By Gaon Connection
तमिलनाडु की नीलगिरी पहाड़ियों में रहने वाला टोडा आदिवासी समाज अपनी पारंपरिक कढ़ाई के जरिए संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलित जीवन की मिसाल पेश कर रहा है। सफेद कपड़े पर लाल और काले धागों से की जाने वाली यह महीन कढ़ाई सिर्फ कला नहीं, बल्कि उनकी पहचान, इतिहास और जीवन दर्शन का हिस्सा है। पीढ़ी दर पीढ़ी चलती यह परंपरा आज आजीविका का साधन भी बन रही है और सस्टेनेबल फैशन की दुनिया में एक प्रेरणा बनकर उभर रही है।
तमिलनाडु की नीलगिरी पहाड़ियों में रहने वाला टोडा आदिवासी समाज अपनी पारंपरिक कढ़ाई के जरिए संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलित जीवन की मिसाल पेश कर रहा है। सफेद कपड़े पर लाल और काले धागों से की जाने वाली यह महीन कढ़ाई सिर्फ कला नहीं, बल्कि उनकी पहचान, इतिहास और जीवन दर्शन का हिस्सा है। पीढ़ी दर पीढ़ी चलती यह परंपरा आज आजीविका का साधन भी बन रही है और सस्टेनेबल फैशन की दुनिया में एक प्रेरणा बनकर उभर रही है।
By Gaon Connection
प्रतापगढ़ के पूर्व सैनिक उत्कृष्ट पांडेय ने चंदन और हल्दी उगाकर अपनी किस्मत चमकाई। उन्होंने अपने गाँव में 'हर घर चंदन' की शुरुआत की, जिससे सैकड़ों किसान प्रेरित हुए और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। यह मॉडल अब गाँवों में खुशहाली ला रहा है।
प्रतापगढ़ के पूर्व सैनिक उत्कृष्ट पांडेय ने चंदन और हल्दी उगाकर अपनी किस्मत चमकाई। उन्होंने अपने गाँव में 'हर घर चंदन' की शुरुआत की, जिससे सैकड़ों किसान प्रेरित हुए और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। यह मॉडल अब गाँवों में खुशहाली ला रहा है।
By Gaon Connection
आदिवासी किसान सुंदरियाबाई ने उस समय देसी बीज बचाने की शुरुआत की, जब पूरा गाँव हाइब्रिड बीजों की ओर दौड़ रहा था। आज उनके पास 150 पारंपरिक किस्मों का बीज बैंक है, जो सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की खाद्य सुरक्षा और खेती की पहचान को भी सहेज रहा है।
आदिवासी किसान सुंदरियाबाई ने उस समय देसी बीज बचाने की शुरुआत की, जब पूरा गाँव हाइब्रिड बीजों की ओर दौड़ रहा था। आज उनके पास 150 पारंपरिक किस्मों का बीज बैंक है, जो सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की खाद्य सुरक्षा और खेती की पहचान को भी सहेज रहा है।
By Gaon Connection
राजस्थान के खटवा गाँव की रूबी पारिक ने पिता को खोने के बाद हार नहीं मानी। उन्होंने दर्द को ताकत में बदला और जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, बीज बैंक और जैविक खेती की ट्रेनिंग देकर हज़ारों महिलाओं की ज़िंदगी बदल दी।
राजस्थान के खटवा गाँव की रूबी पारिक ने पिता को खोने के बाद हार नहीं मानी। उन्होंने दर्द को ताकत में बदला और जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, बीज बैंक और जैविक खेती की ट्रेनिंग देकर हज़ारों महिलाओं की ज़िंदगी बदल दी।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले के मझगाँव में रहने वाली संजू कुशवाहा ने बकरी के दूध से साबुन बनाकर न सिर्फ़ एक नया उत्पाद खड़ा किया, बल्कि सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोज़गार और आत्मसम्मान भी दिया।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले के मझगाँव में रहने वाली संजू कुशवाहा ने बकरी के दूध से साबुन बनाकर न सिर्फ़ एक नया उत्पाद खड़ा किया, बल्कि सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोज़गार और आत्मसम्मान भी दिया।
By Gaon Connection
