Bihar में दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना, किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य
बिहार में सहकारी क्षेत्र के तहत दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना शुरू की गई है। इस योजना में अब तक 36 प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (PACS) को मंजूरी मिल चुकी है। यह योजना भारत सरकार की अलग-अलग योजनाओं को जोड़कर लागू की जा रही है, ताकि किसानों को ज्यादा फायदा मिल सके। इस बारे में जानकारी अमित शाह ने राज्यसभा में दी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनके गाँव या खेत के पास ही अनाज रखने की सुविधा देना है। अभी कई बार किसानों को अनाज दूर ले जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। नए गोदाम बनने से फसल खराब होने का नुकसान कम होगा और किसान सही समय पर अच्छा दाम मिलने पर अपनी फसल बेच सकेंगे।
क्या है पूरी योजना का उद्देश्य?
बिहार सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, 36 प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (PACS) को विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना में शामिल किया गया है। इन समितियों को संबंधित जिला सहकारी विकास समिति (DCDC) ने मंजूरी दी है। पटना जिले में भी ऐसे पैक्स की पहचान की जा रही है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य किसानों को उनके खेतों के करीब वैज्ञानिक भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। साथ ही, यह योजना परिवहन दूरी और लागत को भी घटाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।
वित्तीय सहायता और सब्सिडी
इस योजना में सरकार की कई स्कीम्स को जोड़ा गया है, जैसे कृषि अवसंरचना निधि (AIF), कृषि विपणन अवसंरचना (AMI), SMAM और PMFME।
कुल लागत करीब 104.3 करोड़ रुपये है।
AMI योजना के तहत गोदाम बनाने पर 33% तक सब्सिडी मिलती है।
इसके अलावा सड़कों, तौल मशीन और चारदीवारी के लिए भी मदद दी जाती है।
AIF के तहत लोन पर ब्याज में छूट भी मिलती है।
ब्याज दर में भारी कमी
बिहार राज्य सहकारी बैंक और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों ने अब तक 71.63 करोड़ रुपये का लोन दे दिया है। इस पैसे से 7,286 गोदाम बन चुके हैं, जिनमें 17.47 लाख मीट्रिक टन अनाज रखा जा सकता है। सरकार 2025-26 तक 278 और गोदाम बनाने की तैयारी में है, जिसके लिए 180.20 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
यह योजना किसानों को अपना अनाज सुरक्षित रखने में मदद करेगी। पहले पैक्स स्तर पर अनाज रखने की जगह कम थी, लेकिन अब गोदाम बनने से यह समस्या दूर हो रही है। इन गोदामों से किसानों को सही दाम मिलने की उम्मीद है, क्योंकि वे अपना अनाज तब बेच पाएंगे जब उन्हें अच्छा भाव मिलेगा।
किसानों को क्या फायदा होगा?
इस योजना से किसानों को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उन्हें अपना अनाज तुरंत बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी। वे गोदाम में अनाज सुरक्षित रखकर अच्छे दाम का इंतजार कर सकते हैं।
साथ ही फसल खराब होने का नुकसान कम होगा, बिचौलियों पर निर्भरता घटेगी, परिवहन खर्च कम होगा।
गाँव स्तर पर भंडारण बढ़ने से पूरे राज्य में अनाज की उपलब्धता बेहतर होगी। इससे सप्लाई सिस्टम मजबूत होगा और देश की खाद्य सुरक्षा को भी फायदा मिलेगा।