Kids Education:बच्चों की पढ़ाई का ‘E-Jaadui Pitara’ मोबाइल और व्हाट्सऐप से सीखना अब और आसान
क्या है e-Jaadui Pitara: जब कोई बच्चा स्कूल जाना शुरू करता है तो स्कूलों के शिक्षक विषयों की जटिलता , पढ़ाई में एकाग्रता रखने में तकनीक का इस्तेमाल कर बच्चों को पढ़ा लेते हैं, लेकिन समस्या आती है स्कूल से घर आने के बाद। बहुत से अभिभावकों को तकनीकी युग में बच्चों की एडवांस पढ़ाई से मेलजोल करने में मुश्किल आती है या कहें वो इस मामले में चूक जाते हैं। इसलिए अभिभावकों की मदद के लिए AI-Boat लॉन्च किया गया है। क्योंकि अब बच्चों की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई के लिए न तो भारी-भरकम किताबों की ज़रूरत है और न ही महंगे कोचिंग की। एनसीईआरटी ने छोटे बच्चों, उनके माता-पिता और शिक्षकों के लिए एक खास डिजिटल पहल शुरू की है, जिसका नाम है ई-जादुई पिटारा (e-Jaadui Pitara)। यह एक मोबाइल ऐप और व्हाट्सऐप-आधारित AI चैटबॉट है, जिसे खासतौर पर 3 से 8 साल तक के बच्चों की सीखने की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
क्या है ई-जादुई पिटारा?
ई-जादुई पिटारा दरअसल बच्चों के सीखने-समझने का एक डिजिटल खजाना है। इसमें बच्चों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास से जुड़ी गतिविधियों (activities) का कंटेंट दिया गया है। इस ऐप के साथ-साथ एक AI-पावर्ड चैटबॉट भी है, जो माता-पिता और शिक्षकों को यह बताता है कि बच्चों के साथ घर या स्कूल में किस तरह की गतिविधियां कराई जाएं, ताकि पढ़ाई बोझ नहीं बल्कि खेल-खेल में सीखने का ज़रिया बने।
AI चैटबॉट कैसे करता है मदद?
ई-जादुई पिटारा का चैटबॉट व्हाट्सऐप और ऐप दोनों पर उपलब्ध है। इसका इस्तेमाल करना भी बहुत आसान है। सबसे पहले उपयोगकर्ता अपनी भाषा चुनता है, फिर उसे तीन AI किरदारों (Personas) में से किसी एक को चुनना होता है। अगर इसे इस्तेमाल करने की बात है तो स्मार्टफोन में ई-जादुई पिटारा ऐप डाउनलोड करें या व्हाट्सऐप चैटबॉट से जुड़ें।
तीन AI किरदार, तीन तरह की मदद
‘कथा सखी/Katha Sakhi’- यह किरदार बच्चों के लिए नई-नई कहानियां गढ़ने में मदद करता है। माता-पिता या शिक्षक अपनी बात के हिसाब से कहानी बनवा सकते हैं, जिससे बच्चों की कल्पनाशक्ति और भाषा कौशल बढ़ता है।
‘पैरेंट तारा/Parent Tara’- यह किरदार माता-पिता के लिए है। इसके जरिए वे जान सकते हैं कि घर पर बच्चों के साथ कौन-सी गतिविधियां कराई जाएं, जिससे उनका सीखना बेहतर हो और मोबाइल या टीवी की लत भी कम हो।
‘टीचर तारा/Teacher Tara’- यह किरदार शिक्षकों के काम का साथी है। इससे स्कूल में बच्चों के लिए रोचक और उम्र के मुताबिक सीखने की गतिविधियों के सुझाव मिलते हैं।
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खास बात यह है कि इसके लिए किसी तकनीकी जानकारी की ज़रूरत नहीं है। गाँव-कस्बों में रहने वाले माता-पिता भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्यों फायदेमंद है ई-जादुई पिटारा?
- मोबाइल और व्हाट्सऐप पर उपलब्ध, अलग व्यवस्था की ज़रूरत नहीं
- खेल-खेल में सीखने पर जोर, रटने वाली पढ़ाई से राहत
- माता-पिता की सीधी भागीदारी, बच्चा अकेला नहीं सीखता
- शिक्षकों के लिए मददगार, क्लास को रोचक बनाने में सहायक
- बच्चों के समग्र विकास—पढ़ाई, स्वास्थ्य और व्यवहार तीनों पर ध्यान
गाँव-देहात के लिए क्यों खास है यह पहल?
ग्रामीण इलाकों में अक्सर माता-पिता यह नहीं समझ पाते कि छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाया जाए। ई-जादुई पिटारा उन्हें सही दिशा दिखाता है। यह पहल यह बताती है कि बच्चों की पढ़ाई सिर्फ स्कूल की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि घर से ही उसकी शुरुआत होती है। कुल मिलाकर, ई-जादुई पिटारा बच्चों की शुरुआती शिक्षा को सरल, रोचक और सबके लिए सुलभ बनाने की एक नई कोशिश है, जिसमें तकनीक को डर नहीं, दोस्त की तरह इस्तेमाल किया गया है।