Manisha Kulshreshtha

Manisha Kulshreshtha

मनीषा कुलश्रेष्ठ हिंदी की लोकप्रिय कथाकार हैं। गांव कनेक्शन में उनका यह कॉलम अपनी जड़ों से दोबारा जुड़ने की उनकी कोशिश है। अपने इस कॉलम में वह गांवों की बातें, उत्सवधर्मिता, पर्यावरण, महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगी।


  • Sparrow In My Childhood Memories

    Do you remember the time your dadi, nani or amma, would be making rotis. And just to distract you when you tried to get their attention, they would give you a little bird fashioned out of dough? Twigs would make its feet. Black pepper-corns its eyes. I would even put my dough bird in the fire to...

  • जैसलमेर का सोनार किला जैसे रेत में गिरा कोई स्वर्ण मुकुट

    पश्चिमी राजस्थान का रेतीला विस्तार है थार। थार की एक स्वर्णिम कल्पना है जैसलमेर। जैसलमेर का समुद्र सा फैला यह रेतीला विस्तार ही इसे दूसरे पर्यटन स्थलों से अलग करता है। जैसलमेर एक संक्षिप्त सा शहर है, जिसे 1156 ईस्वी में राव जैसल ने बसाया था। यहां का मुख्य आकर्षण है सोनार किला जो कि शहर के हर कोण...

  • रसोई बदली, भोजन बदला, बिगड़ी जीवनशैली ने बनाया रोगी

    एक समय था भारत में शाकाहारी लोगों की संख्या अधिक थी। शराब का चलन हिन्दू‚ सिख और मुस्लिम सभी में निषिद्ध था। भोजन में हमेशा दाल‚ चावल‚ रोटी सब्जी‚ दही या छाछ और सलाद एक आम व्यक्ति को भी सहज सुलभ था। सब्जियां सस्ती थीं और मौसमी फलों के भाव आम जन की पहुंच में थे। और गांवों में तो खेत की पैदावार हो या...

  • वे पगडंडियां ही क्या, जहां से होकर कठपुतली वाला न गुजरा हो

    गांव की वे पगडंडियां ही क्या, जहां से कठपुतली वाला न गुज़रा हो। जिन पर से कठपुतली का खेल देखने बच्चे न दौड़े हों। बच्चे ही क्यों, घर का काम निपटा गृहणियां, खेत–ज्वार से निकल कर आदमी न चले हों देखने कठपुतलियों का नाच। गांव के बड़े–बूढ़े भी पोपली हंसी हंसते हैं, जब सारे कठपुतली राजा एक दूसरे पर धमाधम...

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