Career Growth: ब्रेक के बाद करियर में करनी है वापसी! जानिए क्या हो सही तैयारी

Gaon Connection | Feb 21, 2026, 17:15 IST
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भारत में करीब 70 से 80 फिसदी महिलाएँ मजबूरी में नौकरी छोड़ देती हैं। जिन महिलाओं को करियर से ब्रेक लेना पड़ता है उनमें से ज्यादातर की वापसी नहीं हो पाती। किसी भी महिला के लिए ब्रेक लेना मजबूरी हो सकती है लेकिन ब्रेक के बाद पहले से ज्यादा मजबूती से करियर में वापसी करना आपका हक़ है। करियर में वापसी के लिए कुछ तैयारियाँ ज़रूरी हैं जिन्हें आप अपने ब्रेक के दौरान ही कोशिश करनी होगी।कैसे सही तैयारी से करियर में वापसी की रहा आसान बना सकती हैं, जानिए इस आर्टिकल में।

<p>ब्रेक के बाद करियर में वापसी</p>

Career Comeback After Break: इन दिनों 30 से 40 साल की महिलाओं को अपना आस-पास के वर्कप्लेसेस में काम करते हुए आसानी से देख पाते हैं। जो अच्छे पदों पर भी बेहतर तरीके से काम करना जानती हैं। कुछ महिलाएँ इस उम्र कर शादी नहीं करती लेकिन कुछ महिलाएं शादी करना इस उम्र के बीच सही समझती हैं। जो लड़कियाँ शादी नहीं करती वो कहती है कि शादी के बाद करियर में ग्रोथ रूक जाती है। वहीं जो लड़कियाँ शादी कर लेती हैं, बहुत बार प्रोफेशनल करियर में वापसी की उम्मीद लगाए रहती हैं। ये दोनों ही निर्णय हमारे समाज की एकतरफा व्यवस्था का नतीजा ही है। आने वाले women;s Day के मौके पर जो लड़कियाँ काम से ब्रेक ले लेती हैं, उसके लिए क्या कुछ ऑप्शन्स हो सकते हैं, उनके लिए कैसे तैयारी करना है, आप इस आर्टिकल में जान सकती हैं।



क्यों होता है करियर में ब्रेक

करियर में ब्रेक लेना आज के समय में कोई असामान्य बात नहीं है, खासकर महिलाओं के लिए। शादी, बच्चों की देखभाल, परिवार की जिम्मेदारियाँ या स्वास्थ्य कारणों से बड़ी संख्या में महिलाएँ कुछ समय के लिए नौकरी से दूरी बना लेती हैं। एक अध्ययन के मुताबिक भारत में 70 से 80 प्रतिशत महिलाएं अपने करियर में किसी न किसी मोड़ पर ब्रेक लेती हैं। लेकिन यही ब्रेक आगे चलकर करियर में वापसी को चुनौतीपूर्ण बना देता है, अगर उसकी तैयारी सही ढंग से न की जाए।



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India’s Missing Women Workforce” — McKinsey Global Institute ने भारतीय कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी और गिरावट पर विस्तार से अध्ययन किया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि महिलाओं की भागीदारी कई विकसित और विकासशील देशों की तुलना में काफी कम है और इसके पीछे सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारण हैं। McKinsey की रिपोर्ट में यह भी दिखाया गया है कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व प्रारंभिक स्तरों पर बेहतर होता है लेकिन प्रबंधन और वरिष्ठ पदों तक आते-आते गिर जाता है जिससे करियर प्रगति और ब्रेक के बाद वापसी दोनों प्रभावित होते हैं।



वहीं International Labour Organization (ILO) की रिपोर्ट बताती है कि भारत में कई महिलाएँ श्रम बल में शामिल नहीं हो पाती हैं, खासकर परिवार और देखभाल कार्यों की वजह से। ILO के अनुसार, घर के काम और unpaid care responsibilities महिलाओं को कार्यबल से बाहर रखती हैं, जो करियर ब्रेक का एक बड़ा कारण है।



Periodic Labour Force Survey (PLFS) जैसे सरकारी सर्वेक्षण बताते हैं कि भारत में महिलाओं की श्रम भागीदारी दशक दर दशक बदल रही है और कई बार गिरावट के साथ बढ़ती हुई रुझान दिखती है। इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि करियर ब्रेक के बाद वापस काम में शामिल होने की दर पर असर होता है।



तैयारी के लिए हो जाएँ तैयार

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महिलाओं को करियर से ब्रेक लेना पड़ता है उनमें से ज्यादातर की वापसी नहीं हो पाती। किसी भी महिला के लिए ब्रेक लेना मजबूरी हो सकती है लेकिन ब्रेक के बाद पहले से ज्यादा मजबूती से करियर में वापसी करना आपका हक़ है। करियर में वापसी के लिए कुछ तैयारियाँ ज़रूरी हैं जिन्हें आप अपने ब्रेक के दौरान ही कोशिश करनी होगी।



आत्मविशवास को न गिरने दें- करियर ब्रेक के बाद सबसे बड़ी चुनौती आत्मविश्वास की होती है। लंबे समय तक प्रोफेशनल माहौल से दूर रहने के कारण कई महिलाएँ खुद पर शक करने लगती हैं। उन्हें लगता है कि उनकी स्किल्स पुरानी हो गई हैं या वे अब काम के लायक नहीं रहीं। ऐसे में सबसे जरूरी है खुद पर भरोसा बनाए रखना और यह समझना कि अनुभव और सीख कभी बेकार नहीं जाती। आत्मविश्वास ही करियर में दोबारा कदम रखने की पहली सीढ़ी है।



ख़ुद को रखें अपडेट- ब्रेक के दौरान भी सीखना और खुद को अपडेट रखना बहुत जरूरी है। आज तकनीक तेजी से बदल रही है, इसलिए ऑनलाइन कोर्स, वेबिनार, सर्टिफिकेशन और शॉर्ट ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए अपनी स्किल्स को अपग्रेड किया जा सकता है। इससे न सिर्फ ज्ञान बढ़ता है, बल्कि रिज़्यूमे में भी यह दिखता है कि आपने ब्रेक के समय का सही इस्तेमाल किया है।



नेटवर्क मजबूत बनाएं- नेटवर्किंग करियर में वापसी का एक अहम जरिया बन सकती है। पुराने सहकर्मियों, सीनियर्स और प्रोफेशनल कॉन्टैक्ट्स से संपर्क बनाए रखना चाहिए। सोशल मीडिया और प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म के जरिए नई संभावनाओं के बारे में जानकारी मिलती है। कई बार नौकरी के मौके औपचारिक विज्ञापन से पहले ही नेटवर्क के जरिए सामने आ जाते हैं।



रिज़्यूमे में रखें इमानदारी- रिज़्यूमे और इंटरव्यू की तैयारी भी ब्रेक के बाद खास ध्यान मांगती है। रिज़्यूमे में ब्रेक को छुपाने के बजाय ईमानदारी से बताना बेहतर होता है और यह भी समझाना चाहिए कि उस दौरान आपने क्या सीखा या कैसे खुद को बेहतर बनाया। इंटरव्यू में ब्रेक को कमजोरी नहीं, बल्कि अनुभव और जिम्मेदारी के रूप में पेश करना करियर में वापसी को आसान बना सकता है।



ध्यान में रखें ये अपडेट्स

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आज कई कंपनियाँ और संस्थान महिलाओं की वापसी को ध्यान में रखते हुए विशेष कार्यक्रम चला रहे हैं, जैसे रिटर्न-टू-वर्क, फ्लेक्सिबल वर्किंग, वर्क फ्रॉम होम और पार्ट-टाइम विकल्प। ये पहल महिलाओं को दोबारा करियर की मुख्यधारा से जुड़ने का मौका देती हैं। सही योजना, धैर्य और लगातार प्रयास के साथ करियर ब्रेक के बाद भी एक मजबूत और सफल वापसी संभव है।



जैसे- IIM अहमदाबाद का RECONNECT TO RETURN प्रोग्राम। यह प्रोग्राम महिलाओं को नेतृत्व, आधुनिक व्पापार कौशल और आत्मविश्वास डिवेलप करने में मदद करता है ताकि वे फिर से व्यावयासिक दुनिया में प्रवेश कर सकें। इसके अलावा बहुत प्राइवेट कंपनियाँ भी इसकी तरह के प्रोग्राम्स चलाती हैं। आप उनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर इस तरक के कार्यक्रम में हिस्सा लेकर फिर से अपना करियर ग्रो करने की शुरूआत कर सकती हैं।

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