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गाँव कनेक्शन को देश का सर्वोच्च पत्रकारिता सम्मान, तीसरी बार मिला रामनाथ गोयनका पुरस्कार

लखनऊ। भारत के ग्रामीण अखबार गाँव कनेक्शन को तीसरी बार देश का सर्वोच्च पत्रकारिता सम्मान दिया गया है। गाँव कनेक्शन की सीनियर रिपोर्टर दिति बाजपेयी को 'रक्तरंजित सीरीज' के लिए रामनाथ गोयनका एक्सिलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड 2018 से नवाजा गया है। इस सीरीज में बलात्कार पीड़िताओं के उन मामलों को कवर किया गया जो सुर्खियाँ और हैशटैग नहीं बन सके थे।

खेतों में, स्कूल के रास्ते में, शौच के लिए जाते वक़्त बलात्कार ग्रामीण महिलाओं की रोज़मर्रा की सच्चाई है, ऐसे मामलों पर ध्यान लाने के लिए गाँव कनेक्शन की सीनियर रिपोर्टर ने एक विशेष सीरीज वर्ष 2018 में की थी।

भारत की सबसे बड़े ग्रामीण मीडिया प्लेटफ़ॉर्म गाँव कनेक्शन को पहली बार वर्ष 2012 में 'अनकवरिंग इंडिया इनविज़िबल' श्रेणी में रामनाथ गोयनका सम्मान मिल चुका था। यह सम्मान गाँव कनेक्शन के संस्थापक नीलेश मिसरा और एसोसिएट एडिटर मनीष मिश्र ने जीता था।

दूसरी बार वर्ष 2013 में रामनाथ गोयनका पुरस्कार अनु सिंह चौधरी को 'स्पोर्ट्स जर्नलिज्म' श्रेणी में मिला था। यह पुरस्कार उन्हें ग्रामीण लड़कियां कैसे खेलों के जरिए खुद को सशक्त बना रही हैं, इस बारे में लिखी गयी कहानियों की सिरीज़ के लिए मिला था।

अवार्ड के साथ दिति बाजपेयी

रामनाथ गोयनका पुरस्कार वर्ष 2006 से उन पत्रकारों को दिया जाता है जो मुश्किल हालातों में रहकर उन मुद्दों को उठातें हैं जो कई बार सुर्खियाँ नहीं बन पाते। इस पुरस्कार में शामिल वो खबरें भी होती हैं जिन पर कई बार ध्यान नहीं जाता है जबकि वो जरूरी होती हैं।

प्रिंट, इलेक्ट्रानिक, व्यापार और अर्थशास्त्र, हर श्रेणी के लिए इस पुरस्कार में एक लाख की पुरस्कार राशि दी जाती है।

रामनाथ गोयनका एक्सिलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड में इस बार ज्यूरी में शामिल जिंदल स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन, ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर एवं डीन टॉम गोल्डस्टीन, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी, पत्रकार व इन्डियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च में वरिष्ठ फेलो पामेला फिलिपोस और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस बीएन कृष्ण शामिल थे।

गाँव कनेक्शन अब तक पांच बार 'लाडली राष्ट्रीय मीडिया पुरस्कार' प्राप्त कर चुका है।

पार्ट-1 जब तक आप ये खबर पढ़ कर खत्म करेंगे, भारत में एक और बच्ची का बलात्कार हो चुका होगा

पार्ट-2 रक्तरंजित : परिवार अक्सर खुद ही दबाते हैं बलात्कार के मामले

पार्ट-3 रक्तरंजित : 14 साल की बच्ची , जो बलात्कार के बाद अब 5 महीने के बच्चे की मां है

पार्ट-4 रक्तरंजित भाग-4 'मेरा बलात्कार कभी भी हो सकता है'

पार्ट-5 इंटरनेट की घटती कीमतों के कारण गाँव में बढ़ रहे बलात्कार: रक्तरंजित भाग 5

पार्ट-6 रक्तरंजित : परिवार अक्सर खुद ही दबाते हैं बलात्कार के मामले

रक्तरंजित पार्ट- 7: बलात्कार रोकने के लिए सिर्फ कड़े कानून काफी नहीं, जल्द कार्रवाई जरुरी

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