3 April Weather Update: इन राज्यों में भारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, तापमान में होगी गिरावट
Aaj Ka Weather Update: 3 अप्रैल को उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। भारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है, खासकर हिंदी भाषी राज्यों में इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा। किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिससे तापमान में भी गिरावट आएगी।
तूफानी हवाओं का अलर्ट
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भयंकर तूफान आने की आशंका है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली के साथ-साथ पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकते हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के इलाकों में भी 3 अप्रैल को इसी रफ्तार से आंधी और तूफान आने का कड़ा अलर्ट जारी किया गया है।
ओलों की आफत बरसेगी
तूफानी हवाओं के साथ-साथ आसमान से ओलों की आफत भी बरसने वाली है। 3 अप्रैल को राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (ओले गिरने) की प्रबल संभावना है। पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी ओले गिर सकते हैं।
बारिश से मिलेगी राहत, पर सावधानी जरूरी
बारिश की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं, पहाड़ी क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस बारिश और तेज हवाओं के बीच एक राहत की बात यह है कि बढ़ते तापमान पर ब्रेक लगेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, 3 अप्रैल को अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। वहीं, मध्य भारत (जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों) में भी अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिरेगा। इससे चिलचिलाती धूप और गर्मी की मार झेल रहे लोगों को फौरी तौर पर राहत महसूस होगी।
किसानों के लिए खास सलाह
यह समय खेतों में रबी की फसल की कटाई का होता है, इसलिए IMD ने किसानों के लिए खास सलाह जारी की है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खड़ी और कटी हुई फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि जो फसलें, सब्जियां और फल पूरी तरह से पक कर तैयार हो गए हैं, उन्हें तुरंत काटकर या तोड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर रख लें। मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्यों के किसानों को फलों के बगीचों और सब्जियों को ओलों की मार से बचाने के लिए खेतों में जाली (हेल नेट) लगाने को कहा गया है ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
ग्रामीणों के लिए सुरक्षा निर्देश
इसके साथ ही, तेज तूफान और बारिश के दौरान ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अपने मवेशियों और पालतू जानवरों को खुले में न छोड़ें। उन्हें सुरक्षित शेड के अंदर बांधें और वहीं उनके चारे-पानी का प्रबंध करें। सुरक्षित इमारतों में रहें और तूफान के वक्त पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें।