Fog/Smog: मार्च में गर्मी के बीच क्यों दिख रहा उत्तर-प्रदेश में कोहरा? जानिए वैज्ञानिक कारण

Preeti Nahar | Mar 10, 2026, 12:22 IST
Image credit : Gaon Connection Network
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिन में जहां पारा 33 से 35 डिग्री तक पहुंच रहा है, वहीं सुबह हल्का कोहरा छा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह रेडिएशन फॉग है जो तापमान में बड़े अंतर, नमी और धीमी हवा की गति के कारण बन रहा है।
मार्च में कोहरा या प्रदूषण?

उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में इन दिनों अजीब मौसम देखने को मिल रहा है। दिन में तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, लेकिन सुबह के समय कई जगहों पर हल्का कोहरा या धुंध दिखाई दे रही है। आमतौर पर कोहरे को सर्दियों से जोड़ा जाता है, इसलिए मार्च में गर्मी के बीच इसका दिखना लोगों को हैरान कर रहा है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. यस एन सुनील पांडेय के अनुसार इसके पीछे कई वैज्ञानिक और मौसम संबंधी कारण हैं, जिनमें तापमान का उतार-चढ़ाव, नमी और हवा की गति अहम भूमिका निभा रही है।



सोशल मीडिया पर लोग अपने इलाकों की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। जिसमें कोहरा साफ दिखाई दे रहा है।ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि ये कोहरा है या स्मॉग?और ऐसे मौसम का अचानक से आने का कराण क्या है? देखें वीडियो-



इसी को डिटेल में समझा रहे हैं मौसम विशेषज्ञ डॉ. यस एन सुनील पांडेय।



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क्या है रेडिएशन फॉग (Radiation Fog)?

सबसे बड़ा कारण रेडिएशन फॉग (Radiation Fog) माना जा रहा है। मार्च के महीने में दिन के समय तेज धूप के कारण जमीन काफी गर्म हो जाती है और हवा में नमी भी बढ़ जाती है। लेकिन रात में जब आसमान साफ रहता है तो धरती अपनी गर्मी तेजी से अंतरिक्ष में छोड़ देती है। इससे जमीन के पास की हवा अचानक ठंडी हो जाती है। ठंडी हवा में नमी टिक नहीं पाती और वह छोटी-छोटी पानी की बूंदों में बदलकर कोहरे या धुंध का रूप ले लेती है। यही वजह है कि सुबह के समय हल्का कोहरा दिखाई देता है, जो सूरज निकलने के बाद जल्दी छंट जाता है।



दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर

मौसम में दिन और रात के तापमान का बड़ा अंतर भी कोहरा बनने की एक अहम वजह है। इन दिनों दिन में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है, जबकि रात में यह गिरकर 15 से 18 डिग्री तक आ जाता है। तापमान में यह बड़ा अंतर वातावरण में अस्थिरता पैदा करता है, जिससे सुबह के समय नमी संघनित होकर धुंध या कोहरे का रूप ले लेती है।



हवा की गति हो रही धीमी

इसके अलावा मार्च के महीने में सक्रिय रहने वाले पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में नमी लेकर आते हैं। जब यह नमी रात की ठंडी हवा के संपर्क में आती है तो कोहरा बनने की संभावना बढ़ जाती है। अगर उसी समय हवा की गति भी बहुत कम हो, तो यह कोहरा सतह के पास ही जमा रहता है और सुबह के समय साफ दिखाई देता है। डॉ. यस एन सुनील पांडेय के अनुसार हवा की कम गति भी कोहरा बने रहने का एक बड़ा कारण है। जब हवा बहुत धीमी होती है या लगभग शाँत रहती है, तो नमी और धुंध आसानी से फैल नहीं पाती और जमीन के पास ही जमा हो जाती है।



हवा में बढ़ रहा है प्रदूषण

एक और अहम कारण प्रदूषण के कण भी हैं। हवा में मौजूद धूल और धुएं के सूक्ष्म कण नमी को जमा होने के लिए आधार प्रदान करते हैं। इन कणों पर नमी जमकर छोटे-छोटे कण बनाती है, जिससे कोहरा और ज्यादा घना दिखाई दे सकता है। कई बार यही स्थिति स्मॉग जैसी भी लगती है। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि मार्च में इस तरह का हल्का कोहरा असामान्य नहीं है, खासकर तब जब दिन में गर्मी और रात में ठंडक बनी रहती है। हालांकि सूरज निकलने के बाद तापमान बढ़ने से यह कोहरा जल्दी छंट जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में भी मौसम के इसी तरह बदलते रहने की संभावना है, इसलिए लोगों को सुबह के समय यात्रा करते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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