Moinuddin Chishty

Moinuddin Chishty

मोईनुद्दीन चिश्ती, कृषि और पर्यावरण पत्रकार हैं। ये उनके निजी विचार हैं।


  • अनूठे पर्यावरण प्रेम के लिए पूरी दुनिया में लोकप्रिय है यह शख्स

    ये अनोखी कहानी राजस्थान की राजधानी जयपुर में रहने वाले नवल डागा की है, जो 13 जुलाई, 1977 से पेड़, पानी और वन्य जीवों के सरंक्षण की दिशा में कार्य कर रहे हैं। वे ऐसे व्यक्ति हैं जो अपने इस कार्य को सुचारू रूप से अंजाम देने के लिए समय की एक एक बूंद को व्यर्थ बहने से रोकते हैं। वे अपने अनूठे...

  • जोधपुर की महिलाओं का अद्वितीय 'रतजगा' है ‛धींगा गवर'

    जोधपुर। सामाजिक स्वास्थ्य की दृष्टि से भारतीय पर्वों में संस्कृति और संस्कारों को अक्षुण बनाए रखने के लिए उन्हें अनुष्ठानों की तरह परम्पराओं के रूप में मातृशक्ति को सौंप दिया जाता है, ताकि वह सरलता से भावी पीढ़ी को हस्तान्तरित हो सकें। गतियात्मक निरन्तरता के लिये परिवर्तनों को स्वीकार करने की लोच...

  • 'बेर किंग' से सीखिए, कैसे बेर की खेती को बना सकते हैं कमाई का जरिया

    जोधपुर। जिले के पाल और गंगाणा गांवों में बेर की खेती करने वाले हाईफाई किसान इंतखाब आलम अंसारी से यह बात सीखी जा सकती है कि अपनी उच्च शिक्षा का फ़ायदा खेती-किसानी में कैसे लें। पढ़े लिखे अंसारी ने विरासत में मिली खेती में सफ़लता के नए मुहावरे जोड़ दिए और बेर की खेती में एक अलग मक़ाम हासिल किया और आज...

  • ज़हरीले सांपों से खिलौने की तरह खेलते हैं टेलर तौहीद अहमद खां

    जोधपुर। कहा जाता है कि, 'जिसको काटे सांप पदम, नहीं चले वो दो कदम।' पदम सांप 'किंग कोबरा' को कहा जाता है। 'सूर्यनगर जोधपुर में मैंने अजीबो-गरीब तरह के सांप देखे हैं। इनमें से तो कईयों के नाम भी मुझे पता नहीं? शायद कोई और भी न जानता हो। साधारण या जहरीले सांपों का यहां के घरों में घूमते दिखता रोजमर्रा...

  • पच्चीस किलो की गोभी उगाने वाले किसान को मिला पद्मश्री सम्मान

    सीकर। पद्म पुरस्कारों की घोषणा के साथ ही राजस्थान के अन्नदाता किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। राजस्थान के दो प्रगतिशील किसानों को उनकी उल्लेखनीय कृषि सेवाओं के लिए पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किए जाने की ख़बर से चारों ओर खेती और किसानों के प्रति एक सकारात्मक माहौल देखने को मिला। अजीतगढ़,...

  • इस किसान ने साउथ अफ्रीका में 3000 बीघा जमीन में की औषधीय खेती, सनाय ने बदली किस्मत

    जोधपुर। कभी गेहूं जैसी फसलों की परंपरागत खेती करने वाले नारायणदास आज सोनामुखी (Sonamukhi) (सनाय) की खेती कर न केवल खुद मुनाफा कमा रहे हैं, बल्कि दूसरे किसानों को भी औषधीय फसलों की खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वर्ष 1952 में उन्होंने पहली बार लूणी इलाके में गेहूं की परंपरागत खेती की बजाय रायड़ा...

  • हर्बल खेती से कमाए लाखों रुपए, सीखिए इस किसान से

    गोरखपुर के रहने वाले अविनाश कुमार के जीवन की कहानी थोड़ी अलग है। पिताजी के सरकारी नौकरी में होने के कारण घर का माहौल शैक्षिक रहा। दो भाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनें। पत्रकारिता में एमए किया और उत्तर प्रदेश पुलिस में 6 साल तक सिपाही की नौकरी की, लेकिन मन नहीं रमा। सोचा खेती-किसानी की जाए। लेकिन पारंपरिक...

  • पक्षियों पर संकट मतलब इंसानी अस्तित्व पर खतरा

    जोधपुर। पक्षी सम्पूर्ण विश्व को प्रेम और ‛वसुधैव कुटुम्बकम' का सन्देश देने का काम करते हैं। सुदूर देशों से सफर करते हुए यह पक्षी राजस्थान की धरा को कलरव से भर देते हैं। हजारों की संख्या में यह राज्य के अलग-अलग हिस्सों में डेरा डालते हैं। इन मेहमानों का स्वागत मानों हमारी भारतीय संस्कृति में रचा-बसा...

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