West Bengal Elections 2026: महिलाओं का वोट किसके साथ? ममता बनर्जी की वापसी या बड़ा उलटफेर! जानें क्या बोलीं बॉर्डर के पास रहने वाली महिलाएं
पश्चिम बंगाल चुनाव में जहां एक तरफ घुसपैठ, सुरक्षा और सांप्रदायिक मुद्दों पर सियासत गरमाई हुई है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और कहानी बयां कर रही है। भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे गांवों में लोगों की प्राथमिकता शांति, आपसी सौहार्द और सरकारी योजनाएं हैं। गांव कनेक्शन की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि सीमावर्ती इलाकों की महिलाओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा सुरक्षा से ज्यादा भरोसा और सुविधाएं हैं, जो उन्हें राज्य सरकार की योजनाओं से मिल रही हैं।
महिलाओं में ‘दीदी’ के प्रति भरोसा
सीमा से सटे गांव कलंगिनी में रहने वाली महिलाओं ने खुलकर बताया कि वे राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ही दोबारा देखना चाहती हैं। आरा बेगम नाक महिला का कहना है कि पहले उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलती थीं, लेकिन अब सड़क, राशन, साइकिल और नकद सहायता जैसी योजनाओं से उनकी जिंदगी में बदलाव आया है। लक्ष्मी भंडार, रूपश्री और कन्याश्री जैसी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत किया है।
शांति और आपसी सौहार्द सबसे बड़ा मुद्दा
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि वे किसी तरह का झगड़ा या तनाव नहीं चाहतीं, बल्कि गांव में शांति और हिंदू-मुस्लिम एकता बनी रहे, यही उनकी प्राथमिकता है। चुनाव में भले ही सांप्रदायिक मुद्दे उछाले जा रहे हों, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग विकास और आपसी मेलजोल को ज्यादा अहम मान रहे हैं। कई महिलाओं ने साफ कहा कि वे योजनाओं और अपने अनुभव के आधार पर ही वोट करेंगी।
सुरक्षा और भ्रष्टाचार के आरोपों पर अलग नजरिया
जहां विपक्ष बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठा रहा है, वहीं गांव की महिलाओं का नजरिया इससे अलग है। उनका कहना है कि वे खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं और उनके लिए “दीदी” हर स्थिति में साथ खड़ी रहती हैं। भ्रष्टाचार के सवाल पर भी उनका जवाब साफ था कि हर पार्टी में यह समस्या होती है, लेकिन उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है और उनकी जरूरतें पूरी हो रही हैं।