By Preeti Nahar
धान की खेती में पानी और मजदूरी की बढ़ती लागत किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। ऐसे में धान की सीधी बुवाई (Direct Seeded Rice-DSR) तकनीक को बढ़ावा देने के लिए नई किस्मों का विकास किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से ऐसी धान की किस्में तैयार की गई हैं, जो सीधे खेत में बोने पर भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम हैं।
धान की खेती में पानी और मजदूरी की बढ़ती लागत किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। ऐसे में धान की सीधी बुवाई (Direct Seeded Rice-DSR) तकनीक को बढ़ावा देने के लिए नई किस्मों का विकास किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से ऐसी धान की किस्में तैयार की गई हैं, जो सीधे खेत में बोने पर भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम हैं।
By Preeti Nahar
आगर आप मूंग और उड़द किसान हैं और अपनी फसल सरकारी केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर बेचना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। मध्य प्रदेश सरकार ने मूंद और उड़द की खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चालू की हुई है, जिसकी अंतिम तारीख ख़त्म होने वाली है। अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो तुरंत करा लें। आर्टिकल में पढ़े कब है पंजीकरण की अंतिम तारीख।
आगर आप मूंग और उड़द किसान हैं और अपनी फसल सरकारी केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर बेचना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। मध्य प्रदेश सरकार ने मूंद और उड़द की खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चालू की हुई है, जिसकी अंतिम तारीख ख़त्म होने वाली है। अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो तुरंत करा लें। आर्टिकल में पढ़े कब है पंजीकरण की अंतिम तारीख।
By Gaon Connection
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तीन नई खरपतवार प्रजातियों की पहचान की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये खरपतवार फसलों के साथ पोषक तत्वों, नमी और जगह के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं तथा कीट व रोगों के प्रसार को बढ़ावा दे सकती हैं। किसानों को सतर्क रहने और नई प्रजातियों की सूचना देने की सलाह दी गई है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तीन नई खरपतवार प्रजातियों की पहचान की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये खरपतवार फसलों के साथ पोषक तत्वों, नमी और जगह के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं तथा कीट व रोगों के प्रसार को बढ़ावा दे सकती हैं। किसानों को सतर्क रहने और नई प्रजातियों की सूचना देने की सलाह दी गई है।
By Umang
किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती के विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कम लागत वाली एक लाभकारी फसल की खेती, कटाई और प्रसंस्करण की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि करीब 20 हजार रुपये की लागत से एक एकड़ में खेती कर लगभग एक लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित की जा सकती है।
किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती के विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कम लागत वाली एक लाभकारी फसल की खेती, कटाई और प्रसंस्करण की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि करीब 20 हजार रुपये की लागत से एक एकड़ में खेती कर लगभग एक लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित की जा सकती है।
By Preeti Nahar
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), सांबा ने धान उत्पादक किसानों को अजोला अपनाने की सलाह दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह प्राकृतिक जैव उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, रासायनिक खादों की खपत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है। अजोला के उपयोग से खेती की लागत घटाई जा सकती है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा मिलता है।
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), सांबा ने धान उत्पादक किसानों को अजोला अपनाने की सलाह दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह प्राकृतिक जैव उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, रासायनिक खादों की खपत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है। अजोला के उपयोग से खेती की लागत घटाई जा सकती है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा मिलता है।
By Preeti Nahar
