PM Fasal Bima Yojana: 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ का फसल बीमा मुआवजा, दुर्घटना पीड़ितों को 175 करोड़ की सहायता मिली
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए आज का दिन बेहद अहम और राहत भरा रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यानी 21 फरवरी को प्रदेश के लाखों किसानों को बड़ा तोहफा दिया। सुबह करीब 10 बजे लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास से मुख्यमंत्री ने किसानों को सीधी आर्थिक सहायता जारी की।
इस कार्यक्रम के जरिए फसल खराब होने से परेशान किसानों और दुर्घटना का शिकार हुए किसान परिवारों को बड़ी राहत दी गई। साथ ही, कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाओं की नींव भी रखी गई, जिससे आने वाले समय में किसानों को और सुविधाएं मिल सकेंगी।
2.51 लाख किसानों को मिला फसल नुकसान का मुआवजा
इस कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (रबी 2025) के अंतर्गत प्रदेश के 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की। यह राशि उन किसानों को दी गई, जिनकी फसल बारिश, सूखा या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब हो गई थी। कई किसान लंबे समय से इस मुआवजे का इंतजार कर रहे थे। आज राशि मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है और आने वाली फसल की तैयारी में भी मदद मिलेगी।
दुर्घटना प्रभावित किसान परिवारों को 175 करोड़ की सहायता
फसल बीमा के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत भी सहायता राशि वितरित की। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 3,500 किसान परिवारों को कुल 175 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी गई।
यह राशि उन परिवारों को दी गई, जिन्होंने खेती से जुड़े कार्यों के दौरान अपने परिजन को खो दिया था। इसके अलावा, आपदा के समय राहत कार्यों में लगे ‘आपदा मित्रों’ को भी जीवन बीमा का लाभ प्रदान किया गया।
सरकार की ओर से सभी लाभार्थियों को यह राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई, ताकि किसी तरह की परेशानी या देरी न हो।
चार जिलों को मिली नई कृषि सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से कई विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया।
बागपत, शामली, कासगंज और भदोही—इन चार जिलों में उप कृषि निदेशक कार्यालय और नई मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की नींव रखी गई। इससे किसानों को मिट्टी की जांच और कृषि सलाह जैसी सुविधाएं अपने जिले में ही मिल सकेंगी।
इसके अलावा, झांसी के मऊरानीपुर में 50 बेड वाले नए छात्रावास भवन का शिलान्यास किया गया। वहीं, लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो यूनिट की शुरुआत की जाएगी, जिससे किसानों तक खेती से जुड़ी जानकारी, योजनाएं और नई तकनीक तेजी से पहुंच सके।