By Gaon Connection
देश के कई राज्यों में नई कपास की शुरुआती आवक शुरू हो गई है, लेकिन कच्चे कपास के भाव मज़बूत हैं। प्रमुख मंडियों में भाव 9,200-9,500 रुपये प्रति क्विंटल हैं, जो MSP से ऊपर हैं। अंतरराष्ट्रीय ICE Futures में गिरावट के कारण बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने खरीद भाव घटाए हैं। वहीं यार्न की मांग कमजोर होने से मिलें नई खरीद से बच रही हैं। नवंबर से कपास की आवक बढ़ने की उम्मीद है।
देश के कई राज्यों में नई कपास की शुरुआती आवक शुरू हो गई है, लेकिन कच्चे कपास के भाव मज़बूत हैं। प्रमुख मंडियों में भाव 9,200-9,500 रुपये प्रति क्विंटल हैं, जो MSP से ऊपर हैं। अंतरराष्ट्रीय ICE Futures में गिरावट के कारण बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने खरीद भाव घटाए हैं। वहीं यार्न की मांग कमजोर होने से मिलें नई खरीद से बच रही हैं। नवंबर से कपास की आवक बढ़ने की उम्मीद है।
By Mansi
कृषि में एआई तकनीक ने किसानों को सही फैसले लेने में सहारा दिया है। यह तकनीक मौसम, भूमि और कीटों की जानकारी प्रदान करते हुए उत्पादकता को बढ़ा सकती है। भारत सरकार 'भारत-विस्तार' जैसे प्रोजेक्ट्स के माध्यम से किसानों को डिजिटल प्लेटफार्मों की सहायता कर रही है। हालाँकि, यह सवाल उठता है कि किसानों के डेटा का संरक्षण और आर्थिक लाभ किसे मिलेगा।
कृषि में एआई तकनीक ने किसानों को सही फैसले लेने में सहारा दिया है। यह तकनीक मौसम, भूमि और कीटों की जानकारी प्रदान करते हुए उत्पादकता को बढ़ा सकती है। भारत सरकार 'भारत-विस्तार' जैसे प्रोजेक्ट्स के माध्यम से किसानों को डिजिटल प्लेटफार्मों की सहायता कर रही है। हालाँकि, यह सवाल उठता है कि किसानों के डेटा का संरक्षण और आर्थिक लाभ किसे मिलेगा।
By Mansi
दुनिया भर में मिट्टी का क्षरण जारी है और इसे बचाने के तरीके धीमी गति से अपनाए जा रहे हैं। एफएओ की रिपोर्ट के अनुसार, मिट्टी का कटाव सबसे गंभीर खतरा है जो खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है। मिट्टी के भीतर रहने वाले सूक्ष्मजीव और केंचुए जैविक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। टिकाऊ मिट्टी प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बेहतर नीतियों की आवश्यकता है।
दुनिया भर में मिट्टी का क्षरण जारी है और इसे बचाने के तरीके धीमी गति से अपनाए जा रहे हैं। एफएओ की रिपोर्ट के अनुसार, मिट्टी का कटाव सबसे गंभीर खतरा है जो खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है। मिट्टी के भीतर रहने वाले सूक्ष्मजीव और केंचुए जैविक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। टिकाऊ मिट्टी प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बेहतर नीतियों की आवश्यकता है।
By Mansi
मध्य प्रदेश की सरकार ने किसानों के लिए एक विशेष ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल की शुरुआत की है। जिन किसानों को कृषक कवच योजना से लाभ नहीं मिला, उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अगले ढाई साल में सिंचाई के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन लाने का लक्ष्य है, जहां 100 लाख हेक्टेयर तक रकबा बढ़ाया जाएगा।
मध्य प्रदेश की सरकार ने किसानों के लिए एक विशेष ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल की शुरुआत की है। जिन किसानों को कृषक कवच योजना से लाभ नहीं मिला, उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अगले ढाई साल में सिंचाई के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन लाने का लक्ष्य है, जहां 100 लाख हेक्टेयर तक रकबा बढ़ाया जाएगा।
By Mansi
पंचायती राज मंत्रालय ने ग्रामीण इलाकों में निवास करने वालों के लिए एक नई मौसम पूर्वानुमान सेवा शुरू की है। अब 'मेरी पंचायत ऐप' और 'ई-ग्राम स्वराज' के माध्यम से वे मौसम की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से किसानों के लिए लाभकारी होगी, क्योंकि इससे वे अपनी खेती की योजना अधिक प्रभावी तरीके से बना सकेंगे।
पंचायती राज मंत्रालय ने ग्रामीण इलाकों में निवास करने वालों के लिए एक नई मौसम पूर्वानुमान सेवा शुरू की है। अब 'मेरी पंचायत ऐप' और 'ई-ग्राम स्वराज' के माध्यम से वे मौसम की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से किसानों के लिए लाभकारी होगी, क्योंकि इससे वे अपनी खेती की योजना अधिक प्रभावी तरीके से बना सकेंगे।
By Mansi
तमिलनाडु सरकार ने किसानों और शिक्षकों से जुड़े पुराने मुद्दों को समाप्त करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कई नई विकास पहलों का ऐलान किया। मिंजुर में स्थापित 400 MLD डिसेलिनेशन प्लांट स्थानीय जल आपूर्ति को बेहतर बनाएगा। इसके अलावा, कचरे से बिजली उत्पादन के लिए योजना भी शुरू की गई है। 15 सितंबर से डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी की नई व्यवस्था का कार्यान्वयन होगा।
तमिलनाडु सरकार ने किसानों और शिक्षकों से जुड़े पुराने मुद्दों को समाप्त करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कई नई विकास पहलों का ऐलान किया। मिंजुर में स्थापित 400 MLD डिसेलिनेशन प्लांट स्थानीय जल आपूर्ति को बेहतर बनाएगा। इसके अलावा, कचरे से बिजली उत्पादन के लिए योजना भी शुरू की गई है। 15 सितंबर से डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी की नई व्यवस्था का कार्यान्वयन होगा।
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राजस्थान में किसानों के लिए एक उत्कृष्ट योजना का आगाज़ हो गया है। सोलर पंप लगाकर किसान अब सिंचाई में सरकारी अनुदान का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती की लागत को कम करना और डीजल पंपों पर निर्भरता को घटाना है। पात्र किसानों को सोलर पंप की लागत का 60% तक अनुदान मिलेगा, जो केंद्र और राज्य सरकार से मिलकर उपलब्ध कराया जाएगा।
राजस्थान में किसानों के लिए एक उत्कृष्ट योजना का आगाज़ हो गया है। सोलर पंप लगाकर किसान अब सिंचाई में सरकारी अनुदान का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती की लागत को कम करना और डीजल पंपों पर निर्भरता को घटाना है। पात्र किसानों को सोलर पंप की लागत का 60% तक अनुदान मिलेगा, जो केंद्र और राज्य सरकार से मिलकर उपलब्ध कराया जाएगा।
By Mansi
बिहार के मछली पालकों के लिए खुशखबरी! अब सरकार जलीय कृषि बीमा योजना के तहत 40% तक प्रोत्साहन देगी। यह पहल किसानों को बाढ़, सूखा और रोगों से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करती है। सामान्य लाभार्थियों को ₹1 लाख तक की सहायता मिलेगी, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला किसानों को अतिरिक्त 10% लाभ दिया जाएगा।
बिहार के मछली पालकों के लिए खुशखबरी! अब सरकार जलीय कृषि बीमा योजना के तहत 40% तक प्रोत्साहन देगी। यह पहल किसानों को बाढ़, सूखा और रोगों से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करती है। सामान्य लाभार्थियों को ₹1 लाख तक की सहायता मिलेगी, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला किसानों को अतिरिक्त 10% लाभ दिया जाएगा।
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मध्य प्रदेश में गर्मी की मूंग की सरकारी ख़रीद रिकॉर्ड 5.33 लाख टन तक पहुँची है। केंद्र सरकार ने पहले 4.54 लाख टन ख़रीद को मंज़ूरी दी थी। किसानों के हित में 84,492 टन की अतिरिक्त ख़रीद को भी मंज़ूरी मिली। नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लाभ मिला। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष ख़रीद की मात्रा में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है।
मध्य प्रदेश में गर्मी की मूंग की सरकारी ख़रीद रिकॉर्ड 5.33 लाख टन तक पहुँची है। केंद्र सरकार ने पहले 4.54 लाख टन ख़रीद को मंज़ूरी दी थी। किसानों के हित में 84,492 टन की अतिरिक्त ख़रीद को भी मंज़ूरी मिली। नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लाभ मिला। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष ख़रीद की मात्रा में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है।
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आंध्र प्रदेश में इस मानसून में सामान्य से 51 प्रतिशत कम बारिश हुई है। खरीफ सीजन में बुवाई का रकबा पिछले साल की तुलना में 21 प्रतिशत कम रहा है। धान की बुवाई में कमी आई है जबकि दलहन की बुवाई में वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने अल नीनो के प्रभाव को कम करने के लिए चार सूत्रीय रणनीति तैयार की है।
आंध्र प्रदेश में इस मानसून में सामान्य से 51 प्रतिशत कम बारिश हुई है। खरीफ सीजन में बुवाई का रकबा पिछले साल की तुलना में 21 प्रतिशत कम रहा है। धान की बुवाई में कमी आई है जबकि दलहन की बुवाई में वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने अल नीनो के प्रभाव को कम करने के लिए चार सूत्रीय रणनीति तैयार की है।
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