Aquaex Lucknow 2026: उत्तर प्रदेश में पहली बार 'मीन महोत्सव', मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की पहल,जानिए तारीख और जगह
Aquaex Lucknow: उत्तर प्रदेश में पहली बार, मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक साथ लाने के लिए, राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय 'मीन महोत्सव' (एक्वा एक्सपो) का आयोजन शुक्रवार से शुरू हो रहा है। यह आयोजन प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हो रहा है। इस महोत्सव में देशभर के वैज्ञानिक, मत्स्य विशेषज्ञ, उद्यमी और करीब एक हजार मत्स्य पालक हिस्सा लेंगे। लगभग 50 कंपनियाँ अपनी प्रदर्शनी लगाकर आधुनिक तकनीक और उपकरणों का प्रदर्शन करेंगी।
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में मत्स्य पालन को नई दिशा देना है। आयोजनम में विशेषज्ञ और उद्यमी सीधे मत्स्य पालकों से संवाद करेंगे। 27 से 28 फरवरी को लखनऊ के इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में इस महोत्सव का आयोजन होगा। इससे उन्हें अपनी समस्याओं का समाधान मिलेगा और नए व्यावसायिक अवसरों की जानकारी भी मिलेगी।
यह आयोजन सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच बनने जा रहा है जहाँ मत्स्य किसान, वैज्ञानिक, स्टार्टअप, इनपुट सप्लायर्स, निजी कंपनियाँ, राज्य मत्स्य विभाग और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) जैसे संस्थान एक साथ आएँगे। इसका उद्देश्य मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को नई तकनीकों, बेहतर प्रबंधन तरीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है, ताकि उनकी उत्पादन क्षमता और आमदनी दोनों बढ़ सके।
मीन महोत्सव में होगा नई तकनीकों का आयोजन
- आधुनिक मछली पालन तकनीक
- मछली पालन में रोग नियंत्रण और उपचार
- मछली पालन बिजनेस में वैल्यू एडिशन
मार्केटिंग और ब्रांडिंग के नए तरीके
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में मत्स्य पालन तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बनकर सामने आया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के चलते तालाब निर्माण, मछली बीज उत्पादन, फीड प्रबंधन और मूल्य संवर्धन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है। कई किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन को भी अपनाने लगे हैं, जिससे उनकी आय के नए स्रोत बन रहे हैं। ऐसे समय में Aqua Expo जैसा आयोजन किसानों को सीधे नई जानकारी और बाजार से जोड़ने का काम करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मत्स्य पालन को सही तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ा जाए, तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने का मजबूत साधन बन सकता है। खासकर उन इलाकों में जहाँ सिंचाई की सुविधा सीमित है या जमीन कम है, वहाँ मत्स्य पालन किसानों के लिए स्थायी आमदनी का विकल्प बन सकता है। Aquaex Lucknow 2026 जैसे आयोजन इसी दिशा में एक बड़ा कदम हैं। यह न सिर्फ किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराएगा, बल्कि उन्हें एक ऐसा मंच भी देगा जहाँ वे अपने सवालों के जवाब पा सकें, नए संपर्क बना सकें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की दिशा तय कर सकें।
निर्यात की संभावनाएँ
एलसीडी प्रोजेक्टर से मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीकों पर पावर प्वाइंट प्रस्तुतियां होंगी, जबकि वेबकास्टिंग और यूट्यूब चैनल के माध्यम से उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मत्स्य पालकों और उद्यमियों के लिए कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। एक्सपो में फिश फूड कोर्ट के जरिए विभिन्न प्रकार के मत्स्य व्यंजनों का स्वाद भी मिलेगा और प्रोटीन जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से पोषण के महत्व पर जानकारी दी जाएगी।
आयोजन में शामिल होने वाले विशेषज्ञों से मछली पालक सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं के समाधान और नए व्यवसायिक अवसरों की जानकारी ले सकेंगें। यह महोत्सव मत्स्य पालकों, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत को एक मंच पर लाकर न केवल तकनीकी जानकारी साझा करेगा, बल्कि रोजगार, निवेश और निर्यात के नए रास्ते भी खोलेगा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश में मत्स्य उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
जो किसान मत्स्य पालन से जुड़े हैं या इस क्षेत्र में शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक्सपो सीखने और आगे बढ़ने का एक सुनहरा अवसर हो सकता है। लखनऊ आकर इस आयोजन का हिस्सा बनना, आधुनिक मत्स्य पालन की नई दिशा समझने और अपनी आय बढ़ाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।