April 2026 Mausam Update: उत्तर भारत में बारिश, मध्य भारत में आंधी-तूफान का अलर्ट
देश भर में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर पश्चिम भारत में अगले हफ्ते बारिश की संभावना है, खासकर 3 और 4 अप्रैल को। वहीं, मध्य भारत में 6 अप्रैल तक तेज आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की चेतावनी है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग की तरफ से अप्रैल महीने के शुरूआती दिनों में मौसम कैसा रहने वाला है उसकी जानकारी साझा की है। पढ़िए देशभर में कैसा रहने वाला है अप्रैल के पहले सप्ताह का मौसम।
उत्तर पश्चिम भारत में बारिश का दौर जारी
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसा मौसमी सिस्टम है जो भूमध्य सागर से उत्पन्न होता है और अपने साथ नमी लाता है। जब यह भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से गुज़रता है, तो यह बारिश और बर्फबारी का कारण बनता है। इस बार का पश्चिमी विक्षोभ काफी सक्रिय है, जिसके चलते कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है।
31 मार्च को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी के साथ 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। यह हवाएं लोगों के लिए थोड़ी परेशानी खड़ी कर सकती हैं। इसके साथ ही, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में भी 31 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान आ सकता है। पूर्वी राजस्थान में भी 31 मार्च और 1 अप्रैल को ऐसा ही मौसम देखने को मिलेगा।
अप्रैल की शुरुआत में भी बारिश का सिलसिला थमेगा नहीं। 3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में, 3 से 6 अप्रैल तक उत्तराखंड में और 3 और 4 अप्रैल को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी के साथ तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 2 से 4 अप्रैल और 6 अप्रैल को भी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी राजस्थान में 3, 4 और 6 अप्रैल को भी मौसम बदला-बदला रहेगा और बारिश की फुहारें पड़ सकती हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी कदम उठाएं।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में खराब मौसम का अलर्ट
अगले कुछ दिनों तक पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में मौसम खराब रहने की संभावना है। 31 मार्च से 4 अप्रैल के बीच अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान और तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, 31 मार्च और 1 अप्रैल को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी ऐसा ही मौसम रहेगा। कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है।
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड और ओडिशा में बारिश, तेज हवा और आंधी-तूफान की संभावना है। 31 मार्च को ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में हवाएं 50–60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है, खासकर ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में। वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है। कुल मिलाकर, इन राज्यों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि तेज हवा, बारिश और ओले जनजीवन और खेती पर असर डाल सकते हैं।
मध्य और पश्चिम भारत में भी अलर्ट
मध्य भारत में अगले 5 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। 31 मार्च से 2 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ में और 1 और 2 अप्रैल को विदर्भ में तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि हो सकती है। पश्चिम भारत में, 31 मार्च और 2-3 अप्रैल को गुजरात क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है।
31 मार्च से 3 अप्रैल तक तटीय महाराष्ट्र में बिजली कड़कने की चेतावनी है। 31 मार्च से 4 अप्रैल तक मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में तेज आंधी-तूफान आ सकता है, और 31 मार्च से 2 अप्रैल तक इन इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी बारिश की संभावना
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी कुछ जगहों पर बारिश की उम्मीद है। 31 मार्च और 4 अप्रैल को रायलसीमा में, 31 मार्च से 4 अप्रैल तक आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में, 3 और 4 अप्रैल को केरल और माहे में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान और तेज हवाएं चल सकती हैं।