BIHAR: गाँव में बैठे-बैठे शुरू करें अपना डेयरी बिजनेस सरकार दे रही है फ्री ट्रेनिंग और 8 लाख तक की सब्सिडी

Gaon Connection | Feb 20, 2026, 14:35 IST
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बिहार सरकार की "समग्र गव्य विकास योजना 2025-26" के तहत किसान, बेरोजगार युवा और महिलाएं डेयरी फार्म खोलने के लिए 75% तक सब्सिडी और 8 लाख रुपये से ज्यादा की आर्थिक मदद पा सकते हैं। साथ में मिलेगी बिल्कुल मुफ्त ट्रेनिंग। ऑनलाइन आवेदन dairy.bihar.gov.in पर किया जा सकता है। जानिए पूरी प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी दस्तावेज।

अगर आप बिहार के किसी गाँव में रहते हैं और रोजगार की तलाश कर रहे हैं, तो सरकार ने आपके लिए एक बड़ा मौका खोला है। गाय पालन यानी डेयरी फार्मिंग अब सिर्फ पशुपालकों का काम नहीं रहा यह एक मजबूत और टिकाऊ बिजनेस बन चुका है। बिहार सरकार का पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग "समग्र गव्य विकास योजना" के जरिए राज्य के युवाओं और किसानों को इस बिजनेस में उतरने के लिए पूरी मदद दे रहा है फ्री ट्रेनिंग से लेकर लाखों रुपये की सब्सिडी तक। बिहार में दूध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण बेरोजगारी घटाना ये दो बड़े लक्ष्य हैं जिन्हें ध्यान में रखकर यह योजना 2023 में शुरू की गई थी। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के तहत आवेदन शुरू हो चुके हैं और उम्मीद है कि 31 दिसंबर 2025 तक यह प्रक्रिया चलती रहेगी।



योजना है क्या?

समग्र गव्य विकास योजना एक सरकारी योजना है जिसके तहत अगर कोई व्यक्ति गाय या भैंस पालकर डेयरी शुरू करना चाहता है, तो सरकार उसे तीन तरह से मदद देती है:



1. मुफ्त ट्रेनिंग: जिन्हें डेयरी चलाने का कोई अनुभव नहीं है, उन्हें पशुपालन विभाग की तरफ से बिल्कुल फ्री ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें गाय की देखभाल, सही चारा, दूध उत्पादन बढ़ाने के तरीके और डेयरी मैनेजमेंट सिखाया जाता है। ट्रेनिंग बिहार के अंदर और जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों में भी करवाई जाती है।



2. सब्सिडी (अनुदान): डेयरी खोलने पर सरकार सीधे आपके बैंक खाते में अनुदान राशि भेजती है। यह राशि आपकी जाति और पशुओं की संख्या के आधार पर तय होती है।



3. कम ब्याज पर लोन: जिनके पास शुरुआती पूंजी नहीं है, उन्हें बैंक से कम ब्याज दर पर लोन दिलाने में भी सरकार मदद करती है।



कितनी मिलेगी सब्सिडी?

यह योजना सभी वर्गों के लिए उपलब्ध है, हालांकि सब्सिडी की दर अलग-अलग निर्धारित की गई है। यदि कोई लाभार्थी 2 से 4 दुधारू पशुओं (गाय या भैंस) के साथ छोटी डेयरी स्थापित करना चाहता है, तो सामान्य वर्ग को लगभग 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जबकि अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को 75 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलता है। वहीं 15 से 20 दुधारू पशुओं की बड़ी डेयरी इकाई स्थापित करने पर सभी वर्गों को 40 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी को अधिकतम 8 लाख रुपये से अधिक का अनुदान मिल सकता है, और यह राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।



कौन कर सकता है आवेदन?



इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। सबसे पहले, आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना आवश्यक है और उसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। आवेदक पहले से गाय पालन का कार्य कर रहा हो या फिर डेयरी व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखता हो। इसके अलावा, उसके पास कम से कम दो दुधारू पशु होने चाहिए या उन्हें खरीदने की स्पष्ट योजना होनी चाहिए। इस योजना के लिए ग्रामीण क्षेत्र के छोटे किसान, बेरोजगार युवा और महिलाएं सभी आवेदन कर सकते हैं, ताकि गांव स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ाए जा सकें।




आवेदन के लिए कौन-कौन से कागज चाहिए?

आवेदन करते समय इन दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी:



  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक की कॉपी
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • जमीन से जुड़े कागज (जैसे LPC, नक्शा, लगान रसीद या लीज पेपर)
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए)
  • पशुपालन ट्रेनिंग का प्रमाण पत्र (अगर हो तो फायदेमंद रहेगा)


कैसे करें ऑनलाइन आवेदन? स्टेप बाय स्टेप पूरा तरीका

आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यान से फॉलो करें:



स्टेप 1: अपने मोबाइल या कंप्यूटर में dairy.bihar.gov.in वेबसाइट खोलें।



स्टेप 2: होम पेज पर "समग्र गव्य विकास योजना" का विकल्प दिखेगा। उस पर क्लिक करें।



स्टेप 3: अगर आप पहली बार आ रहे हैं तो New Register बटन पर क्लिक करें और अपना नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ग्राम पंचायत की जानकारी भरें।



स्टेप 4: रजिस्ट्रेशन के बाद आपके मोबाइल पर OTP आएगा, उसे डालकर वेरिफाई करें। आपको एक यूजर ID और पासवर्ड मिलेगा।



स्टेप 5: मिले हुए ID और पासवर्ड से लॉगिन करें।



स्टेप 6: अब आवेदन फॉर्म खुलेगा। इसमें अपना नाम, जन्मतिथि, सामाजिक वर्ग, बैंक खाते की जानकारी और पालने वाले पशुओं की संख्या ध्यान से भरें।



स्टेप 7: सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।



स्टेप 8: एक बार पूरा फॉर्म जांच लें, फिर सबमिट बटन दबाएं।



स्टेप 9: फॉर्म जमा होने के बाद उसकी प्रिंट कॉपी निकाल कर रख लें।



आवेदन के बाद पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अधिकारी आपके पशु शेड और दस्तावेजों की जांच करेंगे। सब कुछ सही पाए जाने पर सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में आ जाएगी। गाय पालन सिर्फ दूध तक सीमित नहीं है। गाय के गोबर से बायोगैस और जैविक खाद बनाकर भी अच्छी कमाई होती है। बिहार सरकार "गोबर गैस योजना" के तहत इस काम में भी अनुदान देती है। यानी एक बार डेयरी शुरू करने के बाद कई रास्तों से आमदनी आ सकती है।

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