Farmer ID : खेती किसानी संबंधी योजना का लेना है लाभ! फार्मर ID अनिवार्य- शिवराज सिंह चौहान
किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए अब Farmer ID को अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं में अब Farmer ID का उपयोग किया जाएगा, जिससे किसानों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
DBT, MSP और उर्वरक वितरण में होगी आसानी
सरकार की Direct Benefit Transfer (DBT) योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता राशि अब सीधे Farmer ID से जुड़ी होगी। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद और उर्वरकों की उपलब्धता भी इसी आईडी के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
Farmer ID लागू होने के बाद किसानों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैंक से लोन लेना हो या किसी योजना का लाभ उठाना—सभी सेवाएं एक ही पहचान के जरिए उपलब्ध होंगी। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।
Farmer ID कैसे बनवाएं? (Registration Process)
किसान आसानी से Farmer ID के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए जा सकते हैं:
1. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
- राज्य सरकार या कृषि विभाग के पोर्टल पर जाएं
- “Farmer Registration” या “Farmer ID” विकल्प चुनें
- आधार नंबर, मोबाइल नंबर और जमीन से जुड़ी जानकारी भरें
- OTP के जरिए सत्यापन/Verification करें
- सभी जानकारी सबमिट करने के बाद Farmer ID जनरेट हो जाएगी
2. CSC या जन सेवा केंद्र के माध्यम से
- अपने नजदीकी CSC (Common Service Center) पर जाएं
- वहां ऑपरेटर को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और जमीन के दस्तावेज दें
- ऑपरेटर आपकी जानकारी सिस्टम में दर्ज करेग
- सत्यापन के बाद आपकी Farmer ID बना दी जाएगी
3. कृषि विभाग/लेखपाल की मदद से
- गाँव में तैनात लेखपाल या कृषि अधिकारी से संपर्क करें
- जरूरी दस्तावेज जमा करें
- वे आपकी Farmer ID बनवाने में मदद करेंगे
- किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
- जमीन के कागजात (खसरा/खतौनी)
- बैंक खाता विवरण
डिजिटल कृषि की ओर बढ़ता कदम
यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Farmer ID के जरिए किसानों का डेटा एकीकृत होगा, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी संभव हो सकेगी। सरकार का मानना है कि Farmer ID के लागू होने से फर्जीवाड़े और बिचौलियों की भूमिका कम होगी। सही लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचेगा, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।