बढ़ती महंगाई और दालों की ऊंची कीमतों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार अब दलहन उत्पादन बढ़ाने पर फोकस कर रही है। इसी उद्देश्य से 14 से 16 जून तक राज्य स्तरीय कृषि मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में किसानों को कम बारिश की स्थिति में खेती के उपाय, नई तकनीकें, उन्नत बीज और दलहन उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीके बताए जाएंगे।
बढ़ती महंगाई और दालों की ऊंची कीमतों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार अब दलहन उत्पादन बढ़ाने पर फोकस कर रही है। इसी उद्देश्य से 14 से 16 जून तक राज्य स्तरीय कृषि मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में किसानों को कम बारिश की स्थिति में खेती के उपाय, नई तकनीकें, उन्नत बीज और दलहन उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीके बताए जाएंगे।
By Gaon Connection
ओडिशा सरकार ने किसानों से धान खरीद को सुचारु बनाने और राइस मिलर्स को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राइस मिलिंग शुल्क को दोगुना करने की मंजूरी दे दी है। अब उसना (पारबॉयल्ड) चावल पर मिलिंग शुल्क 20 रुपये से बढ़कर 40 रुपये प्रति क्विंटल और अरवा (कच्चे) चावल पर 10 रुपये से बढ़कर 20 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे धान खरीद, प्रसंस्करण और भंडारण व्यवस्था मजबूत होगी तथा किसानों और राइस मिलर्स दोनों को फायदा मिलेगा।
ओडिशा सरकार ने किसानों से धान खरीद को सुचारु बनाने और राइस मिलर्स को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राइस मिलिंग शुल्क को दोगुना करने की मंजूरी दे दी है। अब उसना (पारबॉयल्ड) चावल पर मिलिंग शुल्क 20 रुपये से बढ़कर 40 रुपये प्रति क्विंटल और अरवा (कच्चे) चावल पर 10 रुपये से बढ़कर 20 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे धान खरीद, प्रसंस्करण और भंडारण व्यवस्था मजबूत होगी तथा किसानों और राइस मिलर्स दोनों को फायदा मिलेगा।
By Preeti Nahar
उत्तर प्रदेश में मानसून की शुरुआत और बढ़ते तापमान के बीच यूपीसीएआर ने आम उत्पादकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो सप्ताह तक कई क्षेत्रों में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है, जिससे फलमक्खी, शोल्डर ब्राउनिंग और कटर कीट का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में बागवानों को तुड़ाई, कीट-रोग प्रबंधन और बागों की देखभाल में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, ताकि फलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर मौसम का असर कम हो।
उत्तर प्रदेश में मानसून की शुरुआत और बढ़ते तापमान के बीच यूपीसीएआर ने आम उत्पादकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो सप्ताह तक कई क्षेत्रों में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है, जिससे फलमक्खी, शोल्डर ब्राउनिंग और कटर कीट का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में बागवानों को तुड़ाई, कीट-रोग प्रबंधन और बागों की देखभाल में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, ताकि फलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर मौसम का असर कम हो।
कोच्चि चाय नीलामी में निर्यात और घरेलू मांग कमजोर रहने से कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया के खरीदारों ने खरीदारी टाल दी है जबकि नई फसल की आवक से बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना है। अच्छी गुणवत्ता वाली चाय को कुछ समर्थन मिला लेकिन लोकप्रिय ग्रेड और सीटीसी डस्ट चाय के दाम नरम रहे।
कोच्चि चाय नीलामी में निर्यात और घरेलू मांग कमजोर रहने से कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया के खरीदारों ने खरीदारी टाल दी है जबकि नई फसल की आवक से बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना है। अच्छी गुणवत्ता वाली चाय को कुछ समर्थन मिला लेकिन लोकप्रिय ग्रेड और सीटीसी डस्ट चाय के दाम नरम रहे।
By Preeti Nahar
यूपीसीएआर ने किसानों के लिए नई मौसम आधारित एडवाइजरी जारी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो सप्ताह राज्य के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश और 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रहने की संभावना है। फसल, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को जल प्रबंधन, नमी संरक्षण और पशुओं की देखभाल को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
यूपीसीएआर ने किसानों के लिए नई मौसम आधारित एडवाइजरी जारी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो सप्ताह राज्य के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश और 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रहने की संभावना है। फसल, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को जल प्रबंधन, नमी संरक्षण और पशुओं की देखभाल को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
By Preeti Nahar
By Preeti Nahar
By Preeti Nahar
By Preeti Nahar
By Gaon Connection
By Preeti Nahar
By Preeti Nahar