राजस्थान के पिपलांत्री गाँव में बेटी का जन्म दुख नहीं, उत्सव है। यहाँ हर नवजात बेटी के नाम 111 पेड़ लगाए जाते हैं, ताकि धरती और समाज दोनों का भविष्य सुरक्षित हो।
राजस्थान के पिपलांत्री गाँव में बेटी का जन्म दुख नहीं, उत्सव है। यहाँ हर नवजात बेटी के नाम 111 पेड़ लगाए जाते हैं, ताकि धरती और समाज दोनों का भविष्य सुरक्षित हो।
By Divendra Singh
नागालैंड के एक युवा किसान ने ऐसा सोलर ड्रायर बनाया है, जिसने पहाड़ी इलाकों में फसल खराब होने की समस्या को कमाई के अवसर में बदल दिया है। बिना बिजली, कम लागत और पर्यावरण के अनुकूल इस तकनीक से सैकड़ों किसान अपनी उत्पादन सुरक्षित रखकर बढ़िया दाम पा रहे हैं।
नागालैंड के एक युवा किसान ने ऐसा सोलर ड्रायर बनाया है, जिसने पहाड़ी इलाकों में फसल खराब होने की समस्या को कमाई के अवसर में बदल दिया है। बिना बिजली, कम लागत और पर्यावरण के अनुकूल इस तकनीक से सैकड़ों किसान अपनी उत्पादन सुरक्षित रखकर बढ़िया दाम पा रहे हैं।
By Gaurav Rai
सुनीता विलियम्स ने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर अंतरिक्ष तक का सफर तय किया। NASA में 27 साल की सेवा, 608 दिन अंतरिक्ष में बिताने और कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने वाली सुनीता की कहानी यह सिखाती है कि हालात चाहे जैसे हों, अगर सपने सच्चे हों तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती।
सुनीता विलियम्स ने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर अंतरिक्ष तक का सफर तय किया। NASA में 27 साल की सेवा, 608 दिन अंतरिक्ष में बिताने और कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने वाली सुनीता की कहानी यह सिखाती है कि हालात चाहे जैसे हों, अगर सपने सच्चे हों तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती।
By Gaon Connection
मेघालय के स्मिट गाँव में हर दिन लोक संगीत की धुनें पहाड़ों से बातें करती हैं। इस आवाज़ को ज़िंदा रखने की जिम्मेदारी उठाई है बंशैलांग मुखिम ने, जिन्होंने खासी लोक संगीत और भाषा को बचाने के लिए एक म्यूज़िक इंस्टीट्यूट शुरू किया।
मेघालय के स्मिट गाँव में हर दिन लोक संगीत की धुनें पहाड़ों से बातें करती हैं। इस आवाज़ को ज़िंदा रखने की जिम्मेदारी उठाई है बंशैलांग मुखिम ने, जिन्होंने खासी लोक संगीत और भाषा को बचाने के लिए एक म्यूज़िक इंस्टीट्यूट शुरू किया।
अगर आपने इतिहास में मोहन जोदड़ो के बारे में पढ़ा होगा तो आपको वहां पर खुदाई में मिली डांसिंग गर्ल की कांस्य प्रतिमा भी याद होगी। मोहन जोदड़ो सभ्यता के कई सौ साल बाद भी बस्तर की ढोकरा शिल्प कला आज भी उस कला को जिंदा रखे हुए है। छत्तीसगढ़ के कोंडागाँव के भेलवापारा मोहल्ले में ऐसे सैकड़ों परिवार हैं जो ढोकरा शिल्पकला से मूर्तियों में जान डाल देते हैं। इन शिल्पकारों की बदौलत ढोकरा शिल्प की पहचान देश-विदेश तक हो गई है।
अगर आपने इतिहास में मोहन जोदड़ो के बारे में पढ़ा होगा तो आपको वहां पर खुदाई में मिली डांसिंग गर्ल की कांस्य प्रतिमा भी याद होगी। मोहन जोदड़ो सभ्यता के कई सौ साल बाद भी बस्तर की ढोकरा शिल्प कला आज भी उस कला को जिंदा रखे हुए है। छत्तीसगढ़ के कोंडागाँव के भेलवापारा मोहल्ले में ऐसे सैकड़ों परिवार हैं जो ढोकरा शिल्पकला से मूर्तियों में जान डाल देते हैं। इन शिल्पकारों की बदौलत ढोकरा शिल्प की पहचान देश-विदेश तक हो गई है।
By Gaon Connection
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By Gaon Connection
By Manvendra Singh
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Gaon Connection