‘एक ज़िला, एक व्यंजन’ योजना से अब यूपी के स्वाद को मिलेगी वैश्विक पहचान
उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही ‘एक ज़िला, एक व्यंजन’ योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत हर ज़िले के पारंपरिक और मशहूर खाने को पहचान दी जाएगी।
अब आप देश में रहे या परदेश में, अगर अपने ज़िले के किसी ख़ास व्यंजन की याद सताए तो आसानी से ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे, उत्तर प्रदेश सरकार अब राज्य के पारंपरिक और मशहूर व्यंजनों को देश और दुनिया तक पहुँचाने की तैयारी में है।
एक ज़िला, एक उत्पाद (ODOP) योजना की सफलता के बाद सरकार अब ‘एक ज़िला, एक व्यंजन’ (ODOC) योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना का मक़सद हर ज़िले के खास और पारंपरिक खाने को पहचान दिलाना और उत्तर प्रदेश को फूड टूरिज़्म व खाद्य कारोबार का बड़ा केंद्र बनाना है।
इस योजना के तहत हर ज़िले के कम से कम एक प्रमुख व्यंजन को चुना गया है। इन सभी व्यंजनों की एक सूची तैयार कर ली गई है, जिसमें पूरे प्रदेश से करीब 150 पारंपरिक व्यंजन शामिल किए गए हैं।
जल्द होगी शुरूआत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस महीने यूपी दिवस के अवसर पर ‘एक ज़िला, एक व्यंजन’ योजना का शुभारंभ कर सकते हैं। इससे पहले भी मुख्यमंत्री ने 24 जनवरी 2018 को उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर ODOP योजना की शुरुआत की थी, जिसे देशभर में सराहना मिली।
ODOP की तरह ही यह नई योजना भी स्थानीय स्तर पर रोज़गार बढ़ाने और पारंपरिक हुनर को बचाने में अहम भूमिका निभाएगी।
150 व्यंजनों की सूची तैयार
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग ने योजना के लिए पूरी तैयारी कर ली है। विभाग की ओर से सभी ज़िलों से पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजनों की जानकारी जुटाई गई है। इसके बाद लगभग 150 व्यंजनों की सूची तैयार की गई है, जिनमें हर ज़िले का प्रतिनिधित्व किया गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि इन व्यंजनों को सिर्फ़ स्थानीय बाज़ार तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई जाए।
निर्यात के लिए होगा प्रमाणीकरण
सरकार इस बात पर भी ध्यान दे रही है कि चुने गए व्यंजन गुणवत्ता और सुरक्षा के सभी मानकों पर खरे उतरें। इसके लिए इन उत्पादों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से प्रमाणित कराया जाएगा। इससे इन व्यंजनों को विदेशों में बेचने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
इसके साथ ही सरकार जियोग्राफ़िकल इंडिकेशन (GI) टैग दिलाने में भी मदद करेगी, ताकि किसी ज़िले के खास व्यंजन की पहचान सुरक्षित रह सके।
यूपी के इन मशहूर व्यंजनों पर रहेगा फोकस
‘एक ज़िला, एक व्यंजन’ योजना के तहत यूपी के हर कोने के मशहूर स्वाद को शामिल किया गया है।
लखनऊ की अवधी बिरयानी और टुंडे कबाब, मलिहाबाद का आम, आगरा का पेठा, मथुरा की माखन मिश्री, वाराणसी का चाट, अयोध्या की बालूशाही, जौनपुर की इमरती, मिर्ज़ापुर की कचौड़ी, बलिया का लिट्टी-चोखा, कानपुर का लड्डू, मुरादाबाद के मूंग दाल के पकौड़े, सहारनपुर की शाही शक्कर पारा
कारोबार और रोज़गार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का दावा है कि इस योजना से हज़ारों लोगों को रोज़गार मिलेगा। छोटे दुकानदार, हलवाई, ढाबा संचालक, होटल और फ़ूड प्रोसेसिंग से जुड़े लोग सीधे तौर पर इससे जुड़ सकेंगे।
कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए सरकार व्यापारियों को पैकेजिंग की ट्रेनिंग दिलाएगी। इसके लिए भारतीय पैकेजिंग संस्थान की मदद ली जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले फूड मेले और प्रदर्शनियों में भी इन उत्पादों को जगह दिलाने की योजना है।
सब्सिडी और ऋण की सुविधा
व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सरकार आर्थिक मदद भी देगी। योजना से जुड़े कारोबारियों को बैंक ऋण पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा सकती है। इससे छोटे उद्यमियों को अपना कारोबार बढ़ाने में आसानी होगी।
ODOP की तरह बड़ी उम्मीदें
‘एक ज़िला, एक व्यंजन’ योजना, ODOP की ही तरह सफल हो सकती है। निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023–24 में उत्तर प्रदेश से लगभग 1.70 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था, जिसमें बड़ी हिस्सेदारी ODOP उत्पादों की रही। सरकार को उम्मीद है कि अगर यह योजना सही तरीके से लागू की गई, तो उत्तर प्रदेश देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी अपने खास स्वाद के लिए जाना जाएगा।