उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान, डिप्टी सीएम और कृषि मंत्री ने किया हवाई सर्वे, किसानों को जल्द मिलेगी राहत
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गुरुवार को बेमौसम बारिश और चक्रवात से प्रभावित बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, फतेहपुर, उन्नाव और लखनऊ जिलों का हवाई निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया।
प्रभावित किसानों को जल्द राहत
राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक हाल ही में हुई भारी बारिश, तेज हवाओं और चक्रवाती गतिविधियों के कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इसको देखते हुए सरकार ने नुकसान का त्वरित आकलन शुरू कर दिया है, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द राहत दी जा सके।
हवाई सर्वे के दौरान डिप्टी सीएम और कृषि मंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव सहायता, जिसमें आर्थिक मदद भी शामिल है, उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फसलों के नुकसान का सटीक और विस्तृत सर्वे करें, ताकि राहत वितरण में किसी तरह की देरी न हो।
अधिकारियों को सर्वे प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
सर्वे के बाद आजमगढ़ और फतेहपुर में समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, कृषि विभाग के उप निदेशक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में फसल नुकसान के आकलन की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को सर्वे प्रक्रिया तेज कर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके।
भीगी फसल के लिए जरूरी उपाय
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि यदि खेत में खड़ी फसल भीग गई है तो उसे एक-दो दिन सूखने का मौका दें। यदि कटाई के बाद फसल खेत में पड़ी है, तो पानी जमा न होने दें या बोझा बांधकर खड़ा कर दें। खलिहान में रखी भीगी फसल को खोलकर धूप और हवा लगने दें, ताकि वह जल्दी सूख सके और फिर मड़ाई करें।