हरियाणा में खरीद केंद्रों पर रबी फसलों की रिकॉर्ड आवक, 39 लाख टन से ज़्यादा गेहूं खरीद गया, किसानों के खाते में ₹188 करोड़ ट्रांसफर

Gaon Connection | Apr 13, 2026, 17:48 IST
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हरियाणा की मंडियों में गेहूं और सरसों की बंपर आवक हुई है। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल रहा है। सरकार ने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नई तकनीकें लागू की हैं। करीब 2,500 कर्मी और 114 तकनीकी स्टाफ खरीद व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में जुटे हैं।
हरियाणा में ऑनलाइन सिस्टम और नई व्यवस्था से गेहूं खरीद की बढ़ी पारदर्शिता

हरियाणा में रबी फसलों की खरीद केंद्रों पर इस बार रिकॉर्ड स्तर पर गेहूं और सरसों की आवक दर्ज की गई है। राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सत्यापन प्रक्रिया को आसान बनाने के बाद पिछले दो हफ्तों में मंडियों में किसानों की भागीदारी बढ़ी है, जिससे खरीद प्रक्रिया में तेजी आई है।



रिकॉर्ड आवक और भुगतान में बढ़ोतरी

अधिकारियों ने सोमवार को बताया किरबी सीजन 2026-27 के लिए 12 अप्रैल तक राज्य की मंडियों में करीब 39.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 10.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है और लगभग 188 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इसके मुकाबले पिछले साल 12 अप्रैल तक 20.39 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी, जिसमें से 10.47 लाख मीट्रिक टन की खरीद की गई थी और किसानों को 174.39 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। सरसों की खरीद 28 मार्च से और गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू हुई है। केंद्र सरकार ने सरसों का MSP 6,200 रुपये और गेहूं का MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।



खरीद केंद्रों का विस्तार और एजेंसियों की भूमिका

सरकार ने सरसों की खरीद के लिए 112 मंडियां/खरीद केंद्र और गेहूं की खरीद के लिए 416 मंडियों के अलावा 264 अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए हैं। सरसों की खरीद हाफेड द्वारा की जा रही है, जबकि गेहूं की खरीद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हाफेड, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और भारतीय खाद्य निगम (FCI) सहित कई एजेंसियों के माध्यम से की जा रही है।



पारदर्शिता के लिए नई तकनीक लागू

खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, वाहन नंबर ट्रैकिंग, जियो-फेंसिंग और कैमरों की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत 1,281 बायोमेट्रिक मशीनें और 407 आइरिस स्कैनिंग डिवाइस लगाए गए हैं, जबकि 932 कैमरों से निगरानी की जा रही है। ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसान या उनके प्रतिनिधि बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद फसल बेच सकते हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "राज्य में खरीद व्यवस्था को मजबूत किया गया है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।”



खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए करीब 2,500 कर्मियों और 114 तकनीकी स्टाफ की तैनाती की गई है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है, ताकि किसानों को किसी तरह की दिक्कत न हो।

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