वैश्विक संकट के बीच खाद-बीज कालाबाजारी पर सख्त हुई सरकार, कहा फार्मर आईडी निर्माण की प्रक्रिया हो तेज
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वैश्विक संकट के बीच भारतीय कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को 'फार्मर आईडी' के काम में तेजी लाने और खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही, बीज सुखाने के लिए जरूरी गैस और पैकेजिंग सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने निवास पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक का मुख्य मकसद मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारतीय कृषि और किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। साथ ही, आने वाले खरीफ सीजन के लिए पुख्ता तैयारी करना भी एजेंडे में था। बैठक में श्री चौहान ने कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि संकट के समय सरकार को आगे बढ़कर काम करना होगा।
'फार्मर आईडी' से पारदर्शिता और उर्वरक आपूर्ति पर जोर
बैठक में उर्वरकों (फर्टिलाइजर) की सुचारू और सही ढंग से आपूर्ति पर खास ध्यान दिया गया। श्री चौहान ने अधिकारियों को 'फार्मर आईडी' बनाने की प्रक्रिया को तेज करने का आदेश दिया। उनका मानना है कि इससे खाद वितरण में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले पर जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ा प्रहार
वैश्विक संकट का फायदा उठाकर खाद और बीजों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकारों को भी इस दिशा में कड़े कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
बीज उत्पादन और पैकेजिंग की चिंता
बैठक में सीड्स (बीज) को सुखाने के लिए आवश्यक गैस और एग्रो-केमिकल्स की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। कृषि मंत्री श्री चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक संकट के चलते पैकेजिंग सामग्री, खासकर दूध और अन्य कृषि उत्पादों के लिए, की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों से तालमेल बिठाने के निर्देश दिए।
'विशेष सेल' का गठन, हर हफ्ते रिपोर्ट
कृषि क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखने के लिए एक 'विशेष सेल' (Special Cell) का गठन किया गया है। यह सेल खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता के बारे में हर हफ्ते केंद्रीय कृषि मंत्री को रिपोर्ट देगा। बैठक के अंत में श्री चौहान ने दोहराया कि सरकार किसानों को हर संभव संसाधन समय पर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।