By Preeti Nahar
विश्व महासागर दिवस पर यह कहानी केरल की रेखा कार्तिकेयन की है, जिन्होंने उन सामाजिक बंदिशों को तोड़ा जिनके कारण महिलाएं गहरे समंदर में मछली पकड़ने नहीं जाती थीं। आज रेखा अपनी बेटियों के साथ ट्रॉलर लेकर समुद्र में उतरती हैं और हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
विश्व महासागर दिवस पर यह कहानी केरल की रेखा कार्तिकेयन की है, जिन्होंने उन सामाजिक बंदिशों को तोड़ा जिनके कारण महिलाएं गहरे समंदर में मछली पकड़ने नहीं जाती थीं। आज रेखा अपनी बेटियों के साथ ट्रॉलर लेकर समुद्र में उतरती हैं और हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
By Preeti Nahar
राजस्थान के बाड़मेर के नरपत सिंह राजपुरोहित को लोग "ग्रीनमैन ऑफ बाड़मेर" के नाम से जानते हैं। पर्यावरण संरक्षण के अपने मिशन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 2019 से 2022 के बीच साइकिल से 30 हजार किलोमीटर से अधिक की यात्रा की और 20 से ज्यादा राज्यों में लोगों को प्रकृति बचाने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने लाखों लोगों को जागरूक किया, दो लाख से अधिक पौधे लगाए, पक्षियों और वन्यजीवों के लिए पानी की व्यवस्था की और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की कोशिश की। उनकी इसी अनूठी पहल ने उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तक पहुंचाया, लेकिन उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार वे पेड़ हैं जो आज लोगों को छाया और जीवन दे रहे हैं।
राजस्थान के बाड़मेर के नरपत सिंह राजपुरोहित को लोग "ग्रीनमैन ऑफ बाड़मेर" के नाम से जानते हैं। पर्यावरण संरक्षण के अपने मिशन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 2019 से 2022 के बीच साइकिल से 30 हजार किलोमीटर से अधिक की यात्रा की और 20 से ज्यादा राज्यों में लोगों को प्रकृति बचाने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने लाखों लोगों को जागरूक किया, दो लाख से अधिक पौधे लगाए, पक्षियों और वन्यजीवों के लिए पानी की व्यवस्था की और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की कोशिश की। उनकी इसी अनूठी पहल ने उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तक पहुंचाया, लेकिन उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार वे पेड़ हैं जो आज लोगों को छाया और जीवन दे रहे हैं।
By Gaon Connection
जैसलमेर के बलवंत सिंह जोधा पिछले नौ वर्षों से लुप्त हो चुके तालाबों को खोजकर उन्हें पुनर्जीवित करने का काम कर रहे हैं। अब तक पाँच तालाबों की खुदाई और पुनर्निर्माण कराया जा चुका है, जबकि दो अन्य तालाबों पर काम जारी है। इतिहास की किताबों और पुराने राजस्व रिकॉर्ड की मदद से वे भूले-बिसरे जल स्रोतों को तलाशते हैं और उनके कैचमेंट क्षेत्रों को भी संरक्षित कराने का प्रयास करते हैं। बढ़ते जल संकट और गिरते भूजल स्तर के बीच उनका यह अभियान रेगिस्तान में जल संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरा है।
जैसलमेर के बलवंत सिंह जोधा पिछले नौ वर्षों से लुप्त हो चुके तालाबों को खोजकर उन्हें पुनर्जीवित करने का काम कर रहे हैं। अब तक पाँच तालाबों की खुदाई और पुनर्निर्माण कराया जा चुका है, जबकि दो अन्य तालाबों पर काम जारी है। इतिहास की किताबों और पुराने राजस्व रिकॉर्ड की मदद से वे भूले-बिसरे जल स्रोतों को तलाशते हैं और उनके कैचमेंट क्षेत्रों को भी संरक्षित कराने का प्रयास करते हैं। बढ़ते जल संकट और गिरते भूजल स्तर के बीच उनका यह अभियान रेगिस्तान में जल संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरा है।
By Gaon Connection
ब्यावरा में प्लास्टिक कचरा अब शहर की सुंदरता बढ़ा रहा है। पर्यावरण प्रेमी महिलाओं ने प्लास्टिक इकट्ठा कर इको-ब्रिक्स बनाए हैं। इन ईंटों का उपयोग सार्वजनिक स्थानों को सजाने में हो रहा है। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। प्रशासन भी इस मॉडल को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहा है।
ब्यावरा में प्लास्टिक कचरा अब शहर की सुंदरता बढ़ा रहा है। पर्यावरण प्रेमी महिलाओं ने प्लास्टिक इकट्ठा कर इको-ब्रिक्स बनाए हैं। इन ईंटों का उपयोग सार्वजनिक स्थानों को सजाने में हो रहा है। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। प्रशासन भी इस मॉडल को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहा है।
By Preeti Nahar
बिहार की खेती को नई दिशा देने वाले एक ऐसे कृषि वैज्ञानिक को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा , जिन्होंने सिर्फ खेती नहीं बदली, बल्कि हजारों किसानों की जिंदगी बदल दी। लीची के पुराने बागानों को फिर से हरा-भरा करना हो, जलजमाव वाली जमीन को मखाना उत्पादन का केंद्र बनाना हो या किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ना डॉ. गोपालजी त्रिवेदी का योगदान कई दशकों तक फैला हुआ है। आखिर कौन हैं गोपालजी त्रिवेदी और क्यों उन्हें बिहार की कृषि क्रांति का बड़ा चेहरा माना जाता है, पढ़िए यह खास रिपोर्ट।
बिहार की खेती को नई दिशा देने वाले एक ऐसे कृषि वैज्ञानिक को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा , जिन्होंने सिर्फ खेती नहीं बदली, बल्कि हजारों किसानों की जिंदगी बदल दी। लीची के पुराने बागानों को फिर से हरा-भरा करना हो, जलजमाव वाली जमीन को मखाना उत्पादन का केंद्र बनाना हो या किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ना डॉ. गोपालजी त्रिवेदी का योगदान कई दशकों तक फैला हुआ है। आखिर कौन हैं गोपालजी त्रिवेदी और क्यों उन्हें बिहार की कृषि क्रांति का बड़ा चेहरा माना जाता है, पढ़िए यह खास रिपोर्ट।
By Gaon Connection
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में वर्ष 2026 के लिए 15 नर्सों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। यह सम्मान नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस 2026 की थीम "हमारी नर्सें, हमारा भविष्य" बताई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में वर्ष 2026 के लिए 15 नर्सों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। यह सम्मान नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस 2026 की थीम "हमारी नर्सें, हमारा भविष्य" बताई।
By Preeti Nahar
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के धुलेट गाँव की पपीता रावत ने पराली जलाने की समस्या का समाधान निकाला है। उन्होंने किसानों को जागरूक कर स्ट्रा रीपर मशीन से भूसा बनाने के लिए प्रेरित किया। जिसके बाद पपीता रावत की इस पहल से 600 बीघा से अधिक खेतों में पराली नहीं जली। जिससे किसानों को ये फायदा हुआ कि किसान अब उस भूसे से पशुओं के चारे का व्यवसाय कर रहे हैं। जानिए समस्या का हल खोजने की इस कहानी की हीरो पपीता रावत के बारे में।
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के धुलेट गाँव की पपीता रावत ने पराली जलाने की समस्या का समाधान निकाला है। उन्होंने किसानों को जागरूक कर स्ट्रा रीपर मशीन से भूसा बनाने के लिए प्रेरित किया। जिसके बाद पपीता रावत की इस पहल से 600 बीघा से अधिक खेतों में पराली नहीं जली। जिससे किसानों को ये फायदा हुआ कि किसान अब उस भूसे से पशुओं के चारे का व्यवसाय कर रहे हैं। जानिए समस्या का हल खोजने की इस कहानी की हीरो पपीता रावत के बारे में।
By Gaon Connection
साकिब हुसैन की कहानी वायरल हो रही है। जूतों के लिए मां ने गहने बेचे। IPL 2026 में शानदार डेब्यू किया। गोपालगंज के साकिब ने आर्थिक तंगी झेली। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत की। सेना में जाने का भी सपना था। कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा। मेहनत और परिवार के त्याग से सफलता पाई।
साकिब हुसैन की कहानी वायरल हो रही है। जूतों के लिए मां ने गहने बेचे। IPL 2026 में शानदार डेब्यू किया। गोपालगंज के साकिब ने आर्थिक तंगी झेली। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत की। सेना में जाने का भी सपना था। कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा। मेहनत और परिवार के त्याग से सफलता पाई।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर की सरिता यादव एक सशक्त महिला की मिसाल बनकर उभरी हैं। उनके कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेने और पोषण वाटिका में सब्जियों की खेती करने की प्रेरणादायक कहानी ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है। सरिता ने आज मशरूम, मिलेट्स और सहजन जैसे फसलों की खेती के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि की है।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर की सरिता यादव एक सशक्त महिला की मिसाल बनकर उभरी हैं। उनके कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेने और पोषण वाटिका में सब्जियों की खेती करने की प्रेरणादायक कहानी ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है। सरिता ने आज मशरूम, मिलेट्स और सहजन जैसे फसलों की खेती के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि की है।
By Gaon Connection
कर्नाटक का बीवी फातिमा महिला स्वयं सहायता समूह किसानों को उन्नत खेती के तरीके सिखा रहा है। यह समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय बढ़ाने में मदद कर रहा है। बीज बैंक और मोटे अनाज की खेती जैसे प्रयासों से लगभग 5000 किसान जुड़े हैं।
कर्नाटक का बीवी फातिमा महिला स्वयं सहायता समूह किसानों को उन्नत खेती के तरीके सिखा रहा है। यह समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय बढ़ाने में मदद कर रहा है। बीज बैंक और मोटे अनाज की खेती जैसे प्रयासों से लगभग 5000 किसान जुड़े हैं।
By Gaon Connection
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