेनिक खेती अपनाने वाले किसानों को 5 वर्षों तक ₹10,000 प्रति एकड़ प्रतिवर्ष अनुदान दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की है। राज्य सरकार किसानों को 800 एकड़ सरकारी जमीन पट्टे पर उपलब्ध कराएगी, जहाँ वे लंबे समय तक प्राकृतिक खेती कर सकेंगे। इसके साथ ही प्राकृतिक या ऑर्गेनिक खेती अपनाने वाले किसानों को 5 वर्षों तक ₹10,000 प्रति एकड़ प्रतिवर्ष अनुदान दिया जाएगा।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। तेज धूप से सब्जियों की फसलें हीट-स्ट्रेस का शिकार हो रही हैं। टमाटर, मिर्च, बैंगन, खीरा और करेला जैसी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पौधों की वृद्धि रुक गई है और फलों की गुणवत्ता घट रही है। कृषि विभाग ने किसानों को सिंचाई, मल्चिंग और नेट लगाने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। तेज धूप से सब्जियों की फसलें हीट-स्ट्रेस का शिकार हो रही हैं। टमाटर, मिर्च, बैंगन, खीरा और करेला जैसी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पौधों की वृद्धि रुक गई है और फलों की गुणवत्ता घट रही है। कृषि विभाग ने किसानों को सिंचाई, मल्चिंग और नेट लगाने की सलाह दी है।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश में किसानों को अब डीएपी और यूरिया के साथ जैविक खाद का भी बड़ा विकल्प मिलेगा। योगी सरकार प्रदेश के करीब 7500 गो आश्रय स्थलों पर गोबर से बड़े पैमाने पर जैविक खाद तैयार कराएगी। इस खाद को किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में किसानों को अब डीएपी और यूरिया के साथ जैविक खाद का भी बड़ा विकल्प मिलेगा। योगी सरकार प्रदेश के करीब 7500 गो आश्रय स्थलों पर गोबर से बड़े पैमाने पर जैविक खाद तैयार कराएगी। इस खाद को किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए नई नीति आई है। पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना सर्वेक्षण शुरू हो गया है। यह सर्वेक्षण 30 जून 2026 तक चलेगा। इसे पहले से अधिक पारदर्शी और तकनीकी बनाया जाएगा। खेत में मौजूद गन्ने की किस्मों का सही रिकॉर्ड रखा जाएगा। सहफसली खेती और एग्रो फॉरेस्ट्री का भी सर्वे होगा।
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए नई नीति आई है। पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना सर्वेक्षण शुरू हो गया है। यह सर्वेक्षण 30 जून 2026 तक चलेगा। इसे पहले से अधिक पारदर्शी और तकनीकी बनाया जाएगा। खेत में मौजूद गन्ने की किस्मों का सही रिकॉर्ड रखा जाएगा। सहफसली खेती और एग्रो फॉरेस्ट्री का भी सर्वे होगा।
By Preeti Nahar
सरकार किसानों को धान और गेहूं से हटकर सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल, मूंगफली और नाइजरसीड जैसी तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। खरीफ सीजन 2026-27 के लिए सूरजमुखी बीज की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है।
सरकार किसानों को धान और गेहूं से हटकर सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल, मूंगफली और नाइजरसीड जैसी तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। खरीफ सीजन 2026-27 के लिए सूरजमुखी बीज की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है।
By Preeti Nahar
साल 2026 में एल नीनो के संभावित प्रभाव से भारतीय कृषि पर चिंता बढ़ गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे खरीफ फसलों को नुकसान होगा। किसानों को मौसम के अनुसार अपनी खेती की रणनीति बदलनी होगी। कम पानी वाली फसलें और आधुनिक सिंचाई तकनीकें अपनाना महत्वपूर्ण होगा।
साल 2026 में एल नीनो के संभावित प्रभाव से भारतीय कृषि पर चिंता बढ़ गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे खरीफ फसलों को नुकसान होगा। किसानों को मौसम के अनुसार अपनी खेती की रणनीति बदलनी होगी। कम पानी वाली फसलें और आधुनिक सिंचाई तकनीकें अपनाना महत्वपूर्ण होगा।
By Gaon Connection
दुनिया भर में यूरिया की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन भारत सरकार अपने किसानों को सब्सिडी देकर राहत दे रही है। एक बोरी यूरिया की लागत जहां विदेशों में हजारों रुपये है, वहीं भारतीय किसान इसे कुछ सौ रुपये में खरीद रहे हैं। यह सरकार की आर्थिक मजबूती और किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दुनिया भर में यूरिया की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन भारत सरकार अपने किसानों को सब्सिडी देकर राहत दे रही है। एक बोरी यूरिया की लागत जहां विदेशों में हजारों रुपये है, वहीं भारतीय किसान इसे कुछ सौ रुपये में खरीद रहे हैं। यह सरकार की आर्थिक मजबूती और किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
By Preeti Nahar
वैज्ञानिकों ने 13 साल तक मेंथा की खेती पर शोध किया। उन्होंने पाया कि बदलते मौसम से मेंथा ऑयल के उत्पादन में 5 गुना तक का अंतर आया। हालांकि, मेंथॉल की गुणवत्ता स्थिर रही। जुलाई का गर्म मौसम तेल उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण पाया गया। किसानों को अब जलवायु परिवर्तन के अनुसार खेती की नई तकनीकें अपनानी होंगी।
वैज्ञानिकों ने 13 साल तक मेंथा की खेती पर शोध किया। उन्होंने पाया कि बदलते मौसम से मेंथा ऑयल के उत्पादन में 5 गुना तक का अंतर आया। हालांकि, मेंथॉल की गुणवत्ता स्थिर रही। जुलाई का गर्म मौसम तेल उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण पाया गया। किसानों को अब जलवायु परिवर्तन के अनुसार खेती की नई तकनीकें अपनानी होंगी।
By Gaon Connection
By Preeti Nahar
By Preeti Nahar
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By Gaon Connection
By Umang
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