Integrated Teacher Education Programme के ज़रिए शिक्षक बनना चाहते हैं तो NCET क्लियर करना अनिवार्य, पढ़ें पूरी डिटेल
जो भी छात्र भविष्य में शिक्षक बनने की पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए अब नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET) बहुत अहम हो गया है। Academic Session 2026–27 से 4-Year Integrated Teacher Education Programme (ITEP) में दाख़िला लेने के लिए NCET पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। यानी अब बिना इस परीक्षा में क्वालिफाई किए किसी भी छात्र को इस चार साल के इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन कोर्स में प्रवेश नहीं मिलेगा।
NCET एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके ज़रिए 4-Year Integrated Teacher Education Programme (ITEP) में दाख़िला मिलेगा। इस परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) करती है, जो देशभर में पारदर्शी, निष्पक्ष और मानक आधारित परीक्षाएँ कराने के लिए जानी जाती है। NTA का उद्देश्य यही है कि छात्रों की योग्यता सही तरीके से परखी जा सके और किसी तरह की गड़बड़ी या भेदभाव की गुंजाइश न रहे।
क्या है NCET?
Integrated Teacher Education Programme (ITEP) एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) कराती है। इस परीक्षा के ज़रिए शिक्षक बनने की पढ़ाई में एक समान और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जा रही है। अब अलग-अलग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की अलग प्रवेश परीक्षाओं की जगह, एक ही परीक्षा के आधार पर छात्रों को दाख़िला मिलेगा।
4 साल का है ये कौर्स
ITEP कोर्स की खास बात यह है कि इसमें ग्रेजुएशन और टीचर ट्रेनिंग की पढ़ाई एक साथ कराई जाती है, जो चार साल में पूरी होती है। इससे छात्रों को शुरुआत से ही शिक्षण पेशे की ट्रेनिंग मिलती है और उन्हें शिक्षक बनने के लिए अलग-अलग कोर्स करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
Academic Session 2026–27
ITEP कोर्स में एडमिशन लेने के लिए NCET पास करना अनिवार्य होगा। यानी अब अलग-अलग कॉलेजों या विश्वविद्यालयों की अलग प्रवेश परीक्षाओं की बजाय, एक ही परीक्षा के ज़रिए दाख़िला मिलेगा। ITEP कोर्स की खास बात यह है कि इसमें ग्रेजुएशन और टीचर ट्रेनिंग की पढ़ाई एक साथ चार साल में पूरी हो जाती है। इससे छात्रों का समय भी बचेगा और उन्हें शुरू से ही शिक्षक बनने की प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिल सकेगी।
कहाँ ले सकते हैं दाखिला
NCET के ज़रिए देश के कई प्रमुख संस्थानों में दाख़िला दिया जाएगा, जिनमें Central और State Universities के साथ-साथ IITs, NITs, RIEs और सरकारी कॉलेज शामिल हैं। इससे छात्रों को एक ही परीक्षा के ज़रिए देशभर के संस्थानों में पढ़ने का मौका मिलेगा।