By Gaon Connection
ब्यावरा में प्लास्टिक कचरा अब शहर की सुंदरता बढ़ा रहा है। पर्यावरण प्रेमी महिलाओं ने प्लास्टिक इकट्ठा कर इको-ब्रिक्स बनाए हैं। इन ईंटों का उपयोग सार्वजनिक स्थानों को सजाने में हो रहा है। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। प्रशासन भी इस मॉडल को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहा है।
ब्यावरा में प्लास्टिक कचरा अब शहर की सुंदरता बढ़ा रहा है। पर्यावरण प्रेमी महिलाओं ने प्लास्टिक इकट्ठा कर इको-ब्रिक्स बनाए हैं। इन ईंटों का उपयोग सार्वजनिक स्थानों को सजाने में हो रहा है। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। प्रशासन भी इस मॉडल को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहा है।
By Preeti Nahar
बिहार की खेती को नई दिशा देने वाले एक ऐसे कृषि वैज्ञानिक को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा , जिन्होंने सिर्फ खेती नहीं बदली, बल्कि हजारों किसानों की जिंदगी बदल दी। लीची के पुराने बागानों को फिर से हरा-भरा करना हो, जलजमाव वाली जमीन को मखाना उत्पादन का केंद्र बनाना हो या किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ना डॉ. गोपालजी त्रिवेदी का योगदान कई दशकों तक फैला हुआ है। आखिर कौन हैं गोपालजी त्रिवेदी और क्यों उन्हें बिहार की कृषि क्रांति का बड़ा चेहरा माना जाता है, पढ़िए यह खास रिपोर्ट।
बिहार की खेती को नई दिशा देने वाले एक ऐसे कृषि वैज्ञानिक को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा , जिन्होंने सिर्फ खेती नहीं बदली, बल्कि हजारों किसानों की जिंदगी बदल दी। लीची के पुराने बागानों को फिर से हरा-भरा करना हो, जलजमाव वाली जमीन को मखाना उत्पादन का केंद्र बनाना हो या किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ना डॉ. गोपालजी त्रिवेदी का योगदान कई दशकों तक फैला हुआ है। आखिर कौन हैं गोपालजी त्रिवेदी और क्यों उन्हें बिहार की कृषि क्रांति का बड़ा चेहरा माना जाता है, पढ़िए यह खास रिपोर्ट।
By Gaon Connection
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में वर्ष 2026 के लिए 15 नर्सों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। यह सम्मान नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस 2026 की थीम "हमारी नर्सें, हमारा भविष्य" बताई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में वर्ष 2026 के लिए 15 नर्सों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। यह सम्मान नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस 2026 की थीम "हमारी नर्सें, हमारा भविष्य" बताई।
By Preeti Nahar
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के धुलेट गाँव की पपीता रावत ने पराली जलाने की समस्या का समाधान निकाला है। उन्होंने किसानों को जागरूक कर स्ट्रा रीपर मशीन से भूसा बनाने के लिए प्रेरित किया। जिसके बाद पपीता रावत की इस पहल से 600 बीघा से अधिक खेतों में पराली नहीं जली। जिससे किसानों को ये फायदा हुआ कि किसान अब उस भूसे से पशुओं के चारे का व्यवसाय कर रहे हैं। जानिए समस्या का हल खोजने की इस कहानी की हीरो पपीता रावत के बारे में।
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के धुलेट गाँव की पपीता रावत ने पराली जलाने की समस्या का समाधान निकाला है। उन्होंने किसानों को जागरूक कर स्ट्रा रीपर मशीन से भूसा बनाने के लिए प्रेरित किया। जिसके बाद पपीता रावत की इस पहल से 600 बीघा से अधिक खेतों में पराली नहीं जली। जिससे किसानों को ये फायदा हुआ कि किसान अब उस भूसे से पशुओं के चारे का व्यवसाय कर रहे हैं। जानिए समस्या का हल खोजने की इस कहानी की हीरो पपीता रावत के बारे में।
By Gaon Connection
साकिब हुसैन की कहानी वायरल हो रही है। जूतों के लिए मां ने गहने बेचे। IPL 2026 में शानदार डेब्यू किया। गोपालगंज के साकिब ने आर्थिक तंगी झेली। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत की। सेना में जाने का भी सपना था। कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा। मेहनत और परिवार के त्याग से सफलता पाई।
साकिब हुसैन की कहानी वायरल हो रही है। जूतों के लिए मां ने गहने बेचे। IPL 2026 में शानदार डेब्यू किया। गोपालगंज के साकिब ने आर्थिक तंगी झेली। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत की। सेना में जाने का भी सपना था। कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा। मेहनत और परिवार के त्याग से सफलता पाई।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर की सरिता यादव एक सशक्त महिला की मिसाल बनकर उभरी हैं। उनके कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेने और पोषण वाटिका में सब्जियों की खेती करने की प्रेरणादायक कहानी ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है। सरिता ने आज मशरूम, मिलेट्स और सहजन जैसे फसलों की खेती के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि की है।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर की सरिता यादव एक सशक्त महिला की मिसाल बनकर उभरी हैं। उनके कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेने और पोषण वाटिका में सब्जियों की खेती करने की प्रेरणादायक कहानी ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है। सरिता ने आज मशरूम, मिलेट्स और सहजन जैसे फसलों की खेती के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि की है।
By Gaon Connection
कर्नाटक का बीवी फातिमा महिला स्वयं सहायता समूह किसानों को उन्नत खेती के तरीके सिखा रहा है। यह समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय बढ़ाने में मदद कर रहा है। बीज बैंक और मोटे अनाज की खेती जैसे प्रयासों से लगभग 5000 किसान जुड़े हैं।
कर्नाटक का बीवी फातिमा महिला स्वयं सहायता समूह किसानों को उन्नत खेती के तरीके सिखा रहा है। यह समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय बढ़ाने में मदद कर रहा है। बीज बैंक और मोटे अनाज की खेती जैसे प्रयासों से लगभग 5000 किसान जुड़े हैं।
By Gaon Connection
जम्मू-कश्मीर की रहने वाली शीतल देवी को 'पैरा आर्चर ऑफ द ईयर 2025' का खिताब से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बिना हाथों के होते हुए विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर सभी को प्रेरित किया है। उनकी मेहनत और साहस ने न केवल खेल में बल्कि समाज में भी एक नई उम्मीद जगाई है। पढ़िए शीतल देवी की कहानी।
जम्मू-कश्मीर की रहने वाली शीतल देवी को 'पैरा आर्चर ऑफ द ईयर 2025' का खिताब से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बिना हाथों के होते हुए विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर सभी को प्रेरित किया है। उनकी मेहनत और साहस ने न केवल खेल में बल्कि समाज में भी एक नई उम्मीद जगाई है। पढ़िए शीतल देवी की कहानी।
राजस्थान के एक गाँव की एक महिला ने अपनी रसोई की अनोखी रेसिपीज़ को यूट्यूब पर साझा करना शुरू किया। देखते ही देखते यूट्यूब पर चर्चित हो गईं। आज कंटेन्ट क्रिएटर के साथ-साथ वो सफल उद्यमी भी हैं।
राजस्थान के एक गाँव की एक महिला ने अपनी रसोई की अनोखी रेसिपीज़ को यूट्यूब पर साझा करना शुरू किया। देखते ही देखते यूट्यूब पर चर्चित हो गईं। आज कंटेन्ट क्रिएटर के साथ-साथ वो सफल उद्यमी भी हैं।
By Gaon Connection
एक बच्चा जब गाँव में पढ़ाई कर रहा था तो उसके पिता ने सोचा भी नहीं था कि वह एक दिन देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव बनेगा। पिता के संघर्ष और बेटे के त्याग का नतीजा था कि गाँव से निकलकर पहले IIT फिर आईएएस बने। कुछ ऐसा ही सफर रहा पूर्व आईएएस और यूपी के मुख्य सचिव रह चुके डीएस मिश्रा का। ये कहानी है उनकी मेहनत और उनके पिता के संघर्षों की। गाँव के पेड़ की छांव में पढ़ाई करके एक युवा ने कैसे आईएएस की नौकरी पाई।
एक बच्चा जब गाँव में पढ़ाई कर रहा था तो उसके पिता ने सोचा भी नहीं था कि वह एक दिन देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव बनेगा। पिता के संघर्ष और बेटे के त्याग का नतीजा था कि गाँव से निकलकर पहले IIT फिर आईएएस बने। कुछ ऐसा ही सफर रहा पूर्व आईएएस और यूपी के मुख्य सचिव रह चुके डीएस मिश्रा का। ये कहानी है उनकी मेहनत और उनके पिता के संघर्षों की। गाँव के पेड़ की छांव में पढ़ाई करके एक युवा ने कैसे आईएएस की नौकरी पाई।
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