बाढ़ राहत कार्यों के लिए तैयार हैं भारतीय सेना
मथुरा (भाषा)। परंपरागत युद्ध कौशल और युद्धाभ्यास के लिए हर वक्त तैयार रहने वाली भारतीय सेना की स्ट्राइक-1 कोर आने वाले दिनों में बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए बचाव और राहत कार्यों की तैयारी में जुटी हुई है। सोमवार को यहां प्रदर्शन में सेना के जवानों ने दिखाया कि वे आवश्यकता पड़ने पर नागरिक प्रशासन को सहायता देने की अपनी जिम्मेदारी कितनी तत्परता से निभा सकते हैं।
उन्होंने तीन चरणों में इस प्रदर्शन को पूरा किया। बाढ़ के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों के लिए मथुरा, आगरा, एटा, मैनपुरी, फिरोजाबाद और रामपुर सहित छह जनपदों के नागरिक प्रशासन को मदद देने का दायित्व रखने वाली स्ट्राइक-1 कोर की 101 इंजीनियरिंग रेजीमेण्ट की कई टुकड़ियों ने करीब आधे घण्टे के प्रदर्शन में दिखाया कि वे न सिर्फ सीमाओं की रक्षा बेहतर तरीके से करती हैं, बल्कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बीच भी देशवासियों की जान बचाने में उतनी ही तत्परता से काम कर सकती हैं।
इस मौके पर उनका हौसला बढ़ाने के लिए स्ट्राइक-1 कोर के कमाण्डर जनरल शौकीन चौहान, मेजर जनरल वीरेंद्र नांगिया, मथुरा छावनी के स्टेशन कमाण्डर ब्रिगेडियर एसबीके सिंह तथा अन्य कई उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे। सैन्य क्षेत्र में स्थित गोल्फ कोर्स से सटे यमुना के किनारे प्रदर्शन के समय सबसे पहले एक टापू पर फंसे कुछ लोगों को बचाव दल के दस्ते ने नाव के सहारे पहुंचकर बचाया और नदी के किनारे बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र तक पहुंचाया। इसमें ध्यान रखा गया कि पहले बच्चों, बूढों और महिलाओं आदि अशक्तजनों को प्राथमिकता दी जाए और उसके बाद अन्य लोगों को।
इसके बाद एक अन्य नाव ने दो डूबते हुए व्यक्तियों को बचाकर उन्हें चिकित्सा शिविर तक पहुंचाया तो तेज धार में फंसे हुए आदमी को बचाने के लिए चीता हेलीकॉप्टर की मदद ली गई। एक अन्य हेलीकॉप्टर ने ऊंचे स्थान पर फंसे लोगों को राहत पहुंचाने का काम पूरा कर दिखाया। इस बीच, नावों के द्वारा भी राहत किस प्रकार पहुंचाई जा सकती है, इसका भी प्रदर्शन किया गया। कोर के प्रवक्ता कर्नल शरद शुक्ला ने बताया कि इस वर्ष देश में सामान्य से अधिक वर्षा होने की भविष्यवाणी के चलते विशेष ध्यान रखते हुए सेना ने अपनी ओर से हर स्थिति-परिस्थिति से निपटने की तैयारी पूरी कर रखी है और निरंतर समय-समय पर अभ्यास कार्य भी जारी है।