UP में पान, आम और आलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर, Roof Top Gardening योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश

Gaon Connection | Mar 09, 2026, 17:25 IST
उत्तर प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में नई पहल की जा रही है। पान और आम की खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे किसानों को वित्तीय मदद मिलेगी। रायबरेली में एक विशेष पान प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना होगी, जबकि आम की गुणवत्ता में सुधार के लिए विशेष मैंगो बैग वितरित किए जाएंगे। साथ ही कृषि क्षेत्र को लेकर भी कई सारी योजनाएं लाने के निर्देश बैठक में लिए गए।
<p>मंत्री दिनेश प्रताप सिंह की बैठक<br></p>

Lucknow में उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक में उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Dinesh Pratap Singh ने पान और आम के उत्पादन को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी औद्यानिक विकास योजनाओं के लक्ष्य समय पर पूरे किए जाएँ, ताकि किसानों को इनका अधिक से अधिक लाभ मिल सके।



बैठक में एकीकृत बागवानी विकास मिशन, ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ माइक्रो इरीगेशन योजना, गंगा तटीय क्षेत्रों, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्रों में बागवानी विकास, फलपट्टी विकास, पान उत्पादन प्रोत्साहन योजना और अनुसूचित जाति व जनजाति किसानों के लिए चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही राजकीय पौधशालाओं में पौध उत्पादन और हाईटेक नर्सरी के संचालन को भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।



रायबरेली में बनेगी पान प्रोसेसिंग यूनिट

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में पान उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को आगे आना चाहिए। इसके लिए Raebareli में पान की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे पान उत्पादकों को बेहतर बाजार और मूल्य मिल सकेगा।



आम उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष योजना

बैठक में आम के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी विशेष प्रयास करने की बात कही गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी सीजन में अधिक से अधिक मैंगो बैग किसानों को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि आम की गुणवत्ता बेहतर हो और उत्पादन भी बढ़ सके।



शहरों में बढ़ेगी रूफ टॉप गार्डेनिंग

सरकार शहरी क्षेत्रों में भी बागवानी को बढ़ावा देने की योजना बना रही है। मंत्री ने रूफ टॉप गार्डेनिंग योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। इसके तहत चयनित जिलों में विपणन केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां बागवानी से जुड़ी सामग्री और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे शहरों में रहने वाले लोग भी छतों पर बागवानी कर सकेंगे।



बैठक में प्रदेश के राजमार्गों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने के निर्देश भी दिए गए। उद्यान विभाग को इसके लिए विशेष योजना बनाकर काम करने को कहा गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हरियाली भी बढ़ सके।



आलू किसानों के लिए बनाई गई विशेष व्यवस्था

बैठक में प्रदेश में आलू के संभावित अच्छे उत्पादन और शीतगृहों में भंडारण की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों को आलू के भंडारण और विपणन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और राज्य के किसानों का एक भी आलू बिना भंडारण या बाजार के नहीं रहना चाहिए।



किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश स्तर पर एक आलू नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। यहाँ से आलू की खुदाई, भंडारण और बाजार भाव की निगरानी की जाएगी। किसान किसी भी समस्या के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0522-4235733 पर संपर्क कर सकते हैं।



योजनाओं का होगा व्यापक प्रचार

मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि उद्यान विभाग की सभी योजनाओं का सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठा सकें। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से प्रदेश में बागवानी क्षेत्र का विस्तार होगा और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